पहले से ही कुछ मामलों को लेकर विवाद में चल रहा अयूब उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल इन दिनों फिर चर्चे में है , इस बार जो वजह बनी है और समाज में चर्चा का जो विषय बना हुआ है वह है , स्कूल की ऑफिसियल सीक्रेट बातें बाहर समाज तक इललीगल /अवैध ढंग से लोगों के बीच पहुँच जाना ,समाज में ये बात भी जोर सोर से हो रही के आखीर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बातें लीक कौन कर रहा ? इसके पीछे सोंच क्या है ? सूत्रों कि मानें तो इसी मामले को लेकर कल दिनांक 24/12/13 को ऑफिस के दो सीनियर स्टाफ उलझ बैठे , बात भले ही मार पीट में तब्दील न हुई ,मगर बात क़सम और पवित्र कुरान उठाने तक पहुँच गई .सूत्रों की मानें तो ये नौबत एक सीनियर स्टाफ एक दुसरे सीनियर स्टाफ पर स्कूल के ऑफिसियल बातों को अवैध ढंग से पास अपने मिलने जुलने वालों खास तौर से स्कूल की कमजोरी पर नजर रखने वालों तक सूचना पहुँचाने का इलज़ाम लगा देने के कारण पैदा हुई . जिस सीनियर सटाफ पर इल्जाम लगा वह इस इल्जाम को झूठ का पुलिंदा और बकवास करार देते हुए अपने को मासूम करार दिया , और अपने को पाक सफ दिखाने के लिए यहाँ तक पवित्र कुरान की क़सम खाने को भी तैयार हो गया . लेकिन सीनियर स्टाफ के इस सफाई और दलील के बाद ये सवाल अब भी अपने जगह कायम है के आखिर स्कूल में चल रही शिक्षकों ,चपरासियों की बहाली से सम्बंधित आंतरिक ऑफिसियल सूचना जैसे- कौन एक्सपर्ट्स ने किस उमीदवार से क्या क्या सवाल पूछे ,किस उमीदवार ने किन सवालों के जवाब आसानी दिए ,किस उमीदवार को किस सवाल पर परिशानी उठानी पड़ी ? किस कैंडिडेट का डेमो क्लास अच्छा गया और किसका बुरा ? बहर हाल confidential इनफार्मेशन कौन पास कर रहा ? लोग अपने अपने तरीके दिमाग लगा रहे और तरह की बातें सोंच रहे और लोग नतीजे भी निकाल रहे , लोगों के इसी माथा पच्ची और उधेर बुन के बाद लोग इस नतीजे पे पहुँच रहे के इस सूचना लीक के पीछे कहीं मैनेजिंग कमिटी के मेम्बरों में से किसी मेम्बर का हाथ तो नहीं ? कहीं ऐसा तो नहीं के ऐसा करके सेक्रेटरी को बदनाम तो दूसरी तरफ अपने कुछ ख़ास चहेतों को खुश करने का प्रयास किया जा रहा हो ? किसी की कृपा से मिली कुर्सी का बदला confidential इनफार्मेशन अपने ख़ास चहेतों को उपलब्ध कराकर चुकाने की कोशिश मैनेजिंग कमिटी का ही कोई सदस्य ऐसा कर रहा हो ? लेकिन इस मामले में सेक्रेटरी को ऑफिसियल स्टाफ से जेयादः कुछ मेम्बरों पर भी विशेष नजर रखनी होगी । WWW.biharbroadcasting.com
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पहले से ही कुछ मामलों को लेकर विवाद में चल रहा अयूब उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल इन दिनों फिर चर्चे में है , इस बार जो वजह बनी है और समाज में चर्चा का जो विषय बना हुआ है वह है , स्कूल की ऑफिसियल सीक्रेट बातें बाहर समाज तक इललीगल /अवैध ढंग से लोगों के बीच पहुँच जाना ,समाज में ये बात भी जोर सोर से हो रही के आखीर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बातें लीक कौन कर रहा ? इसके पीछे सोंच क्या है ? सूत्रों कि मानें तो इसी मामले को लेकर कल दिनांक 24/12/13 को ऑफिस के दो सीनियर स्टाफ उलझ बैठे , बात भले ही मार पीट में तब्दील न हुई ,मगर बात क़सम और पवित्र कुरान उठाने तक पहुँच गई .सूत्रों की मानें तो ये नौबत एक सीनियर स्टाफ एक दुसरे सीनियर स्टाफ पर स्कूल के ऑफिसियल बातों को अवैध ढंग से पास अपने मिलने जुलने वालों खास तौर से स्कूल की कमजोरी पर नजर रखने वालों तक सूचना पहुँचाने का इलज़ाम लगा देने के कारण पैदा हुई . जिस सीनियर सटाफ पर इल्जाम लगा वह इस इल्जाम को झूठ का पुलिंदा और बकवास करार देते हुए अपने को मासूम करार दिया , और अपने को पाक सफ दिखाने के लिए यहाँ तक पवित्र कुरान की क़सम खाने को भी तैयार हो गया . लेकिन सीनियर स्टाफ के इस सफाई और दलील के बाद ये सवाल अब भी अपने जगह कायम है के आखिर स्कूल में चल रही शिक्षकों ,चपरासियों की बहाली से सम्बंधित आंतरिक ऑफिसियल सूचना जैसे- कौन एक्सपर्ट्स ने किस उमीदवार से क्या क्या सवाल पूछे ,किस उमीदवार ने किन सवालों के जवाब आसानी दिए ,किस उमीदवार को किस सवाल पर परिशानी उठानी पड़ी ? किस कैंडिडेट का डेमो क्लास अच्छा गया और किसका बुरा ? बहर हाल confidential इनफार्मेशन कौन पास कर रहा ? लोग अपने अपने तरीके दिमाग लगा रहे और तरह की बातें सोंच रहे और लोग नतीजे भी निकाल रहे , लोगों के इसी माथा पच्ची और उधेर बुन के बाद लोग इस नतीजे पे पहुँच रहे के इस सूचना लीक के पीछे कहीं मैनेजिंग कमिटी के मेम्बरों में से किसी मेम्बर का हाथ तो नहीं ? कहीं ऐसा तो नहीं के ऐसा करके सेक्रेटरी को बदनाम तो दूसरी तरफ अपने कुछ ख़ास चहेतों को खुश करने का प्रयास किया जा रहा हो ? किसी की कृपा से मिली कुर्सी का बदला confidential इनफार्मेशन अपने ख़ास चहेतों को उपलब्ध कराकर चुकाने की कोशिश मैनेजिंग कमिटी का ही कोई सदस्य ऐसा कर रहा हो ? लेकिन इस मामले में सेक्रेटरी को ऑफिसियल स्टाफ से जेयादः कुछ मेम्बरों पर भी विशेष नजर रखनी होगी । WWW.biharbroadcasting.com
पंजाब बिजली विभाग के भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को बरखास्त करो
Mukesh Thakur
Saturday at 17:16 ·
पंजाब बिजली विभाग के भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को बरखास्त करो
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"जनलोकपाल" भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आपका हथियार है...
हमारे देश में हर जगह ऐसे दबंग उपलब्ध है जो क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों और पुलिस महकमे को अपने पांव की जूती समझते हुये उनका उपयोग करते हुये क्षेत्र में दबदबा व आतंक कायम करते हैं| संगठन के पास आये इस मामले में क्षेत्र के दबंग बिजली चोर(जो पिछले 5-6 वर्षों से बिजली चोरी कर रहे हैं) वे अपने ऊपर ऊँगली उठाने वालों को प्रताड़ित व आतंकित करने के लिये सरेआम पीड़ित चन्दन के खिलाफ झूठी F.I.R. करने के साथ-साथ बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारी J.E. प्रेम जैन व उनके साथियों के साथ मिलकर बिजली चोरी के झूठे मामले में पीड़ित चन्दन फँसाया| जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित दर-बदर की ठोकरें खा रहा है|
संगठन ने मामले की पूरी विवेचना व विश्लेषण करने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को बर्खास्त करने और उसके खिलाफ F.I.R. दर्ज करने की शिकायत की है| साथ ही दबंग द्वारा पीड़ित पर झूठी F.I.R. दर्ज करने के खिलाफ, F.I.R. दर्ज करने के लिये भी पत्र भेजा है| आज हम सब को चाहिये कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुये उन्हें सज़ा दिलवाई जाये| अगर संबंधित अधिकारी साफ-साफ सबूत होने के बाद भी उचित कार्यवाही नहीं करेंगे तो संगठन जरूरत पड़ने पर लोकपाल में शिकायत भेजेगा जिससे ऐसे अधिकारियों को सज़ा मिल सके| आज हम सब के लिये, भ्रष्टाचार मिटाने के लिये लोकपाल के पास ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत करना अति आवश्यक है|
हमारे देश में सरकारी अधिकारी इस कदर बेईमान और भ्रष्ट हो चुके हैं कि उनकी गलती को सबूतों के साथ दिखाने के बावजूद न तो पुलिस विभाग उनके खिलाफ कार्यवाही करता है और न ही संबंधित विभाग के अधिकारी उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत करते हैं|
यह मामला केवल संगठन के पास आये पीड़ित चंदन कुमार पुत्र श्री. जगन्नाथ झा(मकान नं 101 बी, स्वाती नगर, जस्सियाँ रोड़, लुधियाना, पंजाब - 141005) व्यक्ति का ही नहीं है बल्कि देश में मौजूद हर क्षेत्र के उस व्यक्ति से जुड़ा है जो कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में इन भ्रष्ट अधिकारियों से शोषित हुये हैं या शोषित हो रहे हैं| यह भ्रष्ट अधिकारी हालात ऐसे पैदा कर रहे हैं कि पीड़ित व्यक्ति उधम सिंह बनकर इन्हें दफ्तर से खींच कर लातघूसों की बरसात तो करें ही साथ में जूतों की माला पहनाकर गधे पर बैठाकर पूरे गली मौहल्ले की सैर भी करायें| वह तो भला हो कि शरीफ व्यक्ति के पास आसानी से मौत रूपी हथियार(गन आदि) वगैरह नहीं मिल पाते अगर मिल जाते तो हर गली-मौहल्ले में हमें उधम सिंह नजर आता और भ्रष्ट अधिकारियों का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं रहता, जबकि यह मौत के हथियार बदमाशों को बड़ी आसानी से उपलब्ध होते हैं और वे उनका उपयोग खुलेआम डराने-धमकाने का तो करते ही हैं साथ में गुंडा-गर्दी और दादागिरी करते नजर आते हैं|
संगठन के पास चन्दन का मामला आया था जिसकी पूरी कहानी पिछले जिसमें चन्दन पर बिजली चोरी का झूठा मामला बनाते हुये 28000/- का चालान बनाया गया था जिसकी शिकायत विश्लेषणों के साथ संगठन के द्वारा करने के बावजूद चालान की रकम को घटाकर 15460/- रु. ही किया गया मगर मामले में पूरे सबूत भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ होने के बावजूद भी उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की गई बल्कि रकम कम करके वापस चालान दिया गया, साथ ही तरह-तरह से डराया जा रहा है SHO, SDO व हवलदार द्वारा की "चाहे आप कुछ भी कर लो SDO इतने ताकतवर है, कि अगर साफ भी दिखाई देगा और आप सबूत भी लाकर दे देंगे जिससे यह साफ पता चल जाये कि SDO या J.E. प्रेम जैन झूठ बोलकर गलत तरीके से पीड़ित को फँसा रहे हैं तो भी उनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो सकेगी" और हवलदार द्वारा यह कहा जा रहा है कि अगर पैसा नहीं भरोगे तो F.I.R. दर्ज होगी और आपको 10000/- से 15000/- रु. अलग से ज़मानत के लिये भी खर्चा करना पड़ जायेगा| इस प्रकार से घेर कर पंजाब बिजली विभाग का कर्मचारियों व अधिकारियों का गिरोह बेकुसूरों को भी कुसूरवार सिद्ध करने पर तुल जाता है जिसकी वजह से मजबूर व्यक्ति कहीं से भी कर्जा लेकर इनका भुगतान बिना किसी विरोध के आत्मसमर्पण करते हुये कर देता है| यह बिलकुल वही बात हुई जैसे किसी बेकुसूर गरीब व्यक्ति पर चोरी का इल्जाम लगाकर जेल में बन्द कर दिया और जमानत का खर्चा न होने की वजह से वह डेढ वर्ष तक जेल में बंद रहा जबकि चोरी की सज़ा अगर 1 वर्ष की है तो उस बेचारे को बेगुनाह होते हुये भी लगाया गया गुनाह कबूल करना फायदे का सौदा नज़र आयेगा और मजबूरन समाधान का रास्ता निकालने के लिये और खुद को और अधिक शोषित होने से बचाने के लिये यह सौदा करते हुये झूठे आरोप को कबूल करना पड़ेगा| बिलकुल यही हालात हमारे देश के सरकारी विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से देश में व्याप्त है|
इस मामले में भी यह भ्रष्ट अधिकारी J.E. प्रेम जैन जो दिये सबूतों की घटनाओं के आधार पर पूरी तरीके से चोर व कमीना नज़र आ रहा है मगर इसके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जैसे कि यह पिछले कई वर्षों से इसी क्षेत्र में तैनात है| इसका मतलब है कि इसे इस क्षेत्र की एक-एक बिजली कनेक्शन की पूरी-पूरी जानकारी अवश्य होगी जैसे बिजली बिल न भरे होने की वजह से किस मकान की लाईन कटी(जैसे दिलवारा उर्फ काका और प्रवीन(मकान नं. 102, मनोज कॉलोनी, जस्सियाँ रोड़, लुधियाना, पंजाब)) हुई है और इस क्षेत्र के हर परिवार को मालूम भी है कि इस मकान में पिछले 4-5 वर्षों से बिजली चोरी करके उपयोग की जा रही है मगर क्या इस कमीने भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को पता नहीं होगा? दूसरी बात पीड़ित चन्दन के द्वारा तीन वर्ष पहले कॉमिर्शियल मीटर के लिये आवेदन किया गया था क्या यह बात इस कमीने J.E. प्रेम जैन को पता नहीं थी?
यह मालूम होने के बाद भी इस भ्रष्ट कमीने J.E. प्रेम जैन ने कार्यवाही नहीं की तो साफ है कि वह ऊपर से लेकर नीचे तक रिश्वत की दलदल में डूबा हुआ है जिसकी संपत्ति(उसके व उसके रिश्तेदारों की) जाँच कराई जाये तो पूरी कहानी खुल कर सामने आ जायेगी|
इस भ्रष्ट कमीने(यह कमीने शब्द हमें ना चाहते हुये भी बार-बार इसलिये लिखना पड़ रहा है क्योंकि सारी भ्रष्ट हरकतें प्रेम जैन की खुलेआम बेखौफ होकर की जा रही हैं, कानून नाम का डर इस इंसान को है ही नहीं) की हालत यह है कि जब दिलवारा और प्रवीन बिजली चोरी करते हैं, से संबंधित पत्र-विभाग में भेजा गया तो जाँच करने के लिये आई टीम के आने से एक दिन पहले इस भ्रष्ट कमीने J.E. प्रेम जैन ने दिलवारा को आगाह करने के लिये 23.09.2013 की शाम 7.00 से 8.00 बजे के आसपास अपने दो साथियों के साथ "छापा मारने के लिये बिजली विभाग की टीम आने वाली है" की जानकारी दिलवारा को दी जिसके परिणामस्वरूप दूसरे दिन सुबह दिलवारा के यहाँ Direct Line हटाकर पड़ोसी के घर से Line लगाई गई| इसका मतलब साफ है कि कॉमिर्शियल मामले में पीड़ित चन्दन को जानबूझ कर फँसाया जा रहा है|
अब बात करते हैं बिजली चोरी से संबंधित मामला पीड़ित के ऊपर बनाने के बारे में :
संबंधित चालान में साफ-साफ लिखा है कि ऊपर बिजली की कुंडी लगा कर Main Switch Off करके मीटर से पहले जोड़ बना कर सीधे तार लगाकर बिजली उपयोग कर रहा था और एक बात यह भी लिखी है कि जब Meter Check किया तब Meter की Pulse Blink कर रही थी|
यहाँ पर इन्ही अधिकारियों के शब्दों का अगर विश्लेषण करें तो पता चलेगा कि एक तरफ तो यह कह रहे हैं कि "Main Switch Off था और बिजली Direct तार लगाकर उपयोग की जा रही थी" जबकि दूसरी तरफ कह रहे हैं कि "मीटर Blink कर रहा था" इसका मतलब साफ है कि मकान के अन्दर जो भी बिजली उपयोग की जा रही है वह मीटर के द्वारा ही की जा रही है| अगर ऐसा नहीं होता तो Meter Blink बिलकुल भी नहीं करता, हाँ यह आरोप लगा सकते हैं कि बेवकूफ बनाने के लिये मीटर में अलग से उपयोग किये जाने वाले किसी बल्ब या छोटे यंत्र को लगा दिया गया होगा जिससे मीटर Blink करता रहे लेकिन यह अधिकारी कोई दूध पीते बच्चे नहीं है जो ऐसा कोई भी कारस्तानी को अनदेखा कर दे, जिसका मतलब साफ है कि यह अधिकारी पीड़ित को फँसाने के लिये साफ-साफ झूठ बोल रहे हैं|
इन अधिकारियों ने Main Switch की फोटो भी मोबाईल द्वारा ली थी| यह हम सब और साधारण इन्सान आसानी से समझ सकता है कि अगर कोई भी सुबह-सुबह छः बजे के आसपास बिना किसी पूर्व सूचना(वैसे भी छापा मारते समय कोई भी पूर्व सूचना नहीं दी जाती) के छापा मारने पहुँचे तो सबूत के साथ पकड़ने के लिये कोई भी अधिकारी सबसे पहले उस जगह की फोटो या वीडियो लेगा जहाँ से कुंडी लगाई जाने का अन्देशा हो| क्या इन अधिकारियों ने ऐसा कुछ किया? अगर नहीं तो इसका साफ मतलब है कि वहाँ कोई कुंडी लगी हुई नहीं थी क्योंकि अगर होती तो यह अधिकारी जरूर उसकी फोटो या वीडियो जरूर लेते, इसी प्रकार बिजली का मीटर जो पीड़ित के मकान के बाहर लगा है जिसे एक आम इन्सान भी बिना घरवाले को बताये आसानी से देख सकता है और वीडियो ले सकता है|
यह हम सब जानते हैं कि रात के समय बिजली का कोई न कोई सा उपकरण(बल्ब, पंखे या कूलर) चलते रहते हैं इसका मतलब साफ है कि मीटर भी लगातार Blinking करता रहेगा जबकि अगर बिजली चोरी की जा रही होगी तो मीटर Blink नहीं करेगा| क्या इन अधिकारियों ने ऐसा कोई वीडियो Blink करते या न करते हुये लिया? यह सब नहीं किया इसका साफ-साफ मतलब है कि इन अधिकारियों को पीड़ित के खिलाफ बिजली चोरी से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई भी सबूत नहीं मिल पाया| इसलिये यह अधिकारी भ्रष्ट व चोर साफ नजर आ रहे हैं क्योंकि सबूत नहीं मिलने के बावजूद इस पीड़ित पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुये व कागजात(चालान) में तकनीकी(चालान में 2KW की जगह 200KW लिखा गया) गलती करते हुये अपनी तानाशाही के साथ चालान बनाने का कार्य किया है जो यह साफ दर्शाता है कि यह भ्रष्ट अधिकारी साफ-साफ झूठे साबित होने के बावजूद अपने पद पर कार्यरत हैं, जिन्हें फौरन बरखास्त करना अति-आवश्यक है|
एक तकनीकी तरीका है बिजली चोरी का पता लगाने के लिये जैसे, पुराने बिजली बिलों का विश्लेषण करके| जिनका विश्लेषण करने पर कहीं से भी यह पता नहीं चल रहा कि यह परिवार बिजली चोरी कर रहा होगा(विश्लेषण का पूरा विवरण पूरानी पोस्ट पर मौजूद है)|
यह मामला सामने आने के काफी समय पहले से यह भ्रष्ट अधिकारी J.E. प्रेम जैन पीड़ित को डरा-धमकाकर पैसा वसूल करने की कोशिश करता रहा है, जिसका सबूत है 08.06.2013 को भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने तीन साथियों के साथ चन्दन की दुकान पर दोपहर में अवैध वसूली करने के लिये आया था(जिसकी Mobile Location की जानकारी के लिये R.T.I. Cyber Crime में दे दी गई है)| इसी प्रकार 07.08.2013 को भी भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने इन्हीं तीन साथियों के साथ 2.00pm से 4.00pm बजे के बीच चन्दन की दुकान पर अवैध वसूली के लिये आया था(जिसकी Mobile Location की जानकारी के लिये R.T.I. Cyber Crime में दे दी गई है) और इस वक्त चन्दन की माँ ने रोज़-रोज़ की अवैध वसूली से तंग आकर भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को सुनाते हुये कहा कि "दिलवारा सिंह जैसे बिजली चोरों को आप जैसे लोग कुछ नहीं कहते और हमसे पैसा माँगने और धमकी देने चले आते हो" जिसकी भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन ने उन्हें देख लेने की धमकी दी और परिणाम यह हुआ कि दिलवारा सिंह जो चन्दन की दुकान पर उससे उधारी में सामान लिया करता था उसने चन्दन से झगड़ा किया और मारपीट की साथ ही चन्दन के खिलाफ ही झूठी F.I.R. भी दर्ज कर दी जिसका सबूत उसके Medical Legal Report से एक बच्चे को भी समझ आ जायेगा कि यह F.I.R. झूठी है जिसका अदालत में मामला शुरू हो गया है| इसी समय भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन के तीनों साथियों ने चन्दन के घर व दुकान का बिजली का Load की जाँच करने के लिये घर के अन्दर जाकर एक-एक बटन व बल्ब का Load की जाँच की, यह कार्य क्यूँ किया और इसकी रिपोर्ट कहाँ है? इसकी जानकारी भी नहीं दी गई|
इसके बाद जब संगठन की तरफ से बिजली चोरी से संबंधित पत्र बिजली विभाग में गया तो दिलवारा सिंह और प्रवीन के यहाँ छापा मारने से एक दिन पहले भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने इन्हीं तीन साथियों के साथ दिलवारा और प्रवीन को आगाह करने गया(जिसकी Mobile Location की जानकारी के लिये R.T.I. Cyber Crime में दे दी गई है) अब अगर यह सबूत यह दर्शाते हैं कि प्रेम जैन दिये गये समय व तारीख पर चन्दन की दुकान पर या दिलवारा और प्रवीन के मकान पर मौजूद था तो उसका कारण क्या था? अगर भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने तीन साथियों के साथ चन्दन की दुकान पर मौजूद था तो क्या उस समय चन्दन की दुकान नहीं चलाया करता था? अगर चलाया करता था तो इस भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन ने उस समय उसके ऊपर चालान क्यूँ नहीं बनाया? इसी प्रकार वह दिलवारा और प्रवीन के यहाँ मौजूद था तो क्या उसे वहाँ बिजली चोरी करते या दूसरे मकान से बिजली का कनेक्शन लेते हुये तार दिखाई नहीं दिये? इस सब सवालों का जवाब हमें अपने आप बता देगा कि यह भ्रष्ट अधिकारी कितने ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार में डूबे हुये हैं और जनता के पैसों का किस प्रकार अपने फायदे के लिये गलत उपयोग कर रहे हैं यह इस विभाग में रहने के काबिल नहीं हैं अतः जब यह अधिकारी ही भ्रष्ट हैं तो वे किस प्रकार ईमानदारी से किसी कार्य को अन्जाम दे सकेंगे जिसका मतलब साफ है कि चन्दन के ऊपर लगाया गया बिजली चोरी का इल्जाम पूरी तरीके से झूठा है और व्यवसायिक मीटर के नाम पर उसे गुमराह करके उसका शोषण करने की कोशिश की जा रही है| जरूरत है उचित इंसाफ की!
आज जरूरत है, ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को बरखास्त करने की इन्साफ की जबान में कहा जाता है कि "दस चोरों को बाद में पकड़ो मगर ऐसे भ्रष्ट व कमीने अधिकारियों को पहले पकड़ो व बरखास्त करो साथ में जूतों की माला पहना कर, मूँह काला करके, गधे पर बैठाकर पूरे मौहल्ले में घुमाओ"|
संगठन संबंधित मामले में जाँच करने के लिये संबंधित विभागों में पत्र भेज रहा है, अगर उचित कार्यवाही नहीं हुई तो संगठन बिजली विभाग के दफ्तर के सामने भ्रष्ट अधिकारियों J.E. प्रेम जैन और दूसरे जाँच अधिकारियों की पूरी रिपोर्ट बाँटने का कार्य तब तक जारी रखेगा जब तक इन्हें बरखास्त करके इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की जायेगी|
संगठन की सदस्यों व पाठकों से अपील है कि पंजाब बिजली विभाग के Chief Engineer Mob. 75895-11502 और Commissioner of Police(Ludhiana) Shri Nirmal Singh Dhillon Mob. 98141-14787 को फोन या SMS करें|
SMS में लिखें :
Plz. visit "http://www.14122013.bvbja.com/" pidit ko nyay dilaye aur koshish kare ki pidit ko lokpal ke paas na jana pade.
धन्यवाद
सोनिका शर्मा
मोब. 09920913897
भ्रष्टाचार विरूद्ध भारत जागृति अभियान
http://www.bvbja.com/
पोस्ट(http://www[dot]25092013[dot]bvbja[dot]com) पर मौजूद है|
साथ में संलग्न दस्तावेज़
• Chief Engineer का जवाब(लगाई गई R.T.I. पर)
• आरोपी दिलवारा सिंह के खिलाफ F.I.R दर्ज करने से संबंधित पत्र
• भ्रष्ट पंजाब बिजली विभाग के J.E. प्रेम जैन के खिलाफ जाँच करवाने से संबंधित पत्र
CC :
बिजली चोरी से संबंधित मामले में विवेचना के साथ भेजे गये पत्र :
1. Chief Secretary - Page 1, Page 2 & Page 3
2. Vigilance Bureau - Page 1, Page 2 & Page 3
3. Chief Engineer - Page 1, Page 2 & Page 3
4. Commissioner of Police - Page 1, Page 2 & Page 3
5. CMD(PB State Power Corporation Ltd.) - Page 1, Page 2 & Page 3
6. Punjab State Human Rights Commission - Page 1, Page 2 & Page 3
7. CMD(Punjab State Transmission Corporation Ltd.) - Page 1, Page 2 & Page 3
8. Anti Power Theft Police Station - Page 1, Page 2 & Page 3
9. SHO(Salem Tabri) - Page 1, Page 2 & Page 3
झूठी F.I.R. से संबंधित मामले में विवेचना के साथ भेजे गये पत्र :
1. Punjab State Human Rights Commission - Page 1, Page 2 & Page 3
2. Chief Secretary - Page 1, Page 2 & Page 3
3. Vigilance Bureau - Page 1, Page 2 & Page 3
4. Commissioner of Police - Page 1, Page 2 & Page 3
5. SHO(Salem Tabri) - Page 1, Page 2 & Page 3
ReplyReceived
E वॉलमार्ट और मॉल जैसी कंपनियों को निष्क्रिय करवाने में सहयोग दें
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"जनलोकपाल" भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ आपका हथियार है...
हमारे देश में हर जगह ऐसे दबंग उपलब्ध है जो क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों और पुलिस महकमे को अपने पांव की जूती समझते हुये उनका उपयोग करते हुये क्षेत्र में दबदबा व आतंक कायम करते हैं| संगठन के पास आये इस मामले में क्षेत्र के दबंग बिजली चोर(जो पिछले 5-6 वर्षों से बिजली चोरी कर रहे हैं) वे अपने ऊपर ऊँगली उठाने वालों को प्रताड़ित व आतंकित करने के लिये सरेआम पीड़ित चन्दन के खिलाफ झूठी F.I.R. करने के साथ-साथ बिजली विभाग के भ्रष्ट अधिकारी J.E. प्रेम जैन व उनके साथियों के साथ मिलकर बिजली चोरी के झूठे मामले में पीड़ित चन्दन फँसाया| जिसके परिणामस्वरूप पीड़ित दर-बदर की ठोकरें खा रहा है|
संगठन ने मामले की पूरी विवेचना व विश्लेषण करने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को बर्खास्त करने और उसके खिलाफ F.I.R. दर्ज करने की शिकायत की है| साथ ही दबंग द्वारा पीड़ित पर झूठी F.I.R. दर्ज करने के खिलाफ, F.I.R. दर्ज करने के लिये भी पत्र भेजा है| आज हम सब को चाहिये कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुये उन्हें सज़ा दिलवाई जाये| अगर संबंधित अधिकारी साफ-साफ सबूत होने के बाद भी उचित कार्यवाही नहीं करेंगे तो संगठन जरूरत पड़ने पर लोकपाल में शिकायत भेजेगा जिससे ऐसे अधिकारियों को सज़ा मिल सके| आज हम सब के लिये, भ्रष्टाचार मिटाने के लिये लोकपाल के पास ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की शिकायत करना अति आवश्यक है|
हमारे देश में सरकारी अधिकारी इस कदर बेईमान और भ्रष्ट हो चुके हैं कि उनकी गलती को सबूतों के साथ दिखाने के बावजूद न तो पुलिस विभाग उनके खिलाफ कार्यवाही करता है और न ही संबंधित विभाग के अधिकारी उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की हिम्मत करते हैं|
यह मामला केवल संगठन के पास आये पीड़ित चंदन कुमार पुत्र श्री. जगन्नाथ झा(मकान नं 101 बी, स्वाती नगर, जस्सियाँ रोड़, लुधियाना, पंजाब - 141005) व्यक्ति का ही नहीं है बल्कि देश में मौजूद हर क्षेत्र के उस व्यक्ति से जुड़ा है जो कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में इन भ्रष्ट अधिकारियों से शोषित हुये हैं या शोषित हो रहे हैं| यह भ्रष्ट अधिकारी हालात ऐसे पैदा कर रहे हैं कि पीड़ित व्यक्ति उधम सिंह बनकर इन्हें दफ्तर से खींच कर लातघूसों की बरसात तो करें ही साथ में जूतों की माला पहनाकर गधे पर बैठाकर पूरे गली मौहल्ले की सैर भी करायें| वह तो भला हो कि शरीफ व्यक्ति के पास आसानी से मौत रूपी हथियार(गन आदि) वगैरह नहीं मिल पाते अगर मिल जाते तो हर गली-मौहल्ले में हमें उधम सिंह नजर आता और भ्रष्ट अधिकारियों का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं रहता, जबकि यह मौत के हथियार बदमाशों को बड़ी आसानी से उपलब्ध होते हैं और वे उनका उपयोग खुलेआम डराने-धमकाने का तो करते ही हैं साथ में गुंडा-गर्दी और दादागिरी करते नजर आते हैं|
संगठन के पास चन्दन का मामला आया था जिसकी पूरी कहानी पिछले जिसमें चन्दन पर बिजली चोरी का झूठा मामला बनाते हुये 28000/- का चालान बनाया गया था जिसकी शिकायत विश्लेषणों के साथ संगठन के द्वारा करने के बावजूद चालान की रकम को घटाकर 15460/- रु. ही किया गया मगर मामले में पूरे सबूत भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ होने के बावजूद भी उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की गई बल्कि रकम कम करके वापस चालान दिया गया, साथ ही तरह-तरह से डराया जा रहा है SHO, SDO व हवलदार द्वारा की "चाहे आप कुछ भी कर लो SDO इतने ताकतवर है, कि अगर साफ भी दिखाई देगा और आप सबूत भी लाकर दे देंगे जिससे यह साफ पता चल जाये कि SDO या J.E. प्रेम जैन झूठ बोलकर गलत तरीके से पीड़ित को फँसा रहे हैं तो भी उनके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो सकेगी" और हवलदार द्वारा यह कहा जा रहा है कि अगर पैसा नहीं भरोगे तो F.I.R. दर्ज होगी और आपको 10000/- से 15000/- रु. अलग से ज़मानत के लिये भी खर्चा करना पड़ जायेगा| इस प्रकार से घेर कर पंजाब बिजली विभाग का कर्मचारियों व अधिकारियों का गिरोह बेकुसूरों को भी कुसूरवार सिद्ध करने पर तुल जाता है जिसकी वजह से मजबूर व्यक्ति कहीं से भी कर्जा लेकर इनका भुगतान बिना किसी विरोध के आत्मसमर्पण करते हुये कर देता है| यह बिलकुल वही बात हुई जैसे किसी बेकुसूर गरीब व्यक्ति पर चोरी का इल्जाम लगाकर जेल में बन्द कर दिया और जमानत का खर्चा न होने की वजह से वह डेढ वर्ष तक जेल में बंद रहा जबकि चोरी की सज़ा अगर 1 वर्ष की है तो उस बेचारे को बेगुनाह होते हुये भी लगाया गया गुनाह कबूल करना फायदे का सौदा नज़र आयेगा और मजबूरन समाधान का रास्ता निकालने के लिये और खुद को और अधिक शोषित होने से बचाने के लिये यह सौदा करते हुये झूठे आरोप को कबूल करना पड़ेगा| बिलकुल यही हालात हमारे देश के सरकारी विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से देश में व्याप्त है|
इस मामले में भी यह भ्रष्ट अधिकारी J.E. प्रेम जैन जो दिये सबूतों की घटनाओं के आधार पर पूरी तरीके से चोर व कमीना नज़र आ रहा है मगर इसके विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जैसे कि यह पिछले कई वर्षों से इसी क्षेत्र में तैनात है| इसका मतलब है कि इसे इस क्षेत्र की एक-एक बिजली कनेक्शन की पूरी-पूरी जानकारी अवश्य होगी जैसे बिजली बिल न भरे होने की वजह से किस मकान की लाईन कटी(जैसे दिलवारा उर्फ काका और प्रवीन(मकान नं. 102, मनोज कॉलोनी, जस्सियाँ रोड़, लुधियाना, पंजाब)) हुई है और इस क्षेत्र के हर परिवार को मालूम भी है कि इस मकान में पिछले 4-5 वर्षों से बिजली चोरी करके उपयोग की जा रही है मगर क्या इस कमीने भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को पता नहीं होगा? दूसरी बात पीड़ित चन्दन के द्वारा तीन वर्ष पहले कॉमिर्शियल मीटर के लिये आवेदन किया गया था क्या यह बात इस कमीने J.E. प्रेम जैन को पता नहीं थी?
यह मालूम होने के बाद भी इस भ्रष्ट कमीने J.E. प्रेम जैन ने कार्यवाही नहीं की तो साफ है कि वह ऊपर से लेकर नीचे तक रिश्वत की दलदल में डूबा हुआ है जिसकी संपत्ति(उसके व उसके रिश्तेदारों की) जाँच कराई जाये तो पूरी कहानी खुल कर सामने आ जायेगी|
इस भ्रष्ट कमीने(यह कमीने शब्द हमें ना चाहते हुये भी बार-बार इसलिये लिखना पड़ रहा है क्योंकि सारी भ्रष्ट हरकतें प्रेम जैन की खुलेआम बेखौफ होकर की जा रही हैं, कानून नाम का डर इस इंसान को है ही नहीं) की हालत यह है कि जब दिलवारा और प्रवीन बिजली चोरी करते हैं, से संबंधित पत्र-विभाग में भेजा गया तो जाँच करने के लिये आई टीम के आने से एक दिन पहले इस भ्रष्ट कमीने J.E. प्रेम जैन ने दिलवारा को आगाह करने के लिये 23.09.2013 की शाम 7.00 से 8.00 बजे के आसपास अपने दो साथियों के साथ "छापा मारने के लिये बिजली विभाग की टीम आने वाली है" की जानकारी दिलवारा को दी जिसके परिणामस्वरूप दूसरे दिन सुबह दिलवारा के यहाँ Direct Line हटाकर पड़ोसी के घर से Line लगाई गई| इसका मतलब साफ है कि कॉमिर्शियल मामले में पीड़ित चन्दन को जानबूझ कर फँसाया जा रहा है|
अब बात करते हैं बिजली चोरी से संबंधित मामला पीड़ित के ऊपर बनाने के बारे में :
संबंधित चालान में साफ-साफ लिखा है कि ऊपर बिजली की कुंडी लगा कर Main Switch Off करके मीटर से पहले जोड़ बना कर सीधे तार लगाकर बिजली उपयोग कर रहा था और एक बात यह भी लिखी है कि जब Meter Check किया तब Meter की Pulse Blink कर रही थी|
यहाँ पर इन्ही अधिकारियों के शब्दों का अगर विश्लेषण करें तो पता चलेगा कि एक तरफ तो यह कह रहे हैं कि "Main Switch Off था और बिजली Direct तार लगाकर उपयोग की जा रही थी" जबकि दूसरी तरफ कह रहे हैं कि "मीटर Blink कर रहा था" इसका मतलब साफ है कि मकान के अन्दर जो भी बिजली उपयोग की जा रही है वह मीटर के द्वारा ही की जा रही है| अगर ऐसा नहीं होता तो Meter Blink बिलकुल भी नहीं करता, हाँ यह आरोप लगा सकते हैं कि बेवकूफ बनाने के लिये मीटर में अलग से उपयोग किये जाने वाले किसी बल्ब या छोटे यंत्र को लगा दिया गया होगा जिससे मीटर Blink करता रहे लेकिन यह अधिकारी कोई दूध पीते बच्चे नहीं है जो ऐसा कोई भी कारस्तानी को अनदेखा कर दे, जिसका मतलब साफ है कि यह अधिकारी पीड़ित को फँसाने के लिये साफ-साफ झूठ बोल रहे हैं|
इन अधिकारियों ने Main Switch की फोटो भी मोबाईल द्वारा ली थी| यह हम सब और साधारण इन्सान आसानी से समझ सकता है कि अगर कोई भी सुबह-सुबह छः बजे के आसपास बिना किसी पूर्व सूचना(वैसे भी छापा मारते समय कोई भी पूर्व सूचना नहीं दी जाती) के छापा मारने पहुँचे तो सबूत के साथ पकड़ने के लिये कोई भी अधिकारी सबसे पहले उस जगह की फोटो या वीडियो लेगा जहाँ से कुंडी लगाई जाने का अन्देशा हो| क्या इन अधिकारियों ने ऐसा कुछ किया? अगर नहीं तो इसका साफ मतलब है कि वहाँ कोई कुंडी लगी हुई नहीं थी क्योंकि अगर होती तो यह अधिकारी जरूर उसकी फोटो या वीडियो जरूर लेते, इसी प्रकार बिजली का मीटर जो पीड़ित के मकान के बाहर लगा है जिसे एक आम इन्सान भी बिना घरवाले को बताये आसानी से देख सकता है और वीडियो ले सकता है|
यह हम सब जानते हैं कि रात के समय बिजली का कोई न कोई सा उपकरण(बल्ब, पंखे या कूलर) चलते रहते हैं इसका मतलब साफ है कि मीटर भी लगातार Blinking करता रहेगा जबकि अगर बिजली चोरी की जा रही होगी तो मीटर Blink नहीं करेगा| क्या इन अधिकारियों ने ऐसा कोई वीडियो Blink करते या न करते हुये लिया? यह सब नहीं किया इसका साफ-साफ मतलब है कि इन अधिकारियों को पीड़ित के खिलाफ बिजली चोरी से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई भी सबूत नहीं मिल पाया| इसलिये यह अधिकारी भ्रष्ट व चोर साफ नजर आ रहे हैं क्योंकि सबूत नहीं मिलने के बावजूद इस पीड़ित पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुये व कागजात(चालान) में तकनीकी(चालान में 2KW की जगह 200KW लिखा गया) गलती करते हुये अपनी तानाशाही के साथ चालान बनाने का कार्य किया है जो यह साफ दर्शाता है कि यह भ्रष्ट अधिकारी साफ-साफ झूठे साबित होने के बावजूद अपने पद पर कार्यरत हैं, जिन्हें फौरन बरखास्त करना अति-आवश्यक है|
एक तकनीकी तरीका है बिजली चोरी का पता लगाने के लिये जैसे, पुराने बिजली बिलों का विश्लेषण करके| जिनका विश्लेषण करने पर कहीं से भी यह पता नहीं चल रहा कि यह परिवार बिजली चोरी कर रहा होगा(विश्लेषण का पूरा विवरण पूरानी पोस्ट पर मौजूद है)|
यह मामला सामने आने के काफी समय पहले से यह भ्रष्ट अधिकारी J.E. प्रेम जैन पीड़ित को डरा-धमकाकर पैसा वसूल करने की कोशिश करता रहा है, जिसका सबूत है 08.06.2013 को भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने तीन साथियों के साथ चन्दन की दुकान पर दोपहर में अवैध वसूली करने के लिये आया था(जिसकी Mobile Location की जानकारी के लिये R.T.I. Cyber Crime में दे दी गई है)| इसी प्रकार 07.08.2013 को भी भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने इन्हीं तीन साथियों के साथ 2.00pm से 4.00pm बजे के बीच चन्दन की दुकान पर अवैध वसूली के लिये आया था(जिसकी Mobile Location की जानकारी के लिये R.T.I. Cyber Crime में दे दी गई है) और इस वक्त चन्दन की माँ ने रोज़-रोज़ की अवैध वसूली से तंग आकर भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन को सुनाते हुये कहा कि "दिलवारा सिंह जैसे बिजली चोरों को आप जैसे लोग कुछ नहीं कहते और हमसे पैसा माँगने और धमकी देने चले आते हो" जिसकी भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन ने उन्हें देख लेने की धमकी दी और परिणाम यह हुआ कि दिलवारा सिंह जो चन्दन की दुकान पर उससे उधारी में सामान लिया करता था उसने चन्दन से झगड़ा किया और मारपीट की साथ ही चन्दन के खिलाफ ही झूठी F.I.R. भी दर्ज कर दी जिसका सबूत उसके Medical Legal Report से एक बच्चे को भी समझ आ जायेगा कि यह F.I.R. झूठी है जिसका अदालत में मामला शुरू हो गया है| इसी समय भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन के तीनों साथियों ने चन्दन के घर व दुकान का बिजली का Load की जाँच करने के लिये घर के अन्दर जाकर एक-एक बटन व बल्ब का Load की जाँच की, यह कार्य क्यूँ किया और इसकी रिपोर्ट कहाँ है? इसकी जानकारी भी नहीं दी गई|
इसके बाद जब संगठन की तरफ से बिजली चोरी से संबंधित पत्र बिजली विभाग में गया तो दिलवारा सिंह और प्रवीन के यहाँ छापा मारने से एक दिन पहले भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने इन्हीं तीन साथियों के साथ दिलवारा और प्रवीन को आगाह करने गया(जिसकी Mobile Location की जानकारी के लिये R.T.I. Cyber Crime में दे दी गई है) अब अगर यह सबूत यह दर्शाते हैं कि प्रेम जैन दिये गये समय व तारीख पर चन्दन की दुकान पर या दिलवारा और प्रवीन के मकान पर मौजूद था तो उसका कारण क्या था? अगर भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन अपने तीन साथियों के साथ चन्दन की दुकान पर मौजूद था तो क्या उस समय चन्दन की दुकान नहीं चलाया करता था? अगर चलाया करता था तो इस भ्रष्ट J.E. प्रेम जैन ने उस समय उसके ऊपर चालान क्यूँ नहीं बनाया? इसी प्रकार वह दिलवारा और प्रवीन के यहाँ मौजूद था तो क्या उसे वहाँ बिजली चोरी करते या दूसरे मकान से बिजली का कनेक्शन लेते हुये तार दिखाई नहीं दिये? इस सब सवालों का जवाब हमें अपने आप बता देगा कि यह भ्रष्ट अधिकारी कितने ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार में डूबे हुये हैं और जनता के पैसों का किस प्रकार अपने फायदे के लिये गलत उपयोग कर रहे हैं यह इस विभाग में रहने के काबिल नहीं हैं अतः जब यह अधिकारी ही भ्रष्ट हैं तो वे किस प्रकार ईमानदारी से किसी कार्य को अन्जाम दे सकेंगे जिसका मतलब साफ है कि चन्दन के ऊपर लगाया गया बिजली चोरी का इल्जाम पूरी तरीके से झूठा है और व्यवसायिक मीटर के नाम पर उसे गुमराह करके उसका शोषण करने की कोशिश की जा रही है| जरूरत है उचित इंसाफ की!
आज जरूरत है, ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को बरखास्त करने की इन्साफ की जबान में कहा जाता है कि "दस चोरों को बाद में पकड़ो मगर ऐसे भ्रष्ट व कमीने अधिकारियों को पहले पकड़ो व बरखास्त करो साथ में जूतों की माला पहना कर, मूँह काला करके, गधे पर बैठाकर पूरे मौहल्ले में घुमाओ"|
संगठन संबंधित मामले में जाँच करने के लिये संबंधित विभागों में पत्र भेज रहा है, अगर उचित कार्यवाही नहीं हुई तो संगठन बिजली विभाग के दफ्तर के सामने भ्रष्ट अधिकारियों J.E. प्रेम जैन और दूसरे जाँच अधिकारियों की पूरी रिपोर्ट बाँटने का कार्य तब तक जारी रखेगा जब तक इन्हें बरखास्त करके इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की जायेगी|
संगठन की सदस्यों व पाठकों से अपील है कि पंजाब बिजली विभाग के Chief Engineer Mob. 75895-11502 और Commissioner of Police(Ludhiana) Shri Nirmal Singh Dhillon Mob. 98141-14787 को फोन या SMS करें|
SMS में लिखें :
Plz. visit "http://www.14122013.bvbja.com/" pidit ko nyay dilaye aur koshish kare ki pidit ko lokpal ke paas na jana pade.
धन्यवाद
सोनिका शर्मा
मोब. 09920913897
भ्रष्टाचार विरूद्ध भारत जागृति अभियान
http://www.bvbja.com/
पोस्ट(http://www[dot]25092013[dot]bvbja[dot]com) पर मौजूद है|
साथ में संलग्न दस्तावेज़
• Chief Engineer का जवाब(लगाई गई R.T.I. पर)
• आरोपी दिलवारा सिंह के खिलाफ F.I.R दर्ज करने से संबंधित पत्र
• भ्रष्ट पंजाब बिजली विभाग के J.E. प्रेम जैन के खिलाफ जाँच करवाने से संबंधित पत्र
CC :
बिजली चोरी से संबंधित मामले में विवेचना के साथ भेजे गये पत्र :
1. Chief Secretary - Page 1, Page 2 & Page 3
2. Vigilance Bureau - Page 1, Page 2 & Page 3
3. Chief Engineer - Page 1, Page 2 & Page 3
4. Commissioner of Police - Page 1, Page 2 & Page 3
5. CMD(PB State Power Corporation Ltd.) - Page 1, Page 2 & Page 3
6. Punjab State Human Rights Commission - Page 1, Page 2 & Page 3
7. CMD(Punjab State Transmission Corporation Ltd.) - Page 1, Page 2 & Page 3
8. Anti Power Theft Police Station - Page 1, Page 2 & Page 3
9. SHO(Salem Tabri) - Page 1, Page 2 & Page 3
झूठी F.I.R. से संबंधित मामले में विवेचना के साथ भेजे गये पत्र :
1. Punjab State Human Rights Commission - Page 1, Page 2 & Page 3
2. Chief Secretary - Page 1, Page 2 & Page 3
3. Vigilance Bureau - Page 1, Page 2 & Page 3
4. Commissioner of Police - Page 1, Page 2 & Page 3
5. SHO(Salem Tabri) - Page 1, Page 2 & Page 3
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Five mysteries of the brain
By Paula McGrath Health check, BBC World Service For centuries, the brain was a mystery. Only in the last few decades have scientists begun to unravel its secrets. In recent years, using the latest technology and powerful computers further key discoveries have been made. However, much remains to be understood about how the brain works. Here are five important areas of study attempting to unlock the last secrets of the brain. How to fix it When we think, move, speak, dream and even love - it all happens in the grey matter. But our brains are not simply one colour. White matter matters too. Much of the research into dementia has focused on the tell-tale plaques of beta amyloid and tau protein tangles which occur in the grey matter. But one British scientist, Dr Atticus Hainsworth says the white matter - and its blood supply - may be equally important. The white colour results from fatty sheaths around the axons - which are extensions of the nerve cell bodies and help the cells to communicate. He is using banks of donated brains, in Oxford and Sheffield, to analyse white matter for potential triggers such as leaking blood vessels. "Some of the cases had an MRI or CT scan and that information can help give more clues about whether there was disease in the white matter - and what its basis might be," says Dr Hainsworth. If leaking blood vessels in white matter do play a key role in the development of dementia then it may offer up a another potential route for new drug therapies. How to make us all geniuses For years caffeine was used to enhance alertness. But popping a pill to get straight-A's may soon become the norm. At Cambridge University neuroscientist Barbara Sahakian is investigating cognitive enhancers - drugs which make us smarter. She studies how they can improve the performance of surgeons or pilots and asks if they could even be used to make us more entrepreneurial. But she warns that there is no long-term safety information on these drugs and as a society we need to talk about their use. She says the scientific and ethical challenges created by drugs which affect the production of brain chemicals like dopamine and noradrenaline - which induce pleasurable or "fight or flight" responses - need to be debated in order to decide whether drug-tests become routine before taking an exam. Dr Sahakian adds: "I frequently talk to students about cognitive-enhancing drugs and a lot of students take them for studying and exams. "But other students feel angry about this, they feel those students are cheating." How can we harness our unconscious? People need to be on top of their game when mastering skills like playing a musical instrument or detecting a bomb. But research suggests that our unconscious can be harnessed to help us excel. Repeatedly playing a tricky piece of music obviously helps develop a familiarity with the bits that are most difficult. But cellist Tania Lisboa, who's also a researcher in the Centre for Performance Science at London's Royal College of Music, says it also helps to send the trickier parts of a piece from her conscious to the unconscious part of her brain. After hours of practice, a fluent musician's brain stores how to play the piece in an area at the back of the brain called the cerebellum - literally "the little brain". Neuroscientist Prof Anil Seth, of Sussex University, says: "It has more brain cells than the rest of the brain put together. "It helps to promote fluid movements.. So the conscious effort of learning how to bow a cello is moved from the cortical areas which are involved when it's new or difficult over to the cerebellum, which is very good at producing unconscious fluent behaviour on demand." Music and defence may not appear to have much in common, but the unconscious can also help detect potential threats, whether it's a suspicious person in a crowd or the presence of an improvised explosive device. The unconscious brain is really good at spotting patterns - a skill which Paul Sajda at Colombia University in New York exploits - right at the boundary of the conscious/sub-conscious. "I can flash 10 images a second and if one of those images has something out of the ordinary..that will essentially cause me to re-orient my brain to that image - but I'm not exactly aware of what that is." Brain activity is monitored whilst the analyst looks at images so that researchers can later see which images triggered reactions. What dreams are for It's just 60 years since scientists in Chicago first noted the tell-tale "rapid eye movement" or REM sleep which we now associate with dreaming. But our fascination with dreams dates back at least 5,000 years to ancient Mesopotamia when people believed that the soul moved out of a sleeping body to visit the places they dreamed of. REM sleep - which occurs every 90 minutes or so - begins with signals from the base of the brain which eventually reach the cerebral cortex - the outer layer of the brain which is responsible for learning and thought. These nerve impulses are also directed to the spinal cord, inducing temporary paralysis of the limbs. Prof Robert Stickgold, from the Beth Israel Deaconess Medical Center for Sleep and Cognition in Boston, believes that dreams are vital for processing memory associations. He has asked the subjects of some of his sleep studies to play Tetris - and then noted their descriptions of how they floated amongst geometric shapes in their dreams. He's an admirer of Japanese scanning research where the scientists could "read" the dreams of subjects as they had MRI scans. But he says it's hard to get people to sleep in a noisy, expensive scanner. And the future? "I would like to see research which reveals the rules for dream construction - and how it relates to the larger concept of memory processing during sleep." One even more elusive goal: how to dream just happy dreams and ditch the bad ones, especially nightmares. Can we cure unreachable pain? Excruciating chronic pain is one of medicine's most difficult problems to solve. Untouched by conventional treatments like painkilling drugs, surgeons are now testing their theory that deep brain stimulation could provide relief. It is a brain surgery technique which involves electrodes being inserted to reach targets deep inside the brain. The target areas are stimulated via the electrodes which are connected to a battery-powered pacemaker surgically placed under the patient's collar bone. One of the pioneers of this technique is Prof Tipu Aziz at the John Radcliffe Hospital in Oxford. Deep brain stimulation has been used in the past for Parkinson's disease and depression, and is now being trialled on obsessive compulsive disorder patients as well as those in chronic pain. One of his patients, Clive, has suffered from terrible pain for nearly a decade after an operation to remove a disc in his neck. "Sometimes I thought that if I had an axe, I'd chop my own arm off, if I thought it would get rid of the pain." The doctors explained to him that his brain was getting signals from his arm to his brain confused and that the electrodes could help. In Clive's case this was an area of the brain called the interior singulate. A week after his surgery he was one of the fortunate 70% of patients for whom the deep brain stimulation provides relief. "It's great to be out of that pain now. Since having the implant I can sit down for longer, I am able to walk further, everything is an improvement." Prof Aziz is treating medical conditions. But he is aware of ethical dilemmas which could arise if the technique was applied to other areas. "Putting electrodes in targets to improve memory. "Or you could put electrodes into people to make them indifferent to danger and create the perfect soldier."
December 22, 2013 08:20
BBC © 2013
Nitish Kumar के फेसबुक वाल से
Wednesday at 21:15
पिछले आठ वर्षों से आप लोगों की सेवा के दौरान हमारे दो लक्ष्य रहे हैं- विकास का बिहार मॉडल पूरे देश-दुनिया के सामने रखना और बिहारी अस्मिता को नए सिरे से पारिभाषित करना, उसे नयी पहचान देना। यह संतोष की बात है कि अब कोई भी बिहारी कहीं भी फख्र से अपनी बिहारी पहचान लोगों को बताते हैं। इसकी राह कठिन रही है। हमने यह गौरव तभी प्राप्त किया है, जब हमारे राज्य में एकता, शांति, भाईचारा, प्रेम और सद्भाव का वातावरण बना है| विकास की राह पर ऐसे ही बढ़ते रहने के लिए हमें बेहद सावधानी से अपने भाईचारे को बचा कर रखना होगा।
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Rajeev Kumar
Pahchan to mili hai. Koi sak nahi. Lekin kam karne ki gunjais abhi bahut hai.
Like · Wednesday at 22:37
Manish Choudhary
badhe chalo neki aur bikas ki raho pe
Like · Wednesday at 22:41
Shashank Shekhar Singh
Dam True sir ji ,we are with you .
Like · Wednesday at 22:41
Vishwajit Soni
Dear sir..
Aapka pichhle election 5yrs me aapne vikas kiya corruption ghataya but es 3 saalon me koi groth hi nhi huaa h
Like · 3 · Wednesday at 22:43
Umesh Mehta
God
Like · Wednesday at 22:46
Shiv Kumar Sharma
Undoubtly you are doing well. Risk to lena hi padta hai life me.
Like · 1 · Wednesday at 22:49
Rahul Kumar Jha
Namo namo
Like · 1 · Wednesday at 22:55
Zibran Khan
Jitni v taareef ki jaay
Wo kum hai,
Well done sir
Like · Wednesday at 22:57
Hasan Raza
janab mr nitish kumar sb. ap ke sarkar ane ke bad bihar tarakki kiya hai or gunda gire bhi kam hua. magar sar thoda offel work me sudhar ke zarurat hai. pechle 6 mahine pahle main apna zameen ke raseed katane purnia nagar nigam ofes pahuncha jawab yahi mila ke istaf nahi hai us ke bad lagatar 5 din chakkar katne ke bad thak ke chod diya hame yahi laga ke in istaf ko kam karne me zara bhi dil chaspi nahi hai or gap marne me maharat hasil hai.
Like · 3 · Wednesday at 23:01
Sunil Agarwal
Sir aap log jo bhi koi hai 8saal pehele aur aaj ke bihar ko dekheiye,antar khud samajh aa jayega.Nitish ji ko thank's kariye aur unka saath dijaye pls.kuch nahi hona hai blower ki hawa se,ye hawa bhi sri Nitish kumar ji ke karan hai bijli nahi hoti to iss hawa ka aahesash kaha hota aapko.so pls think on it &reliase the importance of sri Nitish kumar.Redards
Like · 4 · Wednesday at 23:22
Asif Ali
You are right sir
Like · Wednesday at 23:31
Iftekhar Alam
lekin north bihar mein to kuch badla hi nahi hai, vikas is area mein bhi hona chahiye
Like · Wednesday at 23:44
MD Jaweed Akhtar
bijli kahan mere bhai kya aapko pata hai ke bijli Bihar me har jagah hai?nahin,har jagah bijli pahunchaiy jai tab jakar taraqqi aur hogi.
Like · Wednesday at 23:48
Anil Rastogi
Salute sir ji aapko
Like · Wednesday at 23:50
Vikash Kumar
we love u and feel proud bihari in more agrresive way after choose u chiefminster but ur decision is wrong against Modi..u sud co operate him for country .where u r going & why supporting congress????? plz take ur decision back & support modi ji for country as like bihar
Like · Wednesday at 23:55
Balwant Kumar Singh
Right sir Ye bat dil KO chhu Jane wali kyuki Bihar ki Jo pahachan thi ab badal chuki .thats you make
Like · Wednesday at 23:58
Ashish Ranjan Singh Nirala
Nice sir
Like · Yesterday at 00:08
Sudhir Singh
Salute to u man
Like · Yesterday at 00:10
Aman Seer
i know sir
Like · Yesterday at 00:50
Prakash Jha
Jai bihar
Like · 1 · Yesterday at 01:01
Girish Vyas
Sir.agar aap in comments ko padhte hai.to mark kijiye prasansa k sath kuch sikayate bhi hai.un par bhi gaur kijiye aur sudhar lane ka prayas kare.kyoki hame aapse ummide hai. Ho sake bich me jawab bhi de.jis se hame samajh me aaye ki hamari baat aap tak pahuch rahi hai
Like · 1 · Yesterday at 01:07
Sarfaraz Nizam
Bihar...bihari...zindaabaad...
Like · 1 · Yesterday at 01:22
Syed Modassir Hassan
Proud to be AN INDIAN,
as Proud to be A BIHARI...
Like · 1 · Yesterday at 01:45
Bishanu Yadav
ese ham like karate hai
Like · Yesterday at 01:49
Huta Mani Adhikary
The best, keep it up!
Like · Yesterday at 02:43
Rafi Ahmad
Ek aisa time de sir ki sablog ap se facbook ke jarye baat kar sake hum log isse apni vichaar rakh sake dhanywad sir jai Bihar
Like · Yesterday at 02:53
Mester India
Kya aap meri help kr skte h
Like · Yesterday at 05:57
Nilay Singh
berojgaro ko rojgar de sar ji
Like · Yesterday at 06:14
Sumit Kumar
Bihar Model?
Like · Yesterday at 06:16
Kaushlendra Pandey
Rajeev chunnu maine aapke har ek link ko dekha . Aapne ek ek jagah ki samasya uthayi hai. Koi system suru karne mai kahi na kahi problem aati hai. Hume us problem pai focus karke khatam karne ki hai. Lekin manniye mukhyamantri ke kaam ki aap tauhini na kar
Like · 2 · Yesterday at 06:36
Subhajit Sarkar
nitishgi why don't u write in English ???......lyk me so many Bengali fans of u can't read hindi...so we can't perticipate...
Like · Yesterday at 06:56
Kaushlendra Pandey
Namo nahi nitish ko lao.
Bihar mai vikash karao.
Like · 3 · Yesterday at 07:22
Sonu Singh
Hm
Like · Yesterday at 07:29
Pawan Kumar
Asish bhai phir kaun aane wala hai
Like · Yesterday at 07:48
Ajay Kumar
nischit roop se yah approach ham santipriya logon ke nature ke saath susangat hai. isee approach ke kaaran lakhon log asthhayee naukri bhi kar rahe hain aur bihari asmita ka poshan bhi kar rahe hain. 7 saalon ke athhak parishram par thhoda santosh bhi hota hai..ab thoda sa kachot bhi ho raha hai ki itne saalon ke baad bhi sarkar hame permanent karne ki jarurat nahi samjhti ---DRDA ke anubhav ko Gramin Vikas sewa ke laayak nahi samajhaa gaya............behtar sewa sarton wali JEEVIKA me jaane nahi diya gaya.........7 saalon me kewal ek , woh bhi haasyaspad, maandey badhottari ki gayi.. mujhe nahi lagta ki hamaare priya CM ko jayaada bataane ki jarurat hai.. personal hone ke liye maafi chahunga...thanks.
Like · 1 · Yesterday at 07:51
Kaushlendra Pandey
Rahul nitish
Like · Yesterday at 08:43
Kaushlendra Pandey
Nitish jindabad
Like · Yesterday at 08:44
Noohali Nooh
bihar wasi aap sath hain aap achchhe kam karte rahiye
Like · Yesterday at 08:53
Niraj Biswas
excellent sir
Like · Yesterday at 09:48
MD Shahid Raza
masha allah aapke erade bahut nek hain sir hum aapke sath hain
Like · Yesterday at 11:20
Ashish Sinha
Politics Class - There are two types of Nitish haters, one who is not satisfied with the slow developments or not having their basic requirements in their areas and the others who likes that a person of his caste/religion should have to be a leader of top and Nitish is not supporting him. One comments in this page regardings his needs and the others only do Namo Namo.
Like · Yesterday at 12:22
Khalid Imam
Sir I agrre about yuor thinking and work cultures ,monitering of progress, Crime control ,cruption only one thik i want jo bhumafiya zamin kabja kartay hai kamzoor ka is per tight monitering ki zaroorat hai rest of all is very good excellent
Like · Yesterday at 13:57
Ashok Kumar Singh
Nice or fantastic job done by nitish kumar in bihar.
Like · 1 · Yesterday at 16:28
Amresh Jha
Completely true
Like · 1 · Yesterday at 16:36
Apurv Nayan
well said nitish sir , but a lot is needed so we should take care about our bad habits among others state people.
Like · Yesterday at 16:41
Apurv Nayan
it is duty of every bihari to not do any bad act outside the state so that name of the state would be worsen again. we need to make history anew
Like · Yesterday at 16:44
Vinai Kumar
sir i likes work in bihar ...............but kuch log cruption me time de rahe hei
Like · Yesterday at 18:10
Jitendra Pappu
Beauty is a subjective phenomenon. Beauty is unveiling the innermost that you are. Beauty is getting rid of all the extra weight around you. Beauty is your very nature. Beauty doesn’t come by wearing makeup. When innocence dawns from within, it shows on the face; then you become beautiful. When you are energetic, where there is freshness, where there is aliveness, beauty manifests.
Like · Yesterday at 18:42
Vishwajit Kumar Chaurasia
Agar bikash real me chahte hai to samastipur me fir se d.m kundan kumar ko posting dijiye.thanks.
Like · Yesterday at 18:48
Prakash Gyanodya
gud sir ji .... toda food technology pe bhi kaam kar dijiye..
Like · Yesterday at 19:01
Alok Jha
Bihari kehlane ka garv jo aapne hume diya hai,
Denge muhtod jawab apne dushmano ko,humne ye sankalp liya hai.
Like · 1 · Yesterday at 19:36
Rajnish Jha
Jabtak bihar police risbat lena nhi choregi tab tak.to kam se kam bihar model nhi ban sakta.
Like · Yesterday at 20:25
Sunny Mandal
Ye to treller h film to baki h sir g
Like · 10 hours ago
Ravindra Kumar Singh
Hamare village me 2 mahine se transformer ke under spark kar ke kabhi 50 volts to kabhi 300 volts aa rha hai . transformer change karna hai lekin,bijali bibhag ke sab ke sab mare pade hain.Vill - Chaumukha , P.S - Pachrukhi , Dis - Siwan
Like · 10 hours ago
Nitish Kumar on Facebook
Yesterday at 10:45
लोकनायक जयप्रकाश नारायण और प्रभावती जी द्वारा स्थापित कमला नेहरू शिशु विहार, हाई स्कूल को राज्य सरकार एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देगी। कल हमने इस स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया था और इसके उचित विकास के लिए शिक्षा विभाग को ज़रूरी निर्देश दिए हैं। हमें यह जानकर भी खुशी और थोड़ी सी हैरानी हुई कि पहली बार इस विद्यालय में कोई मुख्यमंत्री आया है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण और प्रभावती जी द्वारा स्थापित कमला नेहरू शिशु विहार, हाई स्कूल को राज्य सरकार एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देगी। कल हमने इस स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया था और इसके उचित विकास के लिए शिक्षा विभाग को ज़रूरी निर्देश दिए हैं। हमें यह जानकर भी खुशी और थोड़ी सी हैरानी हुई कि पहली बार इस विद्यालय में कोई मुख्यमंत्री आया है। मैं यहां के शिक्षकों को भी बधाई देना चाहता हूं, जो कम पैसे मिलने के बावजूद यहां पढ़ा रहे हैं और बालिका-शिक्षा की दिशा में काम कर रहे हैं।
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Shashank Shekhar Singh
You have taken a very nice step regarding development of Kamla Nehru High School .Many many thanks to you sir ji from my side and on the behalf of my Dad (Sapan Kumar Singh ,SPL PP ,madhubani ).
Like · 2 · Yesterday at 11:44
Sumit GoNgba
Wa ye huina bat
Like · Yesterday at 11:59
Anand Pushkar
aaj bihar ke education mai bahut sudhar hua hai .. ek matra bihar he aisa rajya tha aur hai jaha comman education system commits bana ke charcha hui tha but cemtral government ne iska aprovail nahi diya aur hum manga karta hai special status ko wo bhi humko nahi mil raha hai
Like · 1 · Yesterday at 12:11
Bhabesh Thakur
Achha kar rahe
Like · Yesterday at 12:15
Anand Tiwari
Gunwatta par v thoda dhyan de...
Like · Yesterday at 12:26
Zibran Khan
Great great great
Like · Yesterday at 12:42
Sujit Verma
So insprng
Like · Yesterday at 13:08
Kanaiya Singh
jay bihar
Like · 1 · Yesterday at 13:09
Sandeep Kumar
good work sir !! hats off 2 u
Like · Yesterday at 13:31
Nitish Kumar Singh
Banta Bihar Badhta Bihar.....
Like · 2 · Yesterday at 14:30
Ashok Kumar Singh
Eak dahar jai bihar.
Like · 1 · Yesterday at 16:30
Rajeev Kumar
Rising bihar but keeping past in mind. Good going sir.
Like · 1 · Yesterday at 17:52
Jitendra Pappu
'''''!!!! मोहबत करने वाले आँखो कि बात आँखो में समझ लेते है ! सपनो में मिले तो मुलाकात समझ लेते है !!! रोता तो आसमान भी अपनी धरती के लिए !!! परन्तु लौग उसे बरसात समझ लेते है !!!!'
Like · Yesterday at 18:47
Soni Patel
Bihar need only nitish
Like · Yesterday at 19:43
Pandav Kumar
जहाँ तक मैं बिहार की राजनीति को समझ पा रहा हूँ .. .. बिहार में लोकसभा एवं विधानसभा का चुनाव एक साथ ही होने की उम्मीद है
Like · Yesterday at 20:20
Mukesh Kumar Sinha
Nice support - appreciable.
Like · Yesterday at 20:51
Ravindra Kumar Singh
Hamare village me 2 mahine se transformer ke under spark kar ke kabhi 50 volts to kabhi 300 volts aa rha hai . transformer change karna hai lekin,bijali bibhag ke sab ke sab mare pade hain.Vill - Chaumukha , P.S - Pachrukhi , Dis - Siwan\
Like · 10 hours ago
Sonu Sirji
Good... Kv hmare rohtas me aiye aur aisa ek do kam kijiye c.m.sahab.
Like · 10 hours ago
Shahid Hussain
vry good
Like · 9 hours ago
Nisar Khan
well done sir
Like · 6 hours ago
Ali Aslam
good support for L J N SCHOOL
Like · 6 hours ago
Priya Yadav . के फेसबुक वाल से
एक लङकी थी दीवानी सी, पूजा पाठ
करती थी,
संसार का भटकाव छोङ ईश्वर की शरण मे
जाना चाहती थी.
गली के मोङ पे अक्सर एक
आवारा लङका उसका इँतजार किया करता.
उसे देखता. रोकता. गीत गाता.
लङकी दुखी होकर एक संत के आश्रम
चली गयी.
बरसो से उसका परिवार संत का अनुयायी था.
लङकी को आश्रम मे शान्ति मिली. लेकिन एक
दिन संत ने कहा तुम पर प्रेत
का साया है.
मैने बहुतो का छुङाया है,
एक रात संत ने प्रेत
बाधा दूर की और लङकी का विश्वास उठ
गया.
लङकी ने समाज को जगाने की ठानी.
वह पत्रकार बन गयी. लेकिन एक दिन एक
आदर्श पत्रकार मुखौटे ने
उसे लिफ्ट मे रोक लिया. लङकी ने अपनी ठान
छोङी वह सीधे नेता के
पास गयी शिकायत करने.
लेकिन नेताजी अपने बेडरुम मे किसी और
की शिकायत सुन रहे थे.
लङकी जज के पास गयी तो जज ने फैसले के
बदले आबरु माँग ली.
लङकी लौट आयी अपने घर,
नुक्कङ पर
वही आवारा लङका मिला
लङकी ने उसे रोते हुए कहा....
तुम कितने अच्छे हो, सच्चे हो.
जो अंदर हो वही बाहर हो
करनल पुरोहीत और मेजर उपाध्याय ने ATS को हथीयार सप्लाई किये थे?
कर्नल पुरोहित और मेजर उपाध्याय ने ATS को हथियार सप्लाई किया किया था : (देफा)
मुंबई 29 , नवंबर 2013 (press Relesa)
26/11 मुंबई दहशत गर्दाना हमला में शहीद होने वाले ,दहशत गर्दी के चेहरे पर चढ़े भगवा नकाब को पहली बार उतारने में कामयाबी हासील करने वाले ATS दस्ता के आला अफसर हेमंत करकरे की जानीब से मालेगांव 2008 बम धमाका मामले में फौज से संबंध रखने वाले दो आरोपी से sambandhit "ATS"के आला अफसर ने किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया और कहा के उसे इस बात की जानकारी नहीं के इस मामले में हेमंत करकरे ने करनल पुरोहीत और मेजर उपाध्याय को भी गिरफ्तार किया था . उसे इस बात की भी जानकारी नहीं के हेमंत करकरे ने किन किन बम धमाकों की तहकीकात की थी और कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया था ? वाजेह हो के फ़ौज से संबंध रखने वाले इन दो आरोपियों के इल्जाम के तेहत गिरफ्तारी की इंटरनेशनल लेवल पर चर्चा का विषय बना था और इन आरोपियों के बाद साध्वी प्रग्या सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद देश की जनता को दहशत गर्दी अर्थात आतंकी खेल के पीछे खेले जा रहे असल खेल का पता चला था ..........लेकिन ............हैरत अंगेज बात ये है के खुद ATS के अफसर को ही इस बात की जानकारी नहीं है के उस वक़्त के उसके सीनियर अफसर sawargiye हेमंत करकरे ने उन दो अफसरों को गिरफ्तार किया था । maharashtra में हुए एक आतंकी वारदात औरंगाबाद हथियार जब्ती मामला में बतौर गवाह पेश हुए ATS के आला अफसर किशन shinghal ने आज यहाँ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी करने वाले जमीअतुल ओलेम maharashtra (अर्शद मदनी) के देफाई वकील (बचाव paksh) अब्दुल वहाब खान की जानीब से नवे दिन पुछे गए एक सवाल के जवाब singhaal ने कहा के उसे इस बात की जानकारी नहीं है के शहीद हेमंत करकरे ने ही मालेगांव बम धमाके मामले की जांच की थी और भगवा संगठनों से संबंध रखने वालों को इस मामले में गिरफ्तार किया था । विशेष मकोका अदालत के जज GT Qadri के रु ब रु बचाव paksh के वकील खान ने जब शिन्घल से ये दरयाफ्त किया के ATS दस्ते ने जिन हथियारों विशेष कर AK 47 रायेफलों को आरोपियों के कब्जे से जब्ती का दावा किया है और जो हथियार अदालत में पेश किये गए उन हथियारों पर लिखे गए नंबरों में बहुत जेयादा फर्क है इस पर shinghal ने इंकार किया और कहा के उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं ,कयोंके पंचनामा करते वक़्त उसे हथियारों पर लिखे जो नंबर दिखाई दिए थे उसने उन्ही नंबरों को दर्ज किया था । वकील बचाव pakch अब्दुल वहाब खान ने shinghal पर इल्जाम लगाया के कर्नल पुरोहीत और मेजर उपाध्याय ने उसे हथियारों की खेप मुहैया की थी ,जिसे आरोपीयों के कब्जे से जब्त करने का दावा किया है ,कयोंके जब्त किये गए हथियार फ़ौज के हथियारों जैसे ही मालुम पड़ते हैं ,जिस पर shinghal ने इंकार किया और कहा के बचाव pakch का ये इल्जाम झूठ का पुलिंदा है ,कयोंके वह मेजर उपाध्याय और कर्नल पुरोहीत को जानता ही नहीं और औरंगाबाद हथियार जब्ती मामले में जो हथियार जब्त किये गए हैं वह आरोपियों के पास से ही जब्त किये गए जिसका उनके पास पूरा पुख्ता सबुत भी मौजूद है ।singhal से बहस आज अधूरी रही ,जमीअत के वकील सोमवार को दोबारह सरकारी गवाह से बहस की शुरुआत करेंगे pindar urdu daily ,patna,30/11/13.
media बीमार हो गया ?
Media बीमार हो गया ,डॉटर बीमारी का इलाज करता है और आदमी उसे भगवनऔर मसीहा समझताहै । वह आम इंसान की उमीद का किरण होता है ।
लेकिन डॉक्टर ही बीमार हो जाए तो ?
इलाज के नाम पर मरीज का #Kidney बेचना शुरू करे तो ..........?
यही हाल है media का ख़ास कर hindi और अंग्रेज़ी सहाफियों (journalists)और और अखबार का जो बीमार हो गए हैं और जो मोकद्दस (pawitra) पेशा की आड़ में जुर्म (crime) कर रहे हैं।
मेरे अलफाज सतही लेकिन उनका जुर्म इस से भी ज्यादा संगीन है क्योंकि ये किसी फरदे वाहीद अथवा किसी #Individual_Person के खेलाफ नहीं बल्कि पुरे समाज के खेलाफ है ।
इन अखबार और सहाफियों के दिमाग में #Firqaparasti अथवा #sampradaikta और भेदभाव के कसर अपने तीसरे stage की #Cancer की तरह जड़ पकड़ चुका है । # 27 अटूबर 2013 को गाँधी मैदान में भारतीय जनता पार्टी की रैली में जो बम धमाके हुए वह Intehai खौफनाक घटना की हैसीयत रखते हैं जीनक जतनी मजम्मत अथवा condemn की जाए कम है ।
लेकिन उन धमाकों के लीए इस्तेमाल होने वाले बम बहुत जेयादःताक़तवर नहीं थे ।
इससे ये लगता है कि उनका मक़सद बड़े पैमाने पर हत्याओं की बजाये Logon में गम ,खौफ व हरास अथवा आतंक पैदा करना था ।
मगर इससे ये पहलु निकलता है कि वहाँ इतनी बड़ी तादाद में लोग मौजूद थे ।
खोदा न खस्ता अगर भगदड़ मच जाती तब यकीनन काफ़ी लोग के मरने काअंदेसा था ।ये सभी लोग बेक़सूर थे । ये तअच्छा हुआ कि हैरतअंगेज तौर पर बल्कि गैर फ़ितरी (unnatural )तौर पर वहां कोई भगदर नहीं मची !
इसलिए जिन लोगों ने भी ऐसा किया है उन लोगों के खिलाफ कड़ी करवाई वाकेई मीलनी चाहीये .....लेिकन .....हैरत इस बात पर हो रही कि आम लोग की कारे अमल (reaction)जीतनी होनी चाहिए सर्द और मवाजन अथवा ठंडाऔर बैलेंस था ।
मगर #Mediaका रवैया उतना ही आक्रामक था।
जहाँ एक तरफ जाँच एजसीयां अपने पहले वाले रवैया के एन मुताबीक काम करना शुरू कर दीया वहीँ अखबार ने हर गिरफ्तारी पर नाचना शुरू कर दिया । हैरत तो ये है कि कानून और सहाफत का ABCD पढ़ते वक़्त ये बताया जाता है के जब तक कसी पर जुर्म साबीत न हो जाता है उसे मुजरीम नहीं कहा जा सकता । बल्कि वह "मुल्जिम होता है यानी उस पर इलज़ाम होता है और ये इल्जाम सही भी हो सकता है और गलत भी लेकिन कोई भी Muslim लड़का शक की वजह से गिरफ्तार क्या हो जाता है , जांच एजसीयां "शक के आधार पर हुई गिरफ्तारियों "का कितना गलत और बेजा इस्तेमाल करती हैं और किसी तरह बेक़सूर नौजवान का और उनके घर का #Future अंधेरे म बदल दीया जाता है , इसपर पहले ही बहुत कुछ लीखा जा चुका है ) तो hindi औरअंेजी अख़बार के पहले पेज परअसर पहली खबर के तौर पर शह सुरखी (Headlines )होती है ।
कि "खतरनाक आतंकी गिरफ्तार "कथीत या संदिग्ध जैसे शब्द का वह इस्तेमाल नहीं करते बलके सीधे फैसला सुना देते हैं । फिर उसके इर्द गिर्द ऐसी रौंगटे खड़े कर देने वाली दास्तान गढ़ी जाती है जैसे के वह कोई इंसान नहीं हो बलके चलता फिररता टाइम बम हो ।
ये पत्रकार उन नौजवानों को , जिन में से ज्यादा तर बेक़सूर होते हैं ,ऐसा बनाकर पेश करते हैं गोया ऐसे लोग को बगैर किसी गवाही और मुक़दमा के सरे बाजार गोली मार दी जाए ।लेकिन जब यही नौजवान कई महीने या कई साल जेल के सलाखों और उनके पीछे की दर्दनाक जंदगी झेल कर जब
बेकसूर साबीत हो कर बाइज़त बड़ी हो करआते है तो इन बेशर्म और बे हया पत्रकारों की नजर तक नहीं झुकता । उसे ये तौफिक नहीं होती के वह उन के बेक़सूर होने की खबर भी वैसे ही प्रकाशित की जाए जिस तरह उनके "आतंकी "होने की खबर प्रकाशित की गई थी ।
और छापते भी हैं तो अखबार के आखरी पेज पर किसी कोने में इसका गैर वाजेह अंदाज में कि लोग उसे पढ़े भी नहीं ।
इतना ही नहीं , ऐसे मामलों में गैर मुस्लिम की संलिप्ता के सबुत मीलती है बल्कि पुख्ता सबुत मील जाते हैं तो उन पत्रकारों का रवैया सिटपिटाया हआ होता है । वह उस के ख़बर छापते भी हैं तो जैसे के "न छापना परता तो अच्छा था"
पटना धमाके के सिलसिले में हर मुसलमान लड़के की गिरफ्तारी पर मीडिया धमाका खेज बना कर पेश करती रही ,लेकिन जब तार के सिलसिले को जोड़ते हुए police ने लखीसराय से 4 गैर मुस्लिम नौजवान #Vikash kumar , पवन कुमार ,सतीश prasad ,और सुरेश साह को गिरफ्तार किया तब ये खबर अखबार में जेली सुर्खियों के साथ प्रकाशित हई?
और इस ख़बर को भी गुमनाम कर देने की कोशीशक की गई ,
जिस तरह Sadhvi pragya singh thakur , Karnal Purohit और उनके हवारीय को इस पर भेदभाव और साम्प्रदायिक मीडिया ने साफ़ बचा ले जाने की कोशीश की । Media का ये रवैया नया नहीं है । देश के आजादी के पहले से ही इस paturn पर ढालने का काम शुरू हो गया था ।
नफरत की हिज लहर ने इस मुल्क को दो भाग में बाँट दिया और जिस ने हमेशा के लए दो कौमी नजरया (two nation policy) को कायम कर दिया ,वह नफरत बहुत सोंच समझ कर फैलाई गई थी ।
अंग्रेजों के लए भले ही ज्ज्बाये Intekaam था जो चाहते थे के हमजायगे जर मगरतुहे चैनसे रहने नहदगे ,लेिकनअंेज के इसहथीयारको उनलोगने बहत तेज़ीसे अपनाया और हेफाजत कजो hindustan को "hindu rashtr "बनाना चाहते थे ।वह जानते थे के इसके लए hinduon औरमुसलमान के बीचनफरत क दीवार रहनाजरी हसी ।,चाहे उस दीवारकतामीर म झूठऔरफरेब कजतनीभी इंटऔरसीमट लगानीपड़े मगर नफरतकये दीवारमजबूतसे मजबूत तरहोनीचाहीये ।वहयहभी जानते थे के इस मोहीम क कामयाबी " media" के मुमकन नह है ।लेहाजा उहने media को फोकस कर दीया और उसक जड़ म भेदभाव और sampardaikta क का जहरीला खाद दीया जाने लगा ।आज वह जहरीला पौधामजबूत दरत बन चूकाहै । आज वहमुसलमान के खेलाफ जहरअशानी (जहर फ़ैलाने )काकोई मौका नह छोड़ताकयके उसका दोहराफायेदाहै । नफरतकखेतीभीफलफूल रहीहै औरख़बर भीखूब फरोतहोरहीह।ये नफरत से भरीतेजारतिकतनकाखून बहारहीहै ।इससे उह कोईमतलबनहहै ।कयके ये उनके गैरमवको नहहै ।ये उनक मंसूबाबंदी (planing)का हीससाहै ।लेकनअफसोस के हम जोलगातार इससाजीश औरइस मोहीमका nishanaबन रहे ह ,लगातारनुसान उठारहे ह ,जानमाल इज़तआबगंवा रहे ह लेकन इसके सदबाबके लएकुछनह कररहे ह।जमहरीनेजाम (democratic system)म इसकामुकाबला करने क जरतथी एक bilmuqaabil mediaके केयामका ।म ने पहले भीलखा था ।लोग ने बहत पजीराई(सराहना)क लेकनअमली तौरपर दोएक अफरादने ही raju कया ।बाकसब के सब सोये रहे ।हम कोशीशकरनी चाहीये एक mutbaadil मीिडयाक ।चैनलशायद अब दुशवारहो लेकनएक अखबारया कम अजकम एकअछे hindi रेसाला से हीसही इसका आगाज होना चाहीये।हम य नह इसनहज पर सचते ? जबइतने कल और इतनी सवाईके बावजूद हमारी नदनह टूट रही है तोफर हम कब जागगे ? जगेगे भी या इसी नद कहालत म सहे हसतीसे मीट जायगे ? औरया हमारी तरह हमारी नल भी ऐसी ही सवाई ,और खासारे का शीकार होतीरहगी ?हम उह इसके लीये भीछोड़दगे?सचने कजरतहै। (Mr.Rashid ahmad , sub-edititor urdu daily Qaumi Tanzeem,patna. Dated.17/11/13)
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गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और भारी संख्या में "बी जे पी " के volunteers और 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने और धमाका करने में कामयाब हो गए ?गाँधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया था ? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद आखीर ये कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गांधी मैदान में दहशतगर्दों को आज़ादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के सीर्फ एक रोज़ पहले खाली सूटकेस बरामद हुआ था , उसकी forensic जाँच क्यों नहीं कराई गई ?..........
भाजपा की तरफ से पी एम के उमीदवार जनाब नरेंदर मोदी की पटना रैली में धमाके और उन धमाकों में आधा दरजन लोगों के मरने और बहुत सारे अफराद के जख्मी होने के मामले की जीतनी भी आलोचना की जाए कम है ,लेकीन तश्वीशनाक बात ये है के हमेशा की तरह शक की सुई indian mujahedin की तरफ ही गई है ,क्योंके इस सील सीले में बम धमाके में कथित तौर पे शामील एक शख्स (इम्तीयाज) को पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 10 के toilate में हुए धमाके के फ़ौरन बाद giraftar कीया गया था और ख़बरों के मुताबीक उसने police के सामने दिए गए अपने बयान में उस बम धमाके में indian mujahedin के मोलौवीश होने की बात कबूल कर ली है । एक अख़बार में छपी खबरों का बारीकी से जाएजा लीया जाये तो इमतीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बमों की बरामदगी ही शक के दाएरे में आ जाती है ।दीनांक 28/10/13 के Hindustan Times में खबर छपी खबर के मुताबीक सुबह 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर -10 के toilate में धमाका हुआ और उसके 10 मीनट के अन्दर ही G R P पटना के इंस्पेक्टर ने एक शख्स (इम्तीयाज)को पकड़ लीया ।लेकीन इस खबर को आर पी एफ ने गलत और झूठा बताया और दावा कीया के इस शख्स (इमतीयाज) को आर पी एफ के जवानों ने गीरफतार कीया था। दीनांक 31/10/13 के Hindustan Times पेज 2 पर जनाब अतुल पाठक IGCSCRPF के हवाले से खबर छपी है जीसमे shri pathak ने कहा है के जी आर पी पटना का दावा बीलकुल झूठा है और हकीकत ये है के इमतीयाज को आर पी एफ के असीसटेंट security कमीशनर shri बी के मरकटीयार ने गिरफ्तार कीया था । उन्होंने ये भी दावा कीया है के अगर cctv footage का मुआयेना कीया जाये तो उनकी बात सच साबीत होगी ।उन्होंने अपने बयान में इम्तीयाज के पास से बम बरामद होने की बात नहीं कही इस तरह इम्तीयाज की giraftaari और उसके पास से बम बरामद होने की पुरी कहानी ही शक के दाएरे में आ गई है लेहाजा एन आई ए के टीम को सच्चाई का पता लगाने के लीए CCTV फुटेज का बगौर मुआएना करना चाहीये और साइंटीफीक investigation पर जेयादा भरोसा करना चाहीये । hindustan times में ही 1/11/13 को छपी खबर के मुताबीक जी आर पी के inspector रामपुकार singh के बयान की बुनीयाद पर जीआरपी थाना पटना में एक FIR दर्ज कीया गया है लेकीन इस एफ आइ आर से इमतीयाज के पास से बम या फ़ोन नंबर वाले स्लीप की बरामदगी का कोई जीकर नहीं है ,ये बात भी इमयीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बम बरामद होने की कहानी को संदेहास्पद (mystrious ) बना देती है , इसी अखबार में छपी खबर के मुताबीक नरेंदर मोदी की हीफाजत के लीए बड़ी तादाद में bihar police के जवान के अलावा- बी जे पी के volunteers और करीब 200 की तादाद में private guards तैनात कीए गए थे ,तो फीर इतने शख्त हीफाजती इन्तेजाम (टाइट security) के बावजूद कीस तरह दह्शतगर्द बड़ी तादाद में गाँधी मैदान में बम plant करने और मेन CCTV के तार काटने में कामयाब हो गए।ये बात भी गौर के काबील है के ठहर ठहर लगातार बम धमाका होता रहा और लोग इसमें मरते और जख्मी होते रहे लेकीन इसके बावजूद गाँधी मैदान में कोई भगदर नहीं मची। क्या ये इस बात का इशारा नहीं के प्रबंधक ये जानते थे के रैली की मेन जगह पर कोई धमाका नहीं होगा ? उपरोक्त बातों को मद्दे नजर रखते हुए पटना serial blast के सील सीले में अखबारों में छपी ख़बरों की बुनीयाद पर central home ministar और home secretary bihar सरकार से गुजारीश करता हूँ के सच्चाई का पता लगाने के लीए "एन आई ए" की टीम को नीचे लीखे सवालों की तफ्तीश के दौरान गौर करने का हुक्म दें ।
क्या इम्तीयाज को "जी आर पी "के स्टाफ ने giraftar कीया था या "आर पी एफ" क़ी टीम ने jiski अगुवाई असीसटेंट security कमीशनर shri BK markatiya कर रहे थे ? या गीरफतारी के फ़ौरन बाद इम्तीयाज के पास से बम या फोन नंबर लीखा स्लीप बरामद हुआ था ?
अगर हां तो इस बात की चरचा एफ आई आर या "आर पी एफ़ "के जरीये भेजे गए report में क्यों नहीं है? गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और बड़ी तादाद में BJp के volunteersऔर करीब 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने में कामयाब हो गए ? गांधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद ये इतनी आसानी से कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गाँधी मैदान में दहशतगर्दों को आजादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के केवल एक रोज पहले एक खाली सूट केस बरामद हुआ था उसकी फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराइ गई ? क्या धमाके के बाद गाँधी मैदान से जो जीन्दा बम बरामद कीए गए थे उसके plastic रैपर पर गुजरात की कंपनी का नाम दर्ज था जो इस बात का इशारा नहीं है के दहशतगर्द गुजरात से आये थे ? जीस टाइमर घड़ी को blast के लीए इस्तेमाल कीया गया था ये सभी घड़ीयां लोटस brand की थीं - ये घड़ीयां कहाँ बनती हैं ? और इतनी बड़ी तादाद में इसकी खरीदारी कहाँ से की गई? इसका भी पता लगाना जरुरी है ।
लेहाजा सच्चाई का पता लगाने के लीए तफ्तीश के दौरान उपरोक्त सवालों पर गौर करना बहुत जरुरी है इसके लीए CCTV फुटेज और sciencetific तफ्तीश का सहारा लेना होगा । (urdu daily qaumi tanzeem patna dated,6/10/2013 ,पेज 6 से
सैयद मोहम्मद महफूज आलम retired जज, पटना high court )
गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और भारी संख्या में "बी जे पी " के volunteers और 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने और धमाका करने में कामयाब हो गए ?गाँधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया था ? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद आखीर ये कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गांधी मैदान में दहशतगर्दों को आज़ादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के सीर्फ एक रोज़ पहले खाली सूटकेस बरामद हुआ था , उसकी forensic जाँच क्यों नहीं कराई गई ?..........
भाजपा की तरफ से पी एम के उमीदवार जनाब नरेंदर मोदी की पटना रैली में धमाके और उन धमाकों में आधा दरजन लोगों के मरने और बहुत सारे अफराद के जख्मी होने के मामले की जीतनी भी आलोचना की जाए कम है ,लेकीन तश्वीशनाक बात ये है के हमेशा की तरह शक की सुई indian mujahedin की तरफ ही गई है ,क्योंके इस सील सीले में बम धमाके में कथित तौर पे शामील एक शख्स (इम्तीयाज) को पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 10 के toilate में हुए धमाके के फ़ौरन बाद giraftar कीया गया था और ख़बरों के मुताबीक उसने police के सामने दिए गए अपने बयान में उस बम धमाके में indian mujahedin के मोलौवीश होने की बात कबूल कर ली है । एक अख़बार में छपी खबरों का बारीकी से जाएजा लीया जाये तो इमतीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बमों की बरामदगी ही शक के दाएरे में आ जाती है ।दीनांक 28/10/13 के Hindustan Times में खबर छपी खबर के मुताबीक सुबह 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर -10 के toilate में धमाका हुआ और उसके 10 मीनट के अन्दर ही G R P पटना के इंस्पेक्टर ने एक शख्स (इम्तीयाज)को पकड़ लीया ।लेकीन इस खबर को आर पी एफ ने गलत और झूठा बताया और दावा कीया के इस शख्स (इमतीयाज) को आर पी एफ के जवानों ने गीरफतार कीया था। दीनांक 31/10/13 के Hindustan Times पेज 2 पर जनाब अतुल पाठक IGCSCRPF के हवाले से खबर छपी है जीसमे shri pathak ने कहा है के जी आर पी पटना का दावा बीलकुल झूठा है और हकीकत ये है के इमतीयाज को आर पी एफ के असीसटेंट security कमीशनर shri बी के मरकटीयार ने गिरफ्तार कीया था । उन्होंने ये भी दावा कीया है के अगर cctv footage का मुआयेना कीया जाये तो उनकी बात सच साबीत होगी ।उन्होंने अपने बयान में इम्तीयाज के पास से बम बरामद होने की बात नहीं कही इस तरह इम्तीयाज की giraftaari और उसके पास से बम बरामद होने की पुरी कहानी ही शक के दाएरे में आ गई है लेहाजा एन आई ए के टीम को सच्चाई का पता लगाने के लीए CCTV फुटेज का बगौर मुआएना करना चाहीये और साइंटीफीक investigation पर जेयादा भरोसा करना चाहीये । hindustan times में ही 1/11/13 को छपी खबर के मुताबीक जी आर पी के inspector रामपुकार singh के बयान की बुनीयाद पर जीआरपी थाना पटना में एक FIR दर्ज कीया गया है लेकीन इस एफ आइ आर से इमतीयाज के पास से बम या फ़ोन नंबर वाले स्लीप की बरामदगी का कोई जीकर नहीं है ,ये बात भी इमयीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बम बरामद होने की कहानी को संदेहास्पद (mystrious ) बना देती है , इसी अखबार में छपी खबर के मुताबीक नरेंदर मोदी की हीफाजत के लीए बड़ी तादाद में bihar police के जवान के अलावा- बी जे पी के volunteers और करीब 200 की तादाद में private guards तैनात कीए गए थे ,तो फीर इतने शख्त हीफाजती इन्तेजाम (टाइट security) के बावजूद कीस तरह दह्शतगर्द बड़ी तादाद में गाँधी मैदान में बम plant करने और मेन CCTV के तार काटने में कामयाब हो गए।ये बात भी गौर के काबील है के ठहर ठहर लगातार बम धमाका होता रहा और लोग इसमें मरते और जख्मी होते रहे लेकीन इसके बावजूद गाँधी मैदान में कोई भगदर नहीं मची। क्या ये इस बात का इशारा नहीं के प्रबंधक ये जानते थे के रैली की मेन जगह पर कोई धमाका नहीं होगा ? उपरोक्त बातों को मद्दे नजर रखते हुए पटना serial blast के सील सीले में अखबारों में छपी ख़बरों की बुनीयाद पर central home ministar और home secretary bihar सरकार से गुजारीश करता हूँ के सच्चाई का पता लगाने के लीए "एन आई ए" की टीम को नीचे लीखे सवालों की तफ्तीश के दौरान गौर करने का हुक्म दें ।
क्या इम्तीयाज को "जी आर पी "के स्टाफ ने giraftar कीया था या "आर पी एफ" क़ी टीम ने jiski अगुवाई असीसटेंट security कमीशनर shri BK markatiya कर रहे थे ? या गीरफतारी के फ़ौरन बाद इम्तीयाज के पास से बम या फोन नंबर लीखा स्लीप बरामद हुआ था ?
अगर हां तो इस बात की चरचा एफ आई आर या "आर पी एफ़ "के जरीये भेजे गए report में क्यों नहीं है? गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और बड़ी तादाद में BJp के volunteersऔर करीब 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने में कामयाब हो गए ? गांधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद ये इतनी आसानी से कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गाँधी मैदान में दहशतगर्दों को आजादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के केवल एक रोज पहले एक खाली सूट केस बरामद हुआ था उसकी फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराइ गई ? क्या धमाके के बाद गाँधी मैदान से जो जीन्दा बम बरामद कीए गए थे उसके plastic रैपर पर गुजरात की कंपनी का नाम दर्ज था जो इस बात का इशारा नहीं है के दहशतगर्द गुजरात से आये थे ? जीस टाइमर घड़ी को blast के लीए इस्तेमाल कीया गया था ये सभी घड़ीयां लोटस brand की थीं - ये घड़ीयां कहाँ बनती हैं ? और इतनी बड़ी तादाद में इसकी खरीदारी कहाँ से की गई? इसका भी पता लगाना जरुरी है ।
लेहाजा सच्चाई का पता लगाने के लीए तफ्तीश के दौरान उपरोक्त सवालों पर गौर करना बहुत जरुरी है इसके लीए CCTV फुटेज और sciencetific तफ्तीश का सहारा लेना होगा । (urdu daily qaumi tanzeem patna dated,6/10/2013 ,पेज 6 से
सैयद मोहम्मद महफूज आलम retired जज, पटना high court )
patna serial blast - गाँधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया ?और जबरदस्त security के िइन्तेाम के बावजूद ये कैसे मुमकीन हुआ?
गांधी मैदान म security के जबरदत इतेजाम और भारी संया म "बी जे पी " के volunteers और 200 private security guard क मौजूदगी म कस तरह दहशतगद बम लांट करने और धमाका करने म कामयाब हो गए ?गाँधी मैदान म लगे मेन CCTV के तार को कसने अलग कया था ? और जबरदत security के इतेजाम के बावजूद आखीर ये कैसे मुमकन हो सका ? या गांधी मैदान म दहशतगदं को आज़ादी से घुमने क छुट थी ? मोदी क रैली के सीफ एक रोज़ पहले खाली सूटकेस बरामद हआ था , उसक forensic जाँच य नह कराई गई ?.......... Posted on: 09-November-2013
भाजपाकतरफ से पीएमके उमीदवारजनाबनरदरमोदीक पटनारैलीम धमाके औरउनधमाकम आधा दरजनलोगके मरने औरबहतसारे अफरादके जमीहोने के मामले कजीतनीभी आलोचनाक जाएकम है ,लेकनतवीशनाक बातये है के हमेशा कतरह शकक सुईindian mujahedin क तरफ ही गई है ,यके इस सील सीले म बम धमाके म कथत तौर पे शामील एक शस (इतीयाज) को पटना जंशन के लेटफ़ॉम नंबर 10 के toilate म हए धमाके के फ़ौरन बाद giraftar कया गया था और ख़बर के मुताबीक उसने police के सामने िदए गए अपने बयानम उस बमधमाके म indian mujahedin के मोलौवीश होने क बात कबूलकर ली है । एक अख़बार म छपी खबर काबारीक से जाएजा लीया जाये तो इमतीयाज क गीरफतारी और उसके पास से बम क बरामदगी ही शक के दाएरे म आ जाती है ।दीनांक 28/10/13 के Hindustan Times म खबर छपी खबरके मुताबीक सुबह 9:30 बजे पटना जंशन के लेटफ़ॉम नंबर -10 के toilate म धमाका हआ और उसके 10 मीनटके अदरही GRP पटनाके इंपेटर ने एकशस(इतीयाज)को पकड़लीया।लेकन इसखबरको आरपीएफने गलतऔर झूठाबताया औरदावा कयाके इसशस (इमतीयाज) कोआर पीएफ के जवान ने गीरफतार कयाथा। दीनांक31/10/13 के Hindustan Times पेज 2 परजनाब अतुल पाठक IGCSCRPF के हवाले से खबरछपी है जीसमे shri pathak ने कहा है के जी आर पी पटना का दावा बीलकुल झूठा है और हककत ये है के इमतीयाज को आर पी एफ के असीसटट security कमीशनर shri बी के मरकटीयार ने िगरतार कया था । उहने ये भी दावा कया है के अगर cctv footage का मुआयेना कया जाये तो उनक बात सच साबीत होगी ।उहने अपने बयान म इतीयाजके पास से बमबरामदहोने कबातनहकही इसतरहइतीयाजकgiraftaari औरउसके पाससे बमबरामदहोने क पुरीकहानीही शक के दाएरे म आ गई है लेहाजा एन आई ए के टीम को सचाई का पता लगाने के लीए CCTV फुटेज का बगौर मुआएना करना चाहीये और साइंटीफक investigation पर जेयादा भरोसा करना चाहीये । hindustan times म ही 1/11/13 को छपी खबर के मुताबीक जी आर पी के inspector रामपुकार singh के बयान क बुनीयाद पर जीआरपी थाना पटना म एक FIR दज कया गया है लेकन इस एफ आइ आर से इमतीयाज के पास से बम या फ़ोननंबर वाले लीप क बरामदगीका कोई जीकरनह है ,ये बात भीइमयीयाज क गीरफतारीऔर उसके पास से बमबरामद होने क कहानीकोसंदेहापद(mystrious) बनादेती है , इसी अखबारम छपीखबरके मुताबीकनरदरमोदी कहीफाजत के लीए बड़ी तादाद म bihar police के जवान के अलावा- बी जे पी के volunteers और करीब 200 क तादाद म private guards तैनात कए गए थेc ,तो फर इतने शत हीफाजती इतेजाम (टाइट security) के बावजूद कस तरह दशतगद बड़ी तादाद म गाँधी मैदान म बम plant करने औरमेन CCTV के तार काटने म कामयाब होगए।ये बात भीगौर के काबील है के ठहर ठहर लगातारबम धमाकाहोता रहा औरलोग इसम मरते और जमी होते रहे लेकन इसके बावजूद गाँधी मैदान म कोई भगदर नहमची। या ये इस बात का इशारा नह के बंधक ये जानते थे के रैली क मेन जगह पर कोई धमाका नह होगा ? उपरो बात को मे नजर रखते हए पटना serial blast के सील सीले म अखबार म छपी ख़बर क बुनीयाद पर central home ministar और home secretary bihar सरकार से गुजारीश करता हँ के सचाई का पता लगाने के लीए"एनआईए" कटीमकोनीचे लीखे सवालकततीशके दौरानगौरकरने काहमद ।
Congress नेता digvijay singh ,और सुबोधकांत सहाए जैसे दीगज नेता गया और पटना सीरयल धमाक म बी जे पी क कारतानी तो जनाब नीतीश कुमार cm of bihar big conspiracy करार पहले दे चुके ह तो दूसरी तरफ कुछ महपूण िबदुओं को नजरअंदाज कर जाँच एजसय के जरये नीकले नतीजे और एक समुदाय िवशेष क गरतारी ज़माने को पच नह रही,पचे भी य इनके कारनाम के काली इितहास जो सामने है। (dinank 8/11/2013 राीय सहरा उदू म कािशत एक लेख पेश है जो जाँच agensiyon को बेनकाब करती मालूम
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