कल्याणपुर थाना कांड संख्या-261/13 में पुलिस द्वारा की गई मनमानी



FIR दर्ज कराने वाले रामस्नेही शर्मा के आरोपों के अनुसार पुलिस ने धारा नहीं लगाया है।मेरे द्वारा इस कांड का समीक्षा करने के बाद मामला सामने आया है कि पुलिस ने डकैती का धारा 395 लगाने के बजाय चोरी का धारा 380 लगाया है।मारपीट में गंभीर जख्म पहुँचाने का धारा 325 के बजाय साधारण जख्म का धारा 323 लगाया है,हथियार से गंभीर चोट पहुँचाने का धारा 326 के बजाय हथियार से साधारण चोट पहुँचाने का धारा 324 लगाया है।रंगदारी करने के लिए मारपीट कर डराने धमकाने का धारा 387,महिलाओं के साथ बदसलूकी का धारा 509,धमकी देने का धारा 506,गृह-अतिचार का धारा 448,आग लगाकर क्षति पहुँचाने का धारा 435 और 5 या 5 से ज्यादा लोगों द्वारा दंगा फसाद करने का धारा 147,148 और 149 के तहत मामला दर्ज किया ही नहीं गया।अनुसंधानकर्ता द्वारा मामले को भूमि-विवाद बताकर रामस्नेही शर्मा पर समझौता करने का दवाब बनाया जा रहा है।यदि भूमि-विवाद के कारण 11 लोगों द्वारा घर पर हमला करके लूटपाट की जाती है और शरीर को जख्म पहुँचायी जाती है तो क्या वह अपराध नहीं होता?अनुसंधानकर्ता को निलंबित किया जाना चाहिए।
Kalyanpur station scandal-261/13 by police in arbitrary FIR lodging according to the ramasnehi Sharma charges police section is not to review the case of my case unfolded after police robbery section instead of section 395 of the theft 380. abusing co-star in section 325 of the pick instead of simple wound scars of section 323 hasSection 326 of hurting, arms instead of serious weapons to normal section of hurting 324. rearranged to make intimidating bully of abusing co-star section 387, women section of section 509 of the badly handled, threaten 506, House-trespass of section 447, section 435 of harming and torched 5 or 5 section to riot by more than people are anticipating trouble 147148 and not only booked under 149. researcher by the case As a land-dispute should be created to settle on ramasnehi Sharma. if ground-attack at home by 11, due to the controversy by looting and scarred body is what he pahunchayi crime should be suspended? researcher. (Translated by Bing)

दुनिया हैरान है ! परीशान है , नरेंदर मोदी की हुंकार रैली (27/10/13 ) ब्लास्ट के तुरंत बाद " ऑन डी स्पॉट "सबसे पहले पकड़ा जाने वाला ,इस विडियो में दिखने वाले सख्श को जमीन खा खा गया या आसमान , कौन था ...........?

दुनिया हैरान है ! परीशान है , नरेंदर मोदी की हुंकार रैली (27/10/13 ) ब्लास्ट के तुरंत बाद " ऑन डी स्पॉट "सबसे पहले पकड़ा जाने वाला ,इस विडियो में दिखने वाले सख्श को जमीन खा खा गया या आसमान , कौन था ? कहाँ का रहने वाला था ?किस का बेटा था ? बाप का नाम क्या था ? कहाँ से आया था ? किस बुनियाद पर पुलिस ने " ऑन दी स्पॉट " इस को पकड़ा ? किस बुनियाद पर इसे छोड़ दिया गया ? यहाँ काबिले गौर बात ये है कि मीडिया में खबर आई थी के गाँधी मैदान से विडियो में दिख रहे संदिग्ध नौजवान के अलावा कुछ और लोग पकड़े गए थे , मगर न जाने बाद में क्या हुआ इन चेहरों को तुरंत सीन से गायब करते हुए इम्तियाज अंसारी ,(तहसीन समस्तीपुर )और बाकी लोग मास्टरमाइंड हो गए , मगर उपरोक्त सवाल के अलावा इस सवाल का जवाब कौन देगा की करीब 30 cctv कैमरा के रहते हुए बम प्लांट कैसे हुआ ? प्लांट किया तो चेहरा कैद कैमरा में क्यों नहीं हुआ ? बिहार पुलिस के सैकड़ों आला अधिकारी ,हजारों पुलिस सीपाही , सैकड़ों प्राइवेट गार्ड्स ,और बीजेपी के हजारों वालंटियर्स के रहते हुए अमन के दुश्मन ऐसी शरारत करने में कामयाब क्यों हो गए ? इनसे भी बड़ा सवाल ये कि इतने सारे आवश्यक सवालों का जवाब तलाश करने में किसी को इंटरेस्ट क्यों नहीं ? आखिर इन सवालों का जवाब तलाशने से रोक कौन रहा ? कौन है वह सख्श क्या करता है वह सख्श जो इन सवालों को तलाशने नहीं देना चाहता ? क्या वह सख्श आतंकवाद और देश की शांति और उन्नति का दोस्त हो सकता है ?क्या वह सख्श सच्चा देश भग्त हो सकता है ? क्या वह सच्चा हिन्दू या सच्चा मुसलमान हो सकता है ?
http://m.youtube.com/watch?v=W...

नीतीश कुमार , नरेंदर मोदी से बड़ा सम्प्रदायिक , कांग्रेस का गठबंधन बीजेपी और जे डी यू छोड़ किसी पार्टी से भी सम्भव ( कांग्रेस नेता आज़मी बारी )


65 वाँ गणतंत्र दिवस आज , इस औसर पर देश के सच्चे सपूतों को मेरा सलाम ।



65 वाँ गणतंत्र दिवस आज , इस औसर पर देश के सच्चे सपूतों को मेरा सलाम ।


26/11 घटना में आई बी और अभिनव भारत का हाथ ?

पिछले दिनों एक उर्दू अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट पे विश्वाश किया जाए तो 26/11 हमला पे भारत के दावे पर प्रश्न चिन्ह लग गया है ? घटना में पाकिस्तान का नहीं बल्कि  खुद देश की जांच एजेंसी  व " अभिनव भारत " जैसी खतरनाक हिंदूवादी आतंकी संगठन  का नाम उभर कर सामना आया है , " हू किल्ड करकरे " के लेखक मोशार्रफ का दावा , की घटना की  फिर  से जांच की मांग ..........!
सवाल यह भी उठने शुरू हो गए हैं कि अगर देश की सबसे बड़ी आतंकी वारदात में खुद भारत की जांच एजेंसी का हाथ  थी जो अब तक जांच हुए उसे संच कैसे मान लिया जाए ? ऐसी स्थिति  में  हम हिन्दुस्तानी क्या निष्पक्ष जांच की उमीद इस घटना और दुसरे घटनाओं में कैसे कर सकते हैं ?सवाल जो सबसे बड़ी उठ रही पाकिस्तान को और भारत के अल्पसंख्यकों को बदनाम करने की गर्ज से मासूम हिन्दुस्तानियों की जान से खेलवाड़ कब तक ?
 (क्या छपी थी उर्दू अखबार " कौमी तंजीम " दिनांक 16/1/14 के अंक  में ) पेश है पूरी रिपोर्ट ...............................!

 26/11 हमला में जांच एजेंसी और अभिनव भारत शामील ।
हु किल्ड करकरे के लेखक मोशार्रफ का दावा , फिर से जाँच की मांग .........................................................!

मुंबई ( एजेंसी ) मुल्क में दहशतगर्दी के असल चेहरे को बेनकाब करने वाली मशहूर किताब " who killed karkare " के लेखक पूर्व आई जी ऑफ़ पुलिस महाराष्ट्र "एस एम मुशर्रफ की एक और नई तहकिकाती किताब 26/11 prob why judiciary also failed ? का इजरा आज मुंबई के प्रेस क्लब में हुआ , जिस में लेखक के अलावा पूर्व एडमिरल विष्णु भागवत , इनकम टैक्स कमिश्नर सुभाष चंद्र राम , सोशल एक्टिविस्ट पी एस माने और सचीन गोदाम्बे शरीक हुए , इस औसर पर ये मांग किया गया कि 26/11 मामले की फिर से जांच की जाए ,कयोंकि  इस मुक़दमे के दौरान सच्चाई को छुपा कर अदालत को गुमराह किया गया है , इस औसर पर इजहारे खेयाल करते हुए किताब के लेखक एस  एम मोशार्रफ ने कहा की इस किताब को मेरी पहली किताब  " who killed karkare " का दूसरा हिस्सा कहा जा सकता  है , पहली किताब में सबूत और शवाहिद की (evidence)बुनियाद पर 26/11 की घटना का  विश्लेष्णात्मक अध्यन पेश किया था और इस नतीजे पर पहुंचा कि 26/11 की घटना पुरे प्लानिंग के साथ हुआ , जिस में देश की ख़ुफ़िया एजेंसी " आई बी " न सिर्फ   वाकिफ थी ,बल्कि   इस औसर पर आतंकी हमला के  साथ एक और मत्वाजी हमला " अभिनव भारत " के लोगों ने भी किया था , जिसमें  उन्होंने   "ए टी एस " चीफ हेमंत करकरे को कतल कर दिया  था ।उन्होंने  ने कहा की मैंने अपनी पहली  किताब में जिन अंदेशों का इज़हार किया था उनकी बुनियाद पर मुंबई हाई कोर्ट में 2010 में मुफादे आमा (पी आई एल )की अर्जी दाखिल की गई थी , की 26/11 की घटना की फिर से जांच कराई  जाए । अदालत ने इस की बुनियाद पर केंद्र और राज सरकार को नेज मुंबई पुलिस वाले ए टी एस को जवाब तलबी के लिए नोटिस जारी किया था मगर तीन  साल का अरसा गुजर जाने के बावजूद अभी तक इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया  है । इसी दौरान 26/11 के मामले की जानिब  से फैसला आ गया ।

मैं ने हुकूमत की जानिब से अदालत में पेश किये गए दलायेल और अदालती फैसले का मुताला (अध्यन ) किया और 26/11 हमले के दौरान मीडिया में आई ख़बरों का मुशाहिदा किया और इस नतीजे पर पहुंचा की हुकूमत और जांच एजेंसियां की तरफ से असल हक़ाएक (सच्चाई ) को छुपाया गया और मनगढ़ंत कहानियों के जरिये अदालत को गुमराह किया गया है । मैंने इस किताब में इस  बात का दावा किया  है की 26/11 हमला एक मंसूबाबंद हमला था जिसमें आई  बी और अभिनव भारत रास्त ( डायरेक्ट)संलिप्त हैं ।

इसलिए इस किताब के हवाले से अदालत से मेरा मुतालेबा है की 26/11 हमले की पुनः जांच कराई जाए । साबिक एडमिरल विष्णु भगवत ने इस मौका पर कहा की इस देश के कानून के मुताबिक़ सभी बराबर हैं और सभी कानूनी अदारे की पासेदारी लाजमी है । मगर आई बी और दीगर जांच एजेंसियां जिस तरह अपने मुफाद के लिए कानून से खेलवाड़ करती है उसे देख कर अफ़सोस होता है । उन्होंने कहा की आई बी जिस तरह काम कर रही है उसकी बुनियाद न हमारे मुल्क की जम्हूरियत ने फराहम किया है और न दस्तूर ने इस के बावजूद ये दस्तूर और कानून के नाम पर उछल कूद करती है ।।।।।।।जारी शेष बाद में

.............जारी शेष बाद में


उर्दू बंगला टेट अभियार्थी आन्दोलन की तैयारी में

उर्दू  बंगला टेट अभियार्थी आन्दोलन की तैयारी में , मिला कारवाने उर्दू ,आर जे डी समेत कई सामाजिक संगठनों समेत कई संस्थाओं का सहयोग । आन्दोलन की रूप रेखा तय करने की गर्ज से कारवाने उर्दू के संयोजक एवं आर जे डी के सीनियर लीडर गुलाम गौस की अगुवाई में हुई उनके आवास  पर 22/1/14 को विशेष बैठक ।जहाँ तय हुआ की 2 फ़रवरी 2014 को महाधरना का आयोजन किया जाए ,सरकार ने बात न मानी तो विधान सभा का घेराव भी किया जाए ।


क्यों हुई आन्दोलन की जरुरत :-
छात्रों का कहना है की " बी एस इ बी " के अधिकारीयों ने कोचिंग माफियाओं और शिक्षा माफियाओं को फायेदा पहुंचाने की गर्ज से जान बुझ कर फेल कराया गया , इसके लिए पहले सवाल जेयादः और समय कम दिया , अभियार्थियों का कहना है कि   जब रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा होती है तो 100 सवालों के बदले डेढ़ घंटा की समय दी जाती है ,उसी प्रकार " जे पी एस सी " की परीक्षा होती है तो 100 नंबरों के बदले दो घंटे का वक्त दिया जाता है ,तो फिर किसके इशारे पर तीन घंटे का सवाल  डेढ़ घंटे का रख्खा गया? किनके कहने पर सवाल आउट ऑफ़ सिलेबस पूछा गया ? किनके इशारे पर गलत सवाल और कंप्यूटर में गलत जवाब फीड किया गया ? छात्रों का कहना है कि जब इतनी बड़ी साजिश और खेल खेले गए तो 15 नंबर का grace हमारा हक है ,सरकार इसे जल्द से जल्द दे और टेट पास की गारंटी देने वाले  कोचिंग संस्थानों से बी एस इ बी के अधिकारीयों के सम्पर्क हैं की नहीं इस बात की भी छान बीन करे ,साथ ही इस बात की छान बीन करे की टेट पास की गारंटी देने वाले संचालक विशेष टेट परीक्षा से चार पांच रोज पहले से लेकर टेट परीक्षा ख़त्म होने के दिन तक किन किन के सम्पर्क में थे ,और मकसद क्या था ? मोबाइल के " सी डी आर " की जांच कराये ,इस बात की छान बिन करे की टेट परीक्षा के पूर्व में जो प्रश्न पत्र प्रदेश में कई  बार आउट हुए थे उनसे तार इनके जुड़े भी हैं या नहीं ? , मिला कारवाने उर्दू ,आर जे डी समेत कई सामाजिक संगठनों समेत कई संस्थाओं का सहयोग । आन्दोलन की रूप रेखा तय करने की गर्ज से कारवाने उर्दू के संयोजक एवं आर जे डी के सीनियर लीडर गुलाम गौस की अगुवाई में हुई उनके आवास  पर 22/1/14 को विशेष बैठक ।जहाँ तय हुआ की 2 फ़रवरी 2014 को महाधरना का आयोजन किया जाए ,सरकार ने बात न मानी तो विधान सभा का घेराव भी किया जाए ।


क्यों हुई आन्दोलन की जरुरत :-

छात्रों का कहना है की " बी एस इ बी " के अधिकारीयों ने कोचिंग माफियाओं और शिक्षा माफियाओं को फायेदा पहुंचाने की गर्ज से जान बुझ कर फेल कराया गया , इसके लिए पहले सवाल जेयादः और समय कम दिया , अभियार्थियों का कहना है कि   जब रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा होती है तो 100 सवालों के बदले डेढ़ घंटा की समय दी जाती है ,उसी प्रकार " जे पी एस सी " की परीक्षा होती है तो 100 नंबरों के बदले दो घंटे का वक्त दिया जाता है ,तो फिर किसके इशारे पर तीन घंटे का सवाल  डेढ़ घंटे का रख्खा गया? किनके कहने पर सवाल आउट ऑफ़ सिलेबस पूछा गया ? किनके इशारे पर गलत सवाल और कंप्यूटर में गलत जवाब फीड किया गया ? छात्रों का कहना है कि जब इतनी बड़ी साजिश और खेल खेले गए तो 15 नंबर का grace हमारा हक है ,सरकार इसे जल्द से जल्द दे और टेट पास की गारंटी देने वाले  कोचिंग संस्थानों से बी एस इ बी के अधिकारीयों के सम्पर्क हैं की नहीं इस बात की भी छान बीन करे ,साथ ही इस बात की छान बीन करे की टेट पास की गारंटी देने वाले संचालक विशेष टेट परीक्षा से चार पांच रोज पहले से लेकर टेट परीक्षा ख़त्म होने के दिन तक किन किन के सम्पर्क में थे ,और मकसद क्या था ? मोबाइल के " सी डी आर " की जांच कराये ,इस बात की छान बिन करे की टेट परीक्षा के पूर्व में जो प्रश्न पत्र प्रदेश में कई  बार आउट हुए थे उनसे तार इनके जुड़े भी हैं या नहीं ?

Pune’s Ace International Cyber Hacker Arrested By CBI Following FBI Alert ,Arrested man hacked’ over 900 accounts for a fee


Central Bureau of Investigation (CBI) sleuths in a joint international police operation, arrested Pune-based ace hacker Amit Vikram Tiwari, a resident of Mundhwa on charges of hacking into 900 international email accounts including 171 Indian email accounts.
Tiwari was arrested after US Federal Bureau of Investigation (FBI) tipped off the Indian intelligence agencies about the cyber hackers from India who were involved in largescale hacking and fraud. Based on FBI inputs, CBI officials on Friday cracked down on various locations in Mumbai, Pune and Ghaziabad to uncover the racket.
Highly placed law enforcement officials said that the CBI was looking into different angles ranging -spying, corporate espionage and terrorism-related activities. The raids are part of a coordinated action between China, Romania, the US and India.
Tiwari, an engineer , who runs websites called anonymiti.com and hirehacker.net has been accused of allegedly hacking into individual accounts for a fee ranging between $250 and $500.
Seen is a notice pasted in Marathi language at Mundhwa Police Station which asks the policemen not to register any missing complaint related to hacker Tiwari as he was already in CBI custody.
Seen is a notice pasted in Marathi language at Mundhwa Police Station which asks the policemen not to register any missing complaint related to hacker Tiwari as he was already in CBI custody.
The CBI in a release issued said, “Upon receipt of the order, as well as the e-mail addresses, the website operators gained access to such e-mail accounts and sent a proof of such access to the Customers. On receipt of payment from Customers these website operators shared the password with the Customers.”
CBI registered two Regular Cases against Tiwari and unknown others U/s 120-B r/w 379 IPC and Section 66 of IT Act r/w Section 43(a), 43(g), 43(j) & 66C of IT Act.
The release further said that based on the information, CBI succeeded in tracking down the prime suspect and his associates for operating websites www.hirehacker.net and www.anonymiti.com from Pune (Maharashtra).
Operators of the these websites are allegedly responsible for obtaining unauthorized access to over 900 email accounts between February of 2011 and February of 2013. Out of these about 171 email accounts pertain to victims located in India. Searches have been conducted at Pune; Ghaziabad & Mumbai at the premises of accused & his suspected associates.
The present operation is the outcome of international investigation coordinated and conducted by the the Central Bureau of Investigation (India), Federal Bureau of Investigation(US), Combating Organized Crime (DCCO) of Romania, and the Ministry of Public Security (MPS) in the People’s Republic of China.


Posted by: admin ,BeyondHeadlines Special Correspondent, January 24, 2014 in India.



कंकड़बाग थाना द्वारा पकड़े गया अंतराष्ट्रीय बाइक चोर के तार पीरबहोर थाना कांड संख्या 010/14 से भी है क्या ? पीरबहोर थाने की पुलिस कांड संख्या 010/14 के उदभेदन के लिए गंभीर है ...............................................?

कंकड़बाग थाने की पुलिस ने अंतर राष्ट्रीय बाइक चोर गैंग को पकड़ने का दवा किया है , मीडिया के जरिये आरही ख़बरों के मुताबिक़ पुलिस ने अनेकों बाइक बरामद किये हैं , इधर पीरबहोर थाना के तेहत नफीस कॉलोनी से दिनांक 9/1/14 जिसकी एफ आई आर दिनांक 10/1/14 को पीरबहोर थाने में कांड संख्या 010/14 दर्ज की गई थी , अब तक बरामद नहीं कर पाई है , जबकि घटना के 14 दिन हो चुके । कंकड़बाघ थाने की पुलिस ने पीरबहोर थाना के तेहत चोरी गई बाइक के संबंध में अब तक पूछ ताछ की है या नहीं अब तक रहस्य बना हुआ ! पुलिस को चाहिए की पीरबहोर थाना के तेहत बाइक चोरी से सम्बंधित उपरोक कांड की संलिप्तता से सम्बंधित बातें पकड़े गए बाइक लिफ्तारों से करे ताकि उपरोक्त काण्ड का खुलासा हो सके , इधर उपरोक्त मामले में पीरबहोर थाना के रवैये से मालुम पड़ता है कि उपरोक्त बाइक चोरी की घटना के उदभेदन से कोई वास्ता नहीं । कयोंकि मामला दर्ज होने के बाद कितने संदिग्ध लोगों से पूछताछ की है क्लियर नहीं हो पाया है ? किन किन स्थानों पर छापे मारी की गई ये भी खुलासा नहीं हुआ है , क्या बगैर संदिग्धों के पूछ ताछ ,पटना में बाइक चोरी की घटनाओं में गिरफ्तार हुए लोगों से उपरोक्त चोरी की घटना के बारे में बगैर विस्तृत छान बिन किये क्या उपरोक्त घटना के उदभेदन की उमीद की जा सकती है क्या ? WWW.biharbroadcasting.com
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एक केजरीवाल और उसके झाड़ू से इस देश के भ्रष्ट नौकरशाह , भ्रष्ट दिल्ली पुलिस ,कांग्रेस , बीजेपी , आर एस एस , दक्षिणपंथी संगठनों समेत ऐसे लाखों लोगों को खतरा है ,क्या ऐसे क्षेत्र के उन लोगों से खतरा केजरी वाल साहेब को नहीं हो सकता जिनके के लिए केजरीवाल एक खतरा बनकर उभर चुके हैं? , किसी की पी एम की कुर्सी दाव पर लगी हुई है ,?किसी को पी एम इन वेटिंग में जाने का खतरा बना हुआ है ?किसी की काली कमाई पर झाड़ू फेराने का खतरा बना हुआ ? तो किसी के पार्टी के नामों निशान मिट जाने का खतरा बना हुआ ? कोई बताये कि केजरीवाल के कार्यालय पर हुआ हमला क्या किसी आतंकी वारदात से कम था क्या ? क्या केजरीवाल के कार्यालय पर हमला बोलने वालों ,तोड़ फोड़ करने वालों से क्या हानि होने का खतरा नहीं ................... ?


कल के दैनिक जागरण (20/1/4 )के पहले पेज पर की इस खबर को " केजरीवाल को अगवा करने की साजिश , भटकल को छुड़ाने की आतंकी चाल
# ख़ुफ़िया एजेंसियों ने मिले इनपुट पर दिल्ली पुलिस को दी सूचना
# सी एम को जेड श्रेणी की सुरक्षा का प्रस्ताव , केजरीवाल ने किया इनकार । खबर में यह भी कहा गया है कि आई एम के आतंकी यासीन भटकल को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने के लिए केजरीवाल के अपहरण की साजिश रची जा चुकी है , अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन (सुरक्षा) ने खुद केजरीवाल से मिले और उन्हें और संभावित खतरे की जानकारी दी । पुलिस ने जेड श्रेणी की सुरक्षा का प्रस्ताव भी रख्खा ,पर केजरीवाल ने सुरक्षा न लेने के फैसले पर कायम रहते हुए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है !

खबर में कहा गया है कि कुछ दिनों पहले , मेवात ( हरियाणा ) से पकड़े गए लश्कर - ए- तैबा( Module) से पूछ ताछ और ख़ुफ़िया एजेंसियों द्वारा सुनी गई आतंकियों की बातचीत में मुख्मंत्री के अपहरण की साजिश का पता चला ............ये तो हुई खबर जिसे दैनिक जागरण ने कल यानी 20/1/14 को इंटेलिजेंस और पुलिस के दावे के मुताबिक़ प्रमुखता से प्रकाशित किया , न सिर्फ दैनिक जागरण ने बल्कि देश के तमाम मीडिया ने ।

# लेकिन काबिले गौर बात ये है कि ये केजरीवाल इस रिपोर्ट को जेयादा अहमियत नहीं दिए , देश के बाकी खद्दी धारियों की तरह और साफ़ तौर पर दिल्ली पुलिस और कांग्रेस पर सियासत करने का आरोप भी लगाया ।

# दिल्ली पुलिस के ये सनसनी खेज दावे उस वक़्त आये हैं जब केजरीवाल दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट तंत्र के खेलाफ एलाने जंग छेड़े हुए हैं , यानी भ्रष्ट पुलिस वालों से दिल्ली की मासूम जनता को बचाने का प्रयास कर रहे हों । यानी एक तरह से कहा जाए तो केजरीवाल दिल्ली पुलिस के लिए खुद खतरा बन कर उभरे हैं तो गलत न होगा । इसलिए केजरीवाल का ये कहना कि दिल्ली पुलिस सियासत कर रही तो गलत नहीं ।
# जहाँ तक बात है लश्करे तयबा और आई एम से खतरे का तो उस वक़्त दिल्ली पुलिस और लम्बा चौड़ा दावा करने वाली जांच एजेंसियां जब केजरीवाल की पार्टी आप के दफ्तर पर कट्टर हिन्दू संगठनों का हमला हो गया ? यानी केजरीवाल को हिन्दू संगठनों से खतरा नहीं हो सकता ? क्या ऐसा नहीं हो सकता की ऐसा दावा करके केजरीवाल के जरिये दिल्ली पुलिस के खेलाफ छेड़े गए जंग को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार हवा निकालना चाह रही हो ।

ये सारी दुनिया को पता चल चूका है की केजरीवाल से कांग्रेस को खतरा है ,बीजेपी को खतरा है , बीजेपी के प्रधानमंत्री के उमीदवार और हर रोज ख्वाब में लाल किला पर तिरंगा फहराराहे नमो को खतरा है , दिल्ली पुलिस के भ्रष्ट अफसरों को खतरा है .ऐसे लोग क्या वाकई में केजरीवाल के सच्चे दोस्त हो सकते हैं ? कहीं ऐसा तो नहीं के लश्करे तैबा और आई एम के नाम का अफवाह उड़ा कर केंद्र सरकार और उसकी जांच एजेंसियां कुछ दुसरे ही खेल खेलना चाह रही हो


Dilip C Mandal ( From Facebook)
Sunday at 23:50
चौरासी के दंगों और गुजरात के दंगों में पार्टियों के व्यवहार में फर्क है.

चौरासी की सिख विरोधी हिंसा के लिए कांग्रेस माफी मांग चुकी है और उसमें हमेशा एक अपराधबोध नजर आता है. बेशक वह दिखावटी ही क्यों न हो.....लेकिन गुजरात में मुस्लिम विरोधी हिंसा के लिए माफी मांगने में बीजेपी को दौरे पड़ जाते हैं.

जब आप सीएम होते हैं, तो उनके भी सीएम होते हैं, जिन्होंने आपको वोट नहीं दिया या जिनके बारे में लगता है कि वे आपको किसी भी हालत में वोट नहीं देंगे. आप समर्थकों के भी सीएम होते हैं और विरोधियों के भी. विरोधियों के लिए अलग से CM का कोई प्रावधान नहीं है.
Four riots and the difference in the behavior of the parties in the Gujarat riots.

Four of the anti-Sikh violence is done apologizing to Congress and it's always a mirrored guilt. Of course why he is not ostentatious.But in Gujarat, anti-Muslim violence in the BJP to apologise for seizures.

When you are CM, CM, who also did not vote or about whom you think you will vote no in any condition. You supporters are and opponents also CM. Opponents of the provision separately for CM. (Translated by Bing)

Md Kausar Nadeem
ये शर्म की बात है । एक राज का मुख्मंरती चोरों को सजा देने की मांग करे ,और उस मांग को ठुकरा दी जाए ,इस से बरी बेशर्मी की बात क्या हो सकता है …। केजरीवाल सही जगह पर हैं , इस देश की समस्या की जड़ इस मुल्क की निगेहबानी करने वाले लोगों की वजह कर है ।
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Md Kausar Nadeem
मैं पूछता हूँ सुसील कुमार शिंदे से , उन तीन पुलिस वालों में क्या खूबी है कि गर्बरी पकड़े जाने के बाद ,उस राज का मुख्मंत्री कार्रवाई की मांग कर रहा ,और कार्रवाई नहीं की जा रही ? अब समझ में आने लगा है कि इस देश में पुलिस अगर भ्रष्ट है ,मासूमों को परीशां और गुनाहगारों को जो छुट देते आ रही थी ,यानी रहबर रहजन बन बैठे थे , रक्षक भक्षक तो किनकी वजह कर ,किन की पार्टी की सरकारों की वजह कर होता रहा ? लोग अब जान चुके ।दिल्ली पुलिस या कहीं की पुलिस को छुट क्यों? कानून के आगे सब बराबर है । WWW.biharbroadcasting.com
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