समाज ,देश और हिन्दू मुस्लिम एकता के दुश्मन बन चुके हैं राजेंदर कुमार टाइप के लोग , और ऐसे लोगों को हिन्दू मुस्लिम एकता से जवाब देना होगा , बीवी से से बेवफाई कर बाजारू लड़कियों के साथ रंगरेलियां मनाने वाले मुंसिफ़ों से अच्छाई की उमीद क्या कीजिएगा? जिसने बीवी के साथ साथ फेरे लेकर क़सम खाने वाले जब बीवी को धोखा दे सकते हैं क्या वह देश समाज और इन्साफ का साथ क्या देंगे ?

एक पर एक करामात हैं हमारे निगेह्बानों के  , जिनको मिली है वर्दी देश की देश की आंतरिक सूरक्षा की अमन व चैन अस्थापित करने की वे क्या क्या कर रहे खुद देखिये और अल्पसंख्यकों और मुसलमानों को बदनाम करने के खेल पे लगाम लगाईये खुद अपने और अपने समाज को सुधारिए ।कयोंकि  एक हाई प्रोफाइल अपहरण में  एक सी आर पी एफ के जवान की भूमिका संदेह के दाएरे में क्या आया है  सी आर पी ऍफ़ और हमारे नेगेहबान बिरादरी को ही कटघेरे में खरा कर दिया है । इससे पहले भी एक सी आर पी ऍफ़ के एक आलाधिकारी का नाम देश के दुश्मन ताक़तों को सूचना मुहैया कराने के लिए सुर्खी में आया था , इशरत जहाँ प्रकरण को क्या कोई भूल सकता है क्या ? कतई भुलाया नहीं जा सकता किस तरह से मासूमों को बेदर्दी से क़त्ल किया गया ? उसको सही साबित करने के लिए किस तरह से साजिशें रची गयीं ? किस तरह से गैरकानूनी हथियार उपलब्ध करया गया था ,गैरकानूनी  और खतरनाक हथियार रखने के लिए एक मुसलमान का  नाम आ जाता है तो बेला सोंचे समझे पूरी तहकीकात किये बगैर उसे वतन का गद्दार और देश दुश्मन और पाकिस्तानी एजेंट तक करार देने में हिचक तक महसूस नहीं की जाती , भले ही उस शख्स पर लगा आरोप में दम हों या न हों उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती  है ,  दुनिया पूछना चाहती है की आई बी के जो लोग इशरत जहाँ पर्करण और इस तरह के घिनौने प्रकरण में शामिल हैं जो झूठी वाह वाही के लिए ,अपनी तरक्की के लिए देश को गुमराह कर रहे माशुमों  की हत्याएं कर और करवा रहे आतंकवादी  नहीं ? क्या हमारा देश का कानून ,क्या कोई मजहब  ऐसा  करने की  इज़ाज़त देता  है ? अभी एक और चर्चित मामला को भी यहाँ चर्चा में लाना जरुरी समझता हूँ ,बिहार के अल्पसंख्यक मंत्री शाहिद अली  खान  की वतन  प्रश्ति  देश दुनिया  के सामने जग जाहिर  है  , लेकिन उन जैसे सच्चे हिन्दुस्तानी को बदनाम करने के लिए जो खेल इस देश  की जांच एजेंसी में बैठे बैमान और भरष्ट लोगों ने जो  चाल चली अब पूरी तरह उजागर  हो चुकी है । बिहार पुलिस में बैठे हेमंत करकरे टाइप  आला अधिकारियों  ने हवा निकाल दी है और दुनिया ने जैसा  के  अखबारों में  निंदा करती  रिपोर्टें आरही  ऐसे घिनौना हरकत  करने  वालों को देशद्रोही तक भारत की आम जनता ने  करार दे  दिया  है । देश के बैमानों  संभल जाओ वरना तुम्हारी  खैरियत  नहीं देश जाग चूका है  , तुम्हारी काली करतूत की सजा दिलाने के  लिए उतावला है  तुम्हारी  सम्पति की जांच करवा कर  जप्त भी  करवा  सकती है


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