पटना धमाके क ततीश पर लगा सवलया नीशान ,जांच ajensiyon के पल पल बदलते दावे ।Patna bomb dhamake ki taftish par sawaliya nishan ,janch agebsiyon ke pal pal badalte dawe. Janch agensiyon ne patna aur bodh geya dhamaaka mamle ko hal karne ka dawa karte huye kaha ke dono dhamaake indian mujahedin ne hee karaye the . dono maamle mein ranchi ke imtiyaaj ansari aur unke saathiyo ka aham kirdaar tha magar janch agensiyan khastaur se NIA duniya ko bataye ke 21October 2013 ko khabar aai ke NIA ne bodh geya dhamaka mamle ko hal kar liya hai .khabar mein ye bhi bataya geya tha ke wardaat mein geya ke asthaniye logo ke shaamil hone ke pukhta sabut mile the,sajish ke taar patna se jude hone ki baat bhi saamne aai thi , media ne NIA ke hawale se ye bhi dawa kiya tha ke giraftaar logon ke beyano ki buniyad par janch agensiyan ek do dino mein mastermind tak pahuch jayegi. ye uprokt dawa tha NIA ka jo patna serial blast ke pahle kiya geya tha , sawal ye uthne laga hai ke aakhir aisa keya aur keyon hua ke patna blast ke baad pahle ke dawe kharij ho gaye,aur imtiyaj ansari aur uske doston ke taar bodh geya dhamake se bhi jud gaye , is sawal ka jawab na sirf NIA ko dena hoga balke bihar police ko bhi, jisne pichle dino dono dhamakon ke liye jimmedar IM ko karar dete media ke saamne najar aaye.keyonke uprokt dono khulaason me aasmaan aur jamin ka fark hai. ( rashtriye sahara urdu dinanak .8/11/2013)
Patna serial blast mamle mein All india imams council ne ki Bjp neta magal panday ke dawe ki high level inquiry ki mang.(पटना सीरयल लाट म आल इंिडया इमास कसल ने क बीजेपी नेता मंगल पांडे के दावे क उच ये
All india imams councilu ke vice president janaab mahbub alaam ne press release jari kar kaha hai ke 27 October ko patna ke gandhi maidaan aur patna junction par huye bomb dhamakon mein 6 qimatiq jaane chali gayin iska afsos hai aur behad dukh bhi . unhon ne apne beyaan me ye bhi kaha hai ke ye bomb dhamaake seyasi maalum padte hain ,aur aisa malum hota hai ke ye sab bahut badi sonch samjhi sajish ke tehat karai gai ho .lekin bahut he afsos ke saath kahna parta a hai ke janch agensiyan aur khufiya agensiyan apne seyaasi aqaaon ko khus karne ke liye jaanch ki disha ko galat rukh de di hai. afsos to tab hota hai ke desh ki sabse imandaar agensi bhi reyaasti agensiyon ki raah par he chal padi hai , iska jita jaagta jagta mishaal mehar alam ke saath desh ki sabse imaandar atankwad nirodhak daste ke jariye barti gai rawaiya hai , jisne aam desh wasiyon ko bahut kuch sonchne ke saath he tarah ke sawal uthaane ka mauka de diya hai.mehar alam se NIA 23 October 2013 se he puch tachh kar rahi thi , puch taach ke dauran ghar walon ne torture kiye jaane ka iljaam bhi lagaya hai,sawal paida hota hai ke jab mehar alam janch agency ke sampark mein pahle se tha ,janch agenciyon ki madad kar raha tha jaisa media report ke hawaale se is sambandh mein khabre aati rahi hai ,aisi surat mein torture ka keya matlab nikalta hai? janch agensiyon pe sawal uthane ke liye ye kaafi nahi ke mehar alam ki pahle puch taach ke liye giraftaari hoti hai,fir farari hoti hai aakhir aisa keyon hua? NIA is baat ka bhi jawaab de ke mehar alam kahan hai,kis haal mein hai? janch agensiyan is baat ka bhi jawab de ke jab mehar alam ke phone pe pahle se hee najar rakhi jaa rahi thi,aur 23,October 2013 ko puchh tach bhi geya blast mein chal rahi thi,aur mehar alam patna blast ke aropiyon ke shayogi bataye jaate hain aisi surat mein patna ke gandhi maidan aur patna junction pe atankwadion(दहशतगदं ) ne blast karne mein kamyaabi kaise hasil karli ? keyon nahi jach agensiyan blast hone se pahle hee maamle ka khulasa kiya taake masumon ki jaane bach jatin,magar is maamle mein aisa nahi hua,aur aisa nahi hona hee abtak ki jaanch aur tarah tarah ke daawe aur khulase par sawaliya nishan lagaane ke liye keya kafi nahi hai?
मेहर आलम को इन्साफ नहीं मीला तो उसके पीता करेंगे आत्मदाह । देश की सबसे बड़ी आतंकरोधी जांच एजेंसी पे ही उठ खड़े हुए सवाल?
मेहर आलम को इन्साफ नहीं मीला तो उसके पीता करेंगे आत्मदाह । देश की सबसे बड़ी आतंकरोधी जांच एजेंसी पे ही उठ खड़े हुए सवाल? कहीं ये ghinauni खेल राजनितिक दबाव में तो नहीं हो रहा ,एक साथ दो मशहूर आतंकवादी घटनाओं के असल दहशतगर्दों को बचाने का खेल? मीशालें एक नहीं दर्जनों हैं। चाहे इशरत जहाँ फर्जी एनकाउंटर का हो या ajmersharif धमाका का । या समझौता express blast कांड ऐसे उदाहरणों की कमी नहीं। इन घटनाओं ने साबित कर दिया था के एक पढ़ा लीखा सरीफ इंसान और officers भी ऐसा कर सकता ,वह भी जिसने insaaniyat और manauta की raksha करने की कसम खाई हो?और उसी के नाम पर घर के चीराग जल रहे हों। लेकीन सवाल पैदा होता है के क्या गया और पटना ब्लास्ट मामले में भी पूर्व की तरह वही गंदी खेल चल रहा ? media के जरीये आ रही report अछ्छे संकेत नहीं दे रहे ।बहर हाल पेश है दुनिया के सामने urdu dainik qaumi tanzeem डेटेड 3/11/2013 की report.........
हया घाट, दरभंगा (wishwanaath chaudhri)
मेहर आलम की बुनीयादी तालीम गाँव के ही urdu primary school हुई ।lahariya सराए मदरसा से हाफीज की पढ़ाई 15 साल की उम्र में पूरी की। हाफीज की पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद दरभंगा से ही आई टी आई fitter trade में हासिल की । उसके बाद मेहर आलम आम लोगों की तरह नोकरी की तलाश में देहली गया । उसकी khaahish थी के बड़े भाई के पास सऊदी जाकर कमाई कर सके और घर की गरीबी दूर करने में हाथ बटाए..... इसी बीच 23 अक्टूबर 2013 को एन आई ए ने मेहर आलम को दरभंगा बुलाया और कुछ घंटे पूछ ताछ के बाद उसे छोड़ दीया।एन आई ए के अफसर ने कहा के जरुरत पड़ने होने पर उसे दुबारह बोध गया स्थित एन आई ए कैंप में आना होगा ।बाद में गया के बदले पटना बुलाया गया , चुनानचे वह बेला खौफ और गाँव के कुछ pratishthit लोगों के साथ पटना के लीये नीकला । पीता महबूब आलम के मुताबीक पटना जाने से कबल एन आई ए के एक अफसर के साथ बात हुई ,जीसमें कहा गेया के उनका एक आदमी incom tax चौराहे पर पहुँच रहा है ।कुछ देर के बाद -BR1AB3201 नम्बर की मोटर साईकल से समीर नाम का एक नौजवान आया , जिससे बात करने पर मेहर आलम ने अपने पीता को बताया के दरभंगा में पूछ ताछ के वक़्त ये नौजवान्भी मौजूद था ।मेहर के वालीद से उस नौजवान ने कहा के आप लोग घर चले जाएँ ,मेहर आलम को एक दीन बाद घर पहुंचा दीया जाएगा ।लेकीन 72 घंटे के बाद भी मेहर आलम का कुछ पता नहीं चल रहा था ,दो दीन स ेमेहर मेहर आलम का मोबाइल भी बंद था।उसके वालीद ने बताया के एन आई ने बताया के एन आई ए के एक अफसर पीटर ने मोबाइल नंबर -09650245743 से फोन कर मेहर आलम से बात कराया ।मेहर आलम ने बताया के खाना पीना मील रहा कोई परीशानी नहीं है ,और 30 अक्टूबर 2013 को सुबह् में घर चला आऊंगा । जब 30/10/13 को सुबह में बात करने की कोशीश की गई तो उसका नंबर ऑफ था । इधर शाम सात बजे पिता ने पीटर से बात की तो उसने बताया के मेहर आलम भाग गया है ,अगर घर आये तो फोन करना ।और पीता महबूब आलम की मानें तो उसका बेटा बेक़सूर है , और कीसी बड़ी सजीश के तेहत उसे फंसाया जा रहा है ।उनहोंने मेहर आलम के क़त्ल का भी संदेह जताया है । साथ ही ये भी कहा है के अगर इंसाफ नहीं मिला तो आत्मदाह कर लूँगा ,दूसरी तरफ मेहर की माँ का रोते रोते बुरा हाल है , वह न कुछ कह पातीं हैं और न ही कुछ बोल पातीं हैं ,बस एक ही बात मेहर को कोई फंसा रहा है । सीधौली समेत अगल बगल के गाँव में दहशत का माहौल है।
(urdu dainik qaumi tanzeem , patna .dated- 3/11/13)
अरशद के बूढ़े माँ बाप समेत गाँव वालों ने एक सुर में कहा अर्शद बेकसूर
अशद के बूढ़े माँ बाप समेत गाँव वाल ने एक सुर म कहा अरशद बेगुनाह
पटना लाट के मुख आरोपी इतेयाज अंसारी के साथ संबंध के कारण जांच के दाएरे म अरसद के बुढ़े माता िपता सहीत गाँव वाल ने कहा अशदबेगुनाह।मोतीहारी(अकल मुताक) -बूढ़े बाप मुतकमने कहा...armyके जवान कसेवाम उनकउमर गुजरीहै ।अपनी इमानदारीक कमाईसे अपने बचको तालीमदेने के अलावाकुछनहिकया ।उनकाबेटा संदेहापदकरदारकानहहोसकता।ऊपरवाले से पूरीउमीदहै के जाँच म उनका बेटा बेक़सूर साबीत होगा,army क बेहतर सेवा के लीए कई बार army के अफसर ने संशा प से नवाजा है। माँ ने कहा ? माँ अलीमा ने कहामेरा बेटा मासूम । गाँव वाल ने कहा के बचपन से उसक सेराफत देखते आये ह ,जो आरोप लगरहे उसपे हम लोगको यकन नह हो रहा , ऐसे म उसको लेकर जीस तरह क खबर अखबार म prakashit हो रही उससे हम लोग को तकलीफ होती है, हाँ शादी क बात रांचीम चल रहीथी ,शादीको लेकरहीरांचीके कुछ लोगसे उसकबात होतीथी।खैरहकक़तजो भीहोलेिकन police रांचीबािशंदाइतयाज से अशदके संबंधकपुीकरतीहै। urdu dainik , qaumi tanzeem , dated- 2/11/2013
पटना लाट के मुख आरोपी इतेयाज अंसारी के साथ संबंध के कारण जांच के दाएरे म अरसद के बुढ़े माता िपता सहीत गाँव वाल ने कहा अशदबेगुनाह।मोतीहारी(अकल मुताक) -बूढ़े बाप मुतकमने कहा...armyके जवान कसेवाम उनकउमर गुजरीहै ।अपनी इमानदारीक कमाईसे अपने बचको तालीमदेने के अलावाकुछनहिकया ।उनकाबेटा संदेहापदकरदारकानहहोसकता।ऊपरवाले से पूरीउमीदहै के जाँच म उनका बेटा बेक़सूर साबीत होगा,army क बेहतर सेवा के लीए कई बार army के अफसर ने संशा प से नवाजा है। माँ ने कहा ? माँ अलीमा ने कहामेरा बेटा मासूम । गाँव वाल ने कहा के बचपन से उसक सेराफत देखते आये ह ,जो आरोप लगरहे उसपे हम लोगको यकन नह हो रहा , ऐसे म उसको लेकर जीस तरह क खबर अखबार म prakashit हो रही उससे हम लोग को तकलीफ होती है, हाँ शादी क बात रांचीम चल रहीथी ,शादीको लेकरहीरांचीके कुछ लोगसे उसकबात होतीथी।खैरहकक़तजो भीहोलेिकन police रांचीबािशंदाइतयाज से अशदके संबंधकपुीकरतीहै। urdu dainik , qaumi tanzeem , dated- 2/11/2013
patna blast ka gujrat connection taftish ki darkaar
पटना ब्लास्ट का गुजरात कनेक्शन
पटना के इतिहासिक गाँधी मैदान में भारतीय जनता पार्टी की हुँकार रैली के दौरान होने वाले आठ सिलसिलेवार बम धमाके के बाद इसकी तफ्तीश राष्ट्रीय जांच एजेंसी अथवा एन आई ए के सुपुर्द किये जाने के फैसले को बेला सुबह सही दिशा में उठाया गया एक सही क़दम करार दिया जायेगा । कयोंके एन आई ए इस तरह के मामलात और वक़ेआत की जाँच परताल में काफी महारत और तजरबा रखती है; लेकिन इन बम धमाकों को लेकर जिस तरह की बयानबाजी और सियासी गुटबंदी शुरू हो गई है उसको देखते हुए ये शक पैदा होता है के जाँच एजेंसी शायद ही कीसी सही नतीजे पर पहुच सके । ऐसे तो स्थानिये पुलिस ने ही धमाके के दिन ही यानी इतवार को पटना जंक्शन पर जख्मी हालत में इम्तेयाज अंसारी और tarique को गिरफ्तार करने के बाद इस मामले में संलीप्त कथीत इंडियन मुजाहेदीन के 6 कथित लोगों की निशानदेही करने में कामयाबी हासिल करने का दावा किया है ' लेकिन इन गिरफ्तारियों और बम धमाकों की नौइयत और उद्द्येशों को लेकर विभिन स्थानिये अख्बारात के पन्नो और टेलीविज़न चैनलों पर जो details पेश की जाती रही हैं उनको पढ़ने और सुनने के बाद बिहार पुलिस के दावे में कई तरह के वीरोधाभासी बातों का पता चल रहा है । हालाके मंगल को रांची में एन आई ए के अलावा पटना पुलिस ; बिहार पुलिस और रांची पुलिस की टीम ने तहसीन ; हैदर ; नोमान ; और तौफीक की तलाश में कई जगह छापे मारी लेकिन उसको कोई कामयाबी नहीं मिली। एन आई ए के मुताबिक़ पटना के गाँधी मैदान में हुए बम धमाकों में indian mujahedin के जिस दहशतगर्द का हाथ होने का साबुत मिल रहा है वह बिहार में समस्तीपुर जिला के कल्यानपुर थाना के मन्यारपुर गाँव का रहने वाला तहसीन उर्फ़ मोनू है ' जो आई एम् मास्टरमाइंड यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद से इस तंजीम को सरगना की हैसियत से चला रहा है । तहसीन की गिरफ्तारी पर एन आई ए ने दस लाख रूपये का नक़द इनाम का एलान कर रख्खा है लेकिन वह अपनी चालाकी से अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा है । जांच एजेंसियों का कहना है के tarique और इम्तियाज अंसारी ने अब तक पुलिस को जो सूचना उपलब्ध कराई है उसकी बुनियाद पर ये वाजेह हो गया है के तहसीन ने ही इस बम धमाके का योजना तैयार किया था।ऐसे तो एन आई ए ,एन एस जी और बिहार पुलिस के अनेकों branch जैसे civil पुलिस के अलावा रेलवे पुलिस वगैरह भी इस सनसनीखेज वाकेया की तफ्तीश में शुरू दिन से ही लगी हुई है और कई कथित दहशतगर्दों की गिरफ्तारी का दावा भी किया जा रहा है और इन जेरे हिरासत दहशतगर्दों की तरफ से किये गए खुलासे के बुनियाद पर पुरे मामले की जांच में काबिले लिहाज पेश्रफ्त का एलान भी सामने आ रहा है लेकिन हैरत की बात ये है के बिहार का कोई भी आला पुलिस अफ़सर या एन आई ए का कोई जिम्मेदार इस बारे में खुल कर बात करने के लिए तैयार नहीं देखाई दे रहा है । आखीर इसकी वजह क्या है ?क्या इन तमाम जाँच एजेंसियों में कोई ताल मेल नहीं है? या फिर साड़ी एजेंसियां महज पुराने रेकॉर्डों के बुनियाद पर कुछ लीगों को पकड़ने में कामयाब हो गई हैं ?लेकिन उनको इस संगीन जुर्म से जोड़ने के लिए कोई ठोस बुनियाद या कोई ठोस साबुत तलाश करने में नाकाम रहीं हैं ? जैसा के मैंने पहले ही कहा के जांच agensiyon की अबतक की हसुल्याबिओन की बाबत मीडिया में जो खबर आई हैं उसमें बहुत ही वीरोधाभास पाया जा रहा है । पटना के एस एस पी ने दावा किया था के इन बम धमाकों का मकसद खुद नरेंदर मोदी को निशाना बनाना नहीं था कयोंके सारे के सारे बम स्टेज से काफी दूर फीट किये गए थे , लेकिन कुछ अख्बारात में इंटेलीजेंस या जांच एजेंसियों के हवाले से खबर पेश की गई है के हमलावरों का असल मकसद नरेंदर मोदी को ही निशाना बना था और इन्तेहपशंदों ने इसके लिए काफी दिनों से प्लानींग कर रख्खी थी । report के मुताबीक इम्तियाज अंसारी ने जो जो इन्कसफात किये हैं उसके मुताबीक इन्तेहपशंदों ने मोदी के लिए मछली नंबर 5 का कोड फीक्स कर रख्खा था जबके शिवसेना के पूर्व chief बाल ठाकड़े के लिए मछली नंबर 1 कोड तैय कर रख्खा था । सवाल ये है के क्या इंडियन मुजाहेदीन के ये कथीत दहशतगर्द hindustaan में रहते हुए इस हकीक़त से अनजान हैं के बाल ठाकड़े दुनिया से कब के वीदा हो चुके हैं? इसी तरह की खामियां हर report में नजर आये गी जिससे पता चलता है के ये सारी की सारी report फर्जी और मनगढ़ंत हैं जिसको प्रकाशित करने का मकसद एक विशेष समुदाय के खेलाफ गलतफहमियां फैलाना और समाज में सम्पर्दैकता की हवा देना है । वैसे मेरा खेयाल है के रा सरकार को कोंग्रेस के उन दो बड़े leaders दीग वीजय सींह और सुबोध कांत सहाए के उस बयान पर धेयान केंद्रीत करनी चाहीए ,जिसमे ये दावा किया गया है के भारतीय जनता पार्टी ने नरेंदर मोदी को हीरो बनाने के लिए ये धमाके कराये हैं । इस बयान का आधार क्या है ? इसकी गहराई से छानबीन होनी चाहिए ,हालाके अफ़सोस का मोकाम ये है के खुद जनता दल (यू )
के लीडर इस मामले में मुद्दई सुस्त और गवाह चुस्त वाली policy पर अमल कर रहे हैं । नरेंदर मोदी की हिफाजत के मामले में कोताही और लापरवाही बरतने का इल्जाम वजीरे आला नीतीश कुमार पर लगाया जा रहा है लेकिन सवाल ये है के मोदी की आमद से पहले गुजरात के कई आला पुलिस अफसर सारे हिफजती बंदोबस्त का खुद जाएजा लेने के लिए दो दिन पहले से ही पटना आये हुए थे और उसे ए टू जेड इन्तेजामात की निगरानी से मोकम्मल तौर पर वाबस्ता रहे थे , आखीर उनहोंने कहाँ कोताही बरती या उनसे कहाँ चुक हुई ? कहीं गुजरात के उन पुलिस अफ्सरोंने ही अपने सियासी आका के इशारे पर कुछ इस तरह की गड़बड़ तो नहीं करवादी थी ताके बी जे पी को नितीश कुमार और उनकी हुकूमत के खेलाफ प्रोपेगंडा करने के साथ साथ रियासत के अल्पसंख्यकों को बदनाम करने का एक अछ्छा हथीयार हाथ आ जाए ? गुजरात पुलिस वैसे भी फर्जी एनकाउंटर ,सम्पर्दाइक दंगों में अपनी संलिप्तता के लिए कुख्यात रही है । इसे महज इत्तेफाक नहीं करार दिया जा सकता के इस वक़्त गुजरात पुलिस के 30 छोटे बड़े अफसर विभिन तरह के दंगों के मामले में खुद अपने ही राज के विभिन जेलों में बंद हैं । फर्जी एनकाउंटर में मोदी के सियासी विरोधियों का सफाया करने और मासूम लोगों को कसूरवार और दहशतगर्द साबित करने के लिए नाजायेज हथियार और गोला बारूद उनके करीब प्लांट कर देने के अनेकों मामले में गुजरात पुलिस की संलिप्तता की बात प्रकाश में आ चुकी है ।वैसे भी मोदी ने नितीश कुमार को अपना सबसे बड़ा सियासी दुश्मन समझते हुए उनके खेलाफ जिस तरह की मोकम्मल सियासी जंग छेड़ रख्खी है इसमें वह किसी भी हद तक जा सकते है । काबिले गौर बात ये है के मोदी पार्टी सतह पर तो नीतीश कुमार के खेलाफ कट्टर विरोधी हैं ही ,उनसे उनकी दुश्मनी जाती नौइयत की भी हो गई है कयोंके मोदी की उमिद्वारी को लेकर नितीश कुमार ने ही बी जी पी से अपना नाता तोडा है ।नरेंदर मोदी पर इक्तेसादी और पुर तसद्दुद सेयासत करने का इल्जाम भी लगता रहा है , चुनान्चे मेरा खेयाल है के पटना बम धमाकों के गुजरात कनेक्शन की भी पूरी पारदर्शिता और गहराई के साथ छान बीन की जानी चाहीये । यहाँ पर ये बात भी गौर करने के काबिल है के पटना पुलिस के मुताबीक गाँधी मैदान में जो कई बम मीले हैं उस पोलीथीन पर गुजरात का पता लीखा हुआ है ।जांच एजेंसियां अभी तक वही पुरानी घिसी पीटी डगर पर अपनी तफ्तीश को आगे बढाने की कोशिश में लगीं हुई हैं जबके उन्हें गुजरात के उन तमाम पुलिस अफसरों से जो पटना आये थे सख्ती के साथ पूछ ताछ करनी चाहिए और ये पता लगानी चाहिए के गुजरात से कुछ दुसरे लोग भी किसी ख़ास मकसद के लिए पटना तो नहीं बोलाए गए थे ।मेरे खेयाल में जब तक इस मामले की हर पहलु से जांच नहीं की जायेगी उस वक़्त तक किसी सही नतीजे पर पहुंचना बहुत ही मुश्कुल होगा ।आम तौर पर देखा गया है के जब भी और जहां भी बम धमाके होते हैं जांच एजेंसियां एक ख़ास फ्रेम और सीमीत फ्रेम वर्क करके छोड़ देती है जिसके नतीजे में जेयादा तर मामले में बेक़सूर नौजवान ही कानून के शिकंजे में फंसते हैं और आरोपी साफ़ तौर से बच जाते हैं। (मसुदुल रब -urdu dainik pindaar पटना दीनांक 1/11/2013)
जाँच पे उठे सवाल ? क्या कोई जांच अधिकारी आरोपी के साथ नाश्ता पानी कर सकता है ?अगर नहीं तो इस मामले के जांचकर्ता के खेलाफ सरकार कौन सी कार्रवाई करने जा रही ?
जाँच पे उठे सवाल ? क्या कोई जांच अधिकारी आरोपी के साथ नाश्ता पानी कर
सकता है ?अगर नहीं तो इस मामले के जांचकर्ता के खेलाफ सरकार कौन सी
कार्रवाई करने जा रही ?
क्या जाँच है ?जाँच अधिकारी ने घोटालेबाजो संग नाश्ता पानी , मेजबानी का स्थल था , घोटाले के आरोप में घीरे मैट्रिक फेल झोला छाप डॉक्टर का दरवाजा. लोगों में चर्चा बन गया है यह नायाब जाँच का तरीका।
क्या है मामला ?पुरबी चंपारण के मनिछाप्रा पंचायत जो पुरबी चंपारण के कल्यानपुर प्रखंड के तेहत आता है। उपरोक्त पंचायत में रोड सोलिंग और पी सी सी के तेहत हुए कामो में भारी अनियेमित्ता की बात प्रकाश में आने के बाद- डी डी सी पुरबी चंपारण ने सीओ को जांच के आदेश 2 माह पूर्व ही दिए थे , तब से सीओ कल्यानपुर डी डी सी के आदेश की खिलली उड़ाते हुए वहां जाने से परहेज कर रहे थे. आशंका जताई जा रही है के जांचकर्ता आरोपियों संग पहले से ही मिली भगत किये हुए थे,इधर biharbroadcasting.com के जरिये पुरे मामले पर गहराई से नजर रख्खे हुए था ,
जब सीओ को लगा के पानी सर के ऊपर जा रहा , कहीं घोटालेबाजों के साथ देना महंगा न पर जाये , इसी बीच जाँच की जिम्मेदारी , डी डी सी ने दिनांक २३/१०/२०१३ एस डी ओ चकिया को थमा दिया . आशंका जताई जा रही के चकिया एस डी ओ ने जाँच खुद न करके जाँच के नाम पर खानापूर्ति करने हेतु पुनः सी ओ को ही थमा दिया। अगर ये सही है तो क्या सी ओ के किरदार को कितना दुरुस्त कहा जायेगा?
डी डी सी की बात पे यकीन किया जाये तो एस डी ओ बारा चकिया ने बहुत बड़ा झूठ बोला , कयोंके जब डी डी सी ने 23 /10 /2013 को सी ओ छुब्ध होकर एस डी ओ साहेब को जाँच की जिम्मेदारी जब सोंप चुके थे ,आज जब उनसे डी डी सी के बयान का हवाला देते हुए पूछा गया के डी डी सी ने उपरोक्त मामले की जाँच का जिम्मा सोंपा है उसका क्या हुआ ? उन्होंने साफ तौर से सफ़ेद झूठ बोलते हुए कह गए के किसी भी प्रकार का आदेश न टेलीफोनिक या पत्र के जरिये ही प्राप्त हुआ है , हाँ ऐंठते हुए इतना सलाह दे दिए की आर टी आई से सूचना प्राप्त कर सकतें हैं। जब जवाब में कहा गया के आर टी आई से सूचना तो नहीं मांगुगा अलबत्ता आपके कथनी को biharbroadcasting.com बगैर किसी एडिट के जरुर प्रकाशित करेगा , इतना कहना था के उन्होंने फोने काट दिया www.biharbroadcasting.com
क्या जाँच है ?जाँच अधिकारी ने घोटालेबाजो संग नाश्ता पानी , मेजबानी का स्थल था , घोटाले के आरोप में घीरे मैट्रिक फेल झोला छाप डॉक्टर का दरवाजा. लोगों में चर्चा बन गया है यह नायाब जाँच का तरीका।
क्या है मामला ?पुरबी चंपारण के मनिछाप्रा पंचायत जो पुरबी चंपारण के कल्यानपुर प्रखंड के तेहत आता है। उपरोक्त पंचायत में रोड सोलिंग और पी सी सी के तेहत हुए कामो में भारी अनियेमित्ता की बात प्रकाश में आने के बाद- डी डी सी पुरबी चंपारण ने सीओ को जांच के आदेश 2 माह पूर्व ही दिए थे , तब से सीओ कल्यानपुर डी डी सी के आदेश की खिलली उड़ाते हुए वहां जाने से परहेज कर रहे थे. आशंका जताई जा रही है के जांचकर्ता आरोपियों संग पहले से ही मिली भगत किये हुए थे,इधर biharbroadcasting.com के जरिये पुरे मामले पर गहराई से नजर रख्खे हुए था ,
जब सीओ को लगा के पानी सर के ऊपर जा रहा , कहीं घोटालेबाजों के साथ देना महंगा न पर जाये , इसी बीच जाँच की जिम्मेदारी , डी डी सी ने दिनांक २३/१०/२०१३ एस डी ओ चकिया को थमा दिया . आशंका जताई जा रही के चकिया एस डी ओ ने जाँच खुद न करके जाँच के नाम पर खानापूर्ति करने हेतु पुनः सी ओ को ही थमा दिया। अगर ये सही है तो क्या सी ओ के किरदार को कितना दुरुस्त कहा जायेगा?
डी डी सी की बात पे यकीन किया जाये तो एस डी ओ बारा चकिया ने बहुत बड़ा झूठ बोला , कयोंके जब डी डी सी ने 23 /10 /2013 को सी ओ छुब्ध होकर एस डी ओ साहेब को जाँच की जिम्मेदारी जब सोंप चुके थे ,आज जब उनसे डी डी सी के बयान का हवाला देते हुए पूछा गया के डी डी सी ने उपरोक्त मामले की जाँच का जिम्मा सोंपा है उसका क्या हुआ ? उन्होंने साफ तौर से सफ़ेद झूठ बोलते हुए कह गए के किसी भी प्रकार का आदेश न टेलीफोनिक या पत्र के जरिये ही प्राप्त हुआ है , हाँ ऐंठते हुए इतना सलाह दे दिए की आर टी आई से सूचना प्राप्त कर सकतें हैं। जब जवाब में कहा गया के आर टी आई से सूचना तो नहीं मांगुगा अलबत्ता आपके कथनी को biharbroadcasting.com बगैर किसी एडिट के जरुर प्रकाशित करेगा , इतना कहना था के उन्होंने फोने काट दिया www.biharbroadcasting.com
कल्यानपुर (पूर्वी चंपारण ) के अंचलाधिकारी को महंगा पर सकता है डी डी सी के आदेश को न मानने का मामला ,नप सकते हैं कल्यानपुर के अंचलाधिकारी , डी डी सी पुर्वी चंपारण ने दिए कार्रवाई के संकेत , डी डी सी के अनुसार मामले की जांच करेंगे चकिया एस डी ओ।
कल्यानपुर (पूर्वी चंपारण ) के अंचलाधिकारी को महंगा पर सकता है डी डी सी के आदेश को न मानने का मामला ,नप सकते हैं कल्यानपुर के अंचलाधिकारी , डी डी सी पुर्वी चंपारण ने दिए कार्रवाई के संकेत , डी डी सी के अनुसार मामले की जांच करेंगे चकिया एस डी ओ।
क्या है मामला ? पूर्बी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड के manichapra पंचायत के वार्ड नंबर 1 की रोड सोलिंग में भड़ी गड़बड़ी की बात प्रकाश में आई थी , जिसके बाद DDC पुर्बी चंपारण ने मामले की जिम्मेदारी अंचलाधिकारी कल्यानपुर को दिए , मगर सीओ कल्यानपुर लगभग 2 माह से ऊपर से टहला रहे थे , कल यानि दिनांक २२/१०/13 को कड़ाई के साथ मामले का भौतिक सत्यापन कर के जांच रिपोर्ट देने को कहा गया था , मगर घोटाले बाजों से मीली भगत जिसकी आशंका जताई जा रही नहीं गए , कल जब सीओ से बात की गई तो बोले आज जरुर जायेंगे पर आज दिनांक २३/१०/2013 को भी नहीं गए , शर्म से पानी पानी डी डी सी ने जाँच के आदेश अब एस डी ओ को देने के साथ ही , सीओ के खेलाफ भी जांच के आदेश देने के संकेत दिए हैं के आखिर क्या वजह हुई के दो माह गुजर जाने के बाद भी आदेश का पालन उनहों ने नहीं किया ? जांच इस बात के भी होने की समभौना जताई जा रही के के उनके मोबाइल के कॉल डिटेल्स की जाँच भी होगी के इस बीच घोटाले बाजों के संपर्क में थे या नहीं? www.biharbroadcasting.com
क्या है मामला ? पूर्बी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड के manichapra पंचायत के वार्ड नंबर 1 की रोड सोलिंग में भड़ी गड़बड़ी की बात प्रकाश में आई थी , जिसके बाद DDC पुर्बी चंपारण ने मामले की जिम्मेदारी अंचलाधिकारी कल्यानपुर को दिए , मगर सीओ कल्यानपुर लगभग 2 माह से ऊपर से टहला रहे थे , कल यानि दिनांक २२/१०/13 को कड़ाई के साथ मामले का भौतिक सत्यापन कर के जांच रिपोर्ट देने को कहा गया था , मगर घोटाले बाजों से मीली भगत जिसकी आशंका जताई जा रही नहीं गए , कल जब सीओ से बात की गई तो बोले आज जरुर जायेंगे पर आज दिनांक २३/१०/2013 को भी नहीं गए , शर्म से पानी पानी डी डी सी ने जाँच के आदेश अब एस डी ओ को देने के साथ ही , सीओ के खेलाफ भी जांच के आदेश देने के संकेत दिए हैं के आखिर क्या वजह हुई के दो माह गुजर जाने के बाद भी आदेश का पालन उनहों ने नहीं किया ? जांच इस बात के भी होने की समभौना जताई जा रही के के उनके मोबाइल के कॉल डिटेल्स की जाँच भी होगी के इस बीच घोटाले बाजों के संपर्क में थे या नहीं? www.biharbroadcasting.com
www.biharbroadcasting.com: होशियार दोस्तों होशियार , पटना के महेंरू के गाँधी...
www.biharbroadcasting.com: होशियार दोस्तों होशियार , पटना के महेंरू के गाँधी...: होशियार दोस्तों होशियार , पटना के महेंरू के गाँधी चौक के पास एक दूकान में बिक रहा डुप्लीकेट मोबाइल , टैब , एंड मोबाइल ? Bihar Broadca...
होशियार दोस्तों होशियार , पटना के महेंरू के गाँधी चौक के पास एक दूकान में बिक रहा डुप्लीकेट मोबाइल , टैब , एंड मोबाइल ?
होशियार दोस्तों होशियार , पटना के महेंरू के गाँधी चौक के पास एक दूकान में बिक रहा डुप्लीकेट मोबाइल , टैब , एंड मोबाइल ?
Bihar Broadcasting
patna
ke mahendru mein isthit gandhi chauk ke paas bik raha naami giraami
companies ke duplicate mobile ,tab, yakin na hoto padhein raam
kahani............aago dosto jago ! Agar ap Lava ka tab,mob kharidne ka
soch rahe to,kharidne ke pahle 100 bar sonchiye.mahendru k gandhi chauk
isthit shereya telecome & com.accris naamak dukan se R 8,400 Me
9/9/13 ko kharida geya ek tab sirf 16 din bad khrab ho geya,retlr ne kam
dhokha na diya,7.9.13 ko bsnl penta liya,kaha tamam chijen hn,lekar
aaye to pta chala,back camera he nhi h, kaha geya bsnl penta ka he both
side camera wala dia jaye,kaha company banati he nhi, majburan lava ka
liya,natija samne hai,ab hale service centre,2/10/13 ko dia 20 din ho
gya pr na bana. www.biharbroadcasting.com
Like · · Promote
Like · · Promote
मोतीहारी जिला कल्याणपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी को निगरानी विभाग के अधिकारीयों की प्रवाह नहीं
मोतीहारी जिला कल्याणपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी को निगरानी विभाग के अधिकारीयों की प्रवाह नहीं
मोतिहारी के उप विकाश आयुक्त ने कल्यानपुर प्रखंड के manichapra पंचायत में हुए रोड सोलिंग में भरी गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद ढाई माह पूर्व अंचलाधिकारी को जांच के आदेश दिए थे , अंचलाधिकारी ने अब तक जांच के लिए manichapra पंचायत में जाँच हेतु नहीं गए , जब बात कीजिये तो उनका जवाब होता है , फुर्सत मिली तो जाएँगे , जनता पुछ रही के जब ढाई महीने में जब फुर्सत न मिली तो इस बात की क्या गारंटी है के अगले ढाई माह बाद सी ओ कल्यानपुर को फुरसत मिल ही जाए ? बहर हाल जब उनसे कहा गया के जनता अब निगरानी विभाग की ओर रुख करने की तैयारी कर रही तो उनका जवाब था , तो जनाब का जवाब था , निगरानी विभाग की मुझे प्रवाह नहीं। www.biharbroadcasting.com
delhi ki kathit specail cell ne mange 15,0000 lakh, pidit bihar ke siwan jile ka. dinnak 6/10/13 ko uthakar le gaye the gahr se jabardasti, aaye the panjab no ki maruti indica se . patni ne karaye the najdiki thane me mamla darj, magar karwaai se pahle hee kathit special cell ne saudebaazi ki buniyaad par chod diya tha raste mein. Posted on: 07-October-2013
delhi special cell ke naam par chal raha gorakh dhndha????? mashum ho rahe shikaar. bihar ke siwan ke rahne wala zakir khan hua shikaar. shikaari ka sambandh delhi special cell se tha yaa nahi bana rahshya.aazaadi ke 67 saalon baad bhi desh ke kam pardhe likhe maashon ko nahi mili rahat.purwaj pahle wideshi gundon ke hjariye hotey the shikaar to aaz deshi gundon ke jariye, kabhi nakli cbi to kabhi nakli police tio kabhi nakli TTE, to kabhi farzi nigrani bureau. bihar ke siwan jila ke zakir khan jo delhi ke lony gaziabad me rahte hain apne mobile no.08750610894 se 8:17 am par call kar bataya ke dated 6/1013 ko delhi ke special cell se apne ko sambandh kuch jawaano ne achanak ghar par aakar dhawaa bol diya , aarop lagaya ke tum galat visa ka dhandha karte ho , zakir ke anusar usne kathit special cell ke jawaano jo ke maruti indica se aaye they, sath me chal diye , raste bhar kahta raha ke kabhi oos chauki mein sonpenge to kabhi is police chauki mein , elaqa cross kar geya magar sonpa kahin nahi . kuch dur le jakar kaha ke aaj tumhe is shart par choda ja raha ke kal yani dinank 7/10/2013 ko 12:00 baje din tak 15,0000 {dergh lakh}rupya new delhi station pe lekar pahuncho ge. warna ......? call karne waale zakir ko bataya geya ke aap delhi police ke sp.aur usse upar ke adhikarion ke khelaaf jarur shikaayat darj karayein . jakir ke anusar uski patni ne apne qarib ke police station mein kathit special jawano ke karname ke khelaaf mamla bhi dinank 6/10/13 ko darj karai thi . police walon ne koi receiving nahi diya.
- See more at: http://www.biharbroadcasting.com/blog.php#.UlJhbVPngwo
इशरत फर्जी मुठभेर की जाँच , मोदी के दफ्तर तक पहुँच चुकी है।
रंग लाया मासूम इशरत जहां का खून , नहीं बच पायेंगे गुनाहगार और
जेयादा दिनों तक। क्योंके इशरत मामले की जांच की आंच गुजरात
दंगों के मास्टरमाइंड के दफ्तर तक पहुँच चुकी है।
Posted on: 22-September-2013
इशरत जहाँ मामले की जांच मोदी के दफ्तर तक पहुंची । अहमदाबाद , 21 सितम्बर (एजेंसी)
इशरत जहाँ फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच की आंच मोदी के दफ्तर तक पहुँच गई है ।
सी बी आई ने मामले की जांच तेज़ कर दी है । इस सिलसिले में साबरमती जेल में वंजारा से
गुजिस्ता तीन दिनों से सी बी आई की टीम पूछ ताछ कर रही है । इस टीम ने सनीचर
को मुख्यमंत्री के दफ्तर में aditional चीफ secretary के ओहदे पर बहाल ए के शर्मा और
जी सी मरमु से गाँधी नगर में स्थित बी एस एफ कैंप में पुछ ताछ की गई । दोनों अफसरों से
रिटायर्ड आई पी एस अफसर जी एस सिंघल की दी गई सी डी और पेन ड्राइव के बारे में
सवालात किये गए । बताया जाता है के अमीत शाह को बीबचाने से सम्बंधित ये सी डी और पेन
ड्राइव है जिसे सिंघल ने तैयार किया था ।गुजरात हुकूमत को इस्तीफा के साथ ख़त लीख कर
आड़े हाथों लेने वाले वंजारा सी बी आई के लिए अहम् कड़ी साबीत हो सकते हैं ।इधर इशरत
जहां मामले में जेल की खिचड़ी खा रहे पूर्व aditional director general police पी पी पांडे
की security बढ़ा दी गई है । (pindar उर्दू dainik 22.9.13)
WWW.biharbroadcasting.com
Subscribe to:
Posts (Atom)