पटना 8 फ़रवरी ( प्रेस रिलीज़ ) बिहार सरकार में शामिल एकलौते मुस्लिम मंत्री शाहिद अली खान के तार दहशत गर्दी से जोड़ने पर शख्त अल्फाजों में बारी आज़मी ने निंदा करते हुए कहा की अगर अवामी नुमाइंदा की हैसियत रखने वाला एक मकबूल और मारुफ़ वजीर दहशत गर्द है तो एक मुल्क का आम मुसलमान भी दहशत गर्दी के जमरा में आगेया । बारी आज़मी ने कहा की मुसल्नानों के साथ इस तरह का सिलसिला बहुत दिनों से जारी है और बिहार में जितने बेक़सूर मुसलामानों को दहशत गर्दी के इलज़ाम में फंसाया गया है उसकी नजीर मिलना मुश्किल है । जहाँ इस मुल्क में गलत नजरिया को हवा देने और ख़ास तबका को टारगेट बना कर दहशतगर्दी में लपेटने की कोशिश हो रही है ये कभी भी देश की साल्मियत और इत्तेहाद के लिय सही नहीं है
जनाब बारी ने यह भी कहा की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग भी साम्प्रदायिकता और भेद भाव से काम ले रही । बात जब संघ और भाजपा परिवार की होती है तो उसकी प्रदा पोशी के लिए लोकल टी वी से लेकर नेशनल मीडिया तक उसके बचाओ में लग जाती है और पार्टी एजेंट के तौर पर काम करती है जैसा की उनका मामला हो । मगर दूसरी तरफ जब किसी मुसलमान की छोटी सी बात होती है तो उसको बगैर तहकीकात और जांच परताल किये इस तरह हवा खड़ी करती है के इस देश में रहने वाला हर मुस्लिम्स दहशतगर्द हो । जबकि हकीकत ठीक इसके विपरीत है । हिन्दुस्तान का मुसलमान कभी भी दहशतगर्द नहीं हो सकता । मुसलमान अपने मुल्क से कभी भी बेवफाई नहीं कर सकता ।इस तरह की इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भ्रामक रिपोर्टिंग पर भी शख्त नोटिस लिया जाना चाहिए जो देश की अखंडता और एकता के लिए खतरा हो
बारी आज़मी ने कहा की हिन्दू दहशतगर्द असीमानंद के जरिये आर एस एस चीफ मोहन भागवत के सिलसिले में इकबालिया बयान देने के बावजूद भी इस देश का कानून कुछ नहीं कर रहा है इस पर कोई चर्चा भी नहीं हो रही । जैसा की आज शाहिद अली खान के साथ हो रहा । सी बी आई की रिपोर्ट से अमीत शाह का नाम निकाल दिया जाता है और उसकी चेमें गोइयाँ भी नहीं होती इस देश में दो राष्ट्र निति की वजह से मुल्क की एकता टुकड़े टुकड़े होने के कगार पर है ।इसलिए समय रहते ऐसे लोगों के खेलाफ सरकार सख्ती से कार्रवाई करे और इंटेलिजेंस के लोग जो सांप्रदायिक राह पर काम कर रहे वैसे लोगों पर लगाम लगाना जरुरी हो गया है । और मुसलामानों के खेलाफ अफवाह फैलाने वाली बातों पे लगाम लगाने का काम भी जल्द से जल्द होना चाहिए ।
( उर्दू दैनिक पिन्दार / 9/2/14 पेज 9 से )

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