नरेंद्र मोदी जी!!

नरेंद्र मोदी जी!!
आपने तो हम मुसलमानो के लिए कुछ न किया, आप के अजेंडे में भी हम मुसलमानो के लिए कुछ नहीं है, आपने हमारी टोपी जिसे पहने बिना नमाज तक नहीं अदा हो सकती को भी पहनने से इंकार कर दिया, गुजरात में २००२ में जो दंगे आपके होते हुए हो गये इस पर अफ़सोस भी नहीं जताया, फिर भी आप हिंदुस्तान के वजीरे आजम बनने के ख़वाब देख रहे हैं ? माना की आप एक कट्टर हिन्दू हैं, लेकिन आपके अंदर भी तो मानवता नाम की कोई चीज होगी ? अरे कम से कम इतना तो देश के मुसलमानो से आप कह देते की मुसलमानो के लिए मैं कुछ करूँ या न करू लेकिन मैं मुसलमानो से ये वादा जरूर करता हूँ कि देश के मुसलमानो की सुरक्षा जरूर करूंगा, अयोध्या में बाबरी मस्जिद फिर से बने या न बने लेकिन देश में मैं कई सारी मस्जिदें जरूर बनवाऊंगा, "अथिति देवो भवः " का नारा लगाने वाला देश हिंदुस्तान के आप गुजरात के चीफ मिनिस्टर हैं आप के अंदर कम से कम इतना शिष्टाचार तो होना ही चाहिए कि जब कोई दिल्ली का मुख्यमंत्री आपसे मिलने गुजरात जाये तो उसको कम से कम १ कप चाय तो जरूर पिलायेंगे लेकिन आपने तो अरविन्द जी का गुजरात में अपमान किया, देश कि जनता सब देख रही है मोदी जी , सब देख रही है। . अपने अंदर सुधार लाएं (ज़ीनत शाही )
Samir Tehsin
Zinat shahi ji...desh me ab aur masjido ki utni jarurat nhi he..lekin babri masjid jaha thi waha honi hi chahiye..aur hogi bhi..insha allah
Like14 hours ago
Imran Javed
kutta ka punchh kabhi sidha nhi hota
Like14 hours ago
Khalid Raza
you are farzi jinat sahi ? mujhe q group se nikala aap ne
aur kitno ko nikalogi aap bhartiya muslim party k group se ab gali sun ne k liye tayyar ho jao.
zummah baad galiyata hun achhe se tujhe jo ukhadna hoga ukhad lena.
EditedLike4 hours ago
Md Sahil Azmi
Abhi tak baat nhi kiya zinat
Like4 hours ago
Md Sahil Azmi
rashtriya muslim party me add karo.
Like4 hours ago
Yusuf Siddqui
Mere khayal se ye post modi aur unke smarthak ko padhna chahiye
Like4 hours ago
Moin Shiekh
Lahu baha gujrat ka bekar nhi hoskta....1qatil hmare desh ka sardar nhi hoskta ..itna mante he hm bjp ka hat nhi tha.,,.itna jante he hm isme modi ka hattha......
Like14 hours ago
Ekram Vadharia
Ye hindustan ka hitler he...aur hitlsrshahi me manavta ki koi jagah nahi.....Darindo se rahem ki ummid nahi ki ja sakti
Like2 hours ago

जिसका कोई नहीं उसका खोदा है यारों , गलत करनेवालों तुम अपनी करतूत से ही बर्बाद हो जाओगे


 नई देहली , 28/3/14/ (UNI) Hindustani फेजायिया का जहाज गिरकर तबाह , 5 लोग हालाक , हिंदुस्तानी फेजायिया का सी - 130 जे सुपर हर्कुलस तैयारह आज मध्य प्रदेश में गोवालियर के नजदीक हादसे का शिकार हो गया । इस घटना में पांच लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है ,ये जहाज चम्बल नदी के नजदीक गिरा ।आस पास के गाँव वालों ने हादसे का शिकार होने वालों की तलाश में नदी में छलांग लगाई तो एक शख्स को नदी में मौजूद मगर मछ ने अपना खोराक बना लिया ,मौकाए वारदात पर मौजूद इंतेजामिया और पुलिस सूत्रों ने बताया की परवाज के दौरान जहाज में जबरदस्त आग लग गयी थी । पायलट समेत सात लोगों की लाशें बरामद हुई हैं ।।।।।।( पिन्दार उर्दू दैनिक दिनांक 29/3/14) कहते हैं खोदा के घर देर है पर अंधेर नहीं , ये भी कहा जाता है की अल्लाह के लाठी में आवाज नहीं पर चोट बहुत है , उनकी इस कारनामें की पुष्टि हम अक्सर व बेस्तर होते देखते हैं , उसकी एक और मिशाल आपके सामने रखा , जिसे एक उर्दू दैनिक पिन्दार ने प्रकाशित किया था , हवाई जहाज के एक्सीडेंट से तो ड्राईवर समेत सात तो सवाहा हुए ही ,एक बहादुरी दिखलाने नदी में कूदे ,और मगर मच का शिकार हो गए ।।दरअसल ये सब क्या है ? मुझे लगता है मासूम मुस्लिम नौजवानों को शक के बुनियाद पर गिरफ्तारी का सबब उन नजवानों के दिल से निकलने वाली बद दुआ का नतीजा है , कितने इंजिनियर डॉक्टर लड़की पिछले पांच सालों में चली गयी पयार मुहब्बत के नतीजे में किसी ने जहर खली ,किसी ने फांसी लगाली और भी बहुत गलत तरीके से सुसाइड कर ली । आकड़ा जुटाई जाए तो दिमाग पगला जाएगा , केदार नाथ की घटनाओं पे गौर करेंगे तो सिवाए सनकने के और कुछ नहीं होगा । इसलिए मुजरिमों को बचाने वाले बेगुनाहों को फंसाने वाले तुम क्या समझते हो तुम ही बलवान हो सबका बाप ऊपर बैठा हुआ ,देख रहा , तुमको ऐसे ही मारेगा ....कभी तेरी औलादें प्यार में धोखा खाकर जहर खाएगी ,कभी फांसी लगाएगी तो कभी पांच मंजिली इमारत से कूदेगी तो कभी ट्रेन के इंजन के आगे जान देगी . .. कभी दुसरे की औलादों की सुनते हो कभी अपनी औलादों और रिश्तेदारों की कहानी सुनने को मिलजाएगी ।कयोंकि ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नहीं

बदलाव की हवा चल रही मुस्लिम समुदाय में

Santosh Singh added 2 new photos.

सात आठ माह पहले मैं अपने दादा जी के नाम पर बने गर्लस हाईस्कूल के नये भवन के उद्घाटन समारोह में भाग लेने के लिए रोसड़ा गया था।विधानसभा का सत्र चल रहा था इसलिए काफी मुश्किल से छुट्टी मिली थी और समारोह में हमारी भूमिका भी गेस्ट जैसे ही रही ।पहली बार ऐसा हो रहा था घर के कार्यक्रम में गेस्ट के रुप में भाग ले रहे थे।लेकिन समारोह के समापन के बाद स्कूल में पढ रही लड़कियो से बात करने का मौंका मिला। मै यह देख कर हैरान रह गया कि स्कूल मैं पढ रही पांच सौ छात्राओ में दो सौ से अधिक छात्राए मुस्लिम है। और ये छात्राए नियमित 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तय करके पढने आती है। पता चला कि इन लड़कियो के अभिभावक आपस में मिलकर बड़ा टेप्पू खरीद लिये हैं और उसी से ये लड़किया पढने आती है।कार्यक्रम का समापन होते होते शाम ढलने लगी थी और इन लड़कियो को भी घर जाने कि जल्दी थी फिर भी चलते चलते खास कर मुस्लिम लड़कियो में हो रहे बदलाव का एहसास मुझे हुआ ।लेकिन उस पर ज्यादा सोच नही सका।बात आयी और चली गयी क्या करे आज के पत्रकारिता में मशीन की तरह ही खबर भी जेनरेट करने का दबाव रहता है और सही में जो खबर है वो कही दूर छुट जाता है।
हाल के दिनो में चुनाव कभरेज को लेकर पटना से बाहर निकलने का मौंका मिला और इसी सिलसिले में दरभंगा भी गये वहां हमारे एक मित्र भी है और अभिभावक भी है उनसे घंटे देश और बिहार के हलात पर बहस होती है हलाकि योग्यता और अध्ययन में उनके सामने हमारी कोई विसात नही है फिर घंटे डिवेट होता है जब भी मैं दरभंगा जाता हूं तो उनसे जरुर मिलता हूं बात कर रहे है ललित नरायण मिथिला विश्वविधालय के राजनैतिक शास्त्र के प्रो0डां0 जितेन्द्र नरायण की इनकी पहचान देश के बड़े राजनैतिक विशलेषक के रुप में है जैसे ही नगरौना पेलेस में हमारी गांड़ी प्रवेश की तीस चालीस कि संख्या में बुर्का पहने लड़कियां बाहर निकल रही है। नगरौना पेलेस में विश्वविधालय का पीजी डिपार्टमेंन्ट है जैसे ही जितेन्द्र नरायण जी को सूचना मिली कि मैं आया हूं तुरंत वो मुझसे मिलने आ गये मैंने पहला सवाल मुलाकात के साथ यही किया सर ये मुस्लिम लड़किया इतनी तदाद में कोई कार्यक्रम है क्या उन्होने कहा नही नही हमारे पोलिटिकल साईंस डिपार्टमेंन्ट में इस वर्ष 20 लड़किया है उसमें से 8 मुस्लिम लड़किया है और यही स्थिति सारे डिपार्टमेंन्ट का है।मैं सून कर हैरान रह गया मैंने पुंछा सर ये स्थिति कम से देखने को मिल रही है इन्होने कहा पिछले पांच वर्षो से शुरु हुआ है और अब तो बराबरी वाली स्थिति होती जा रही है फिर मैंने कुछ लड़कियो से बात करने कि इक्छा जाहिर कि मै देख कर हैरान रह गया सभी के सभी मीडिल क्लास या ये कहे दो तीन लोउर क्लास के परिवार कि लड़किया थी जिसके पिता मीट बनाने या फिर छोटी दुकान कर रहे हैं।मैंने पुंछा राजनैतिक विषय में दिलचस्पी की वजह झट से एक लड़की बोली इसी के सहारे तो वर्षो से राजनैतिक दल के नेता हमारे कांम को ठगते रहे है फिर मैं दूसरा सवाल करने का साहस नही जुटा सका फिर मैंने जितेन्द्र नरायण जी से बात कि इन लोगो कि क्या सोच है भारत के बारे में इसकी क्या नजरिया है पढाई कि जरुरत इन्हे क्यों महसूस हूं।
आप अंदाजा नही लगा सकते बिहार में एक बड़ी मूक क्रांति शुरु है जो दिखायी नही दे रहा है उसकी गूंज सुनायी नही दो रहा है कही कोई जिंदावाद का नारा नही लग रहा है, कही किसी चौक चौराहे पर धरना प्रदर्शन नही हो रहा है। मीडिया के दफ्तर में कोई फोन नही आ रहा है हमलोग कैंडिल मार्च निकालने जा रहे हैं, रेल रोकने जा रहे हैं,पुतला दहन करने जा रहे कभरेज के लिए चले आये।ये क्रांति आधी अबादी की क्रांति है जिसका असर आने वाले कल पर दिखेगा।मैं इस क्रांति के प्रभाव का एहसास कर खुशियों से झुम रहा हूं आज मुस्लिम समाज के अंदर जो द्वंद चल रहा है आपको इसका एहसास नही है पहली बार मुस्लिम मतदाता फतवा और मुल्ला मौलवी के प्रभाव से अलग दिख रहा है पुरुषों कि स्थिति यह है कि दरवाजे पर भी वोट और पार्टियो पर बात करने का साहस नही जुटा पा रहे हैं परम्परागत बाते शुरु हुई तो घर से अंदर से विद्रोह कि आवाज आने लगती है भले पत्नी और मां दरवाजे पर नही निकलती है लेकिन बेटिया झट बाहर निकल कर पिता दादा औऱ भाई से सवाल जबाव करने लगती है। विकास सड़के बिजली कानून व्यवस्था से जुड़े ऐसे ऐसे सवाल करती हैं कि पुरुष अपनी जुबान बंद कर लेते हैं।कल हमारे कुछ मीडिया के मित्र जहानाबाद के काको इलाके में गये थे ये इलाका पूरी तौर पर मुस्लिम बहुल्य इलाका है बदलाव और महिलाओ कि आवाज सून कर हमारे मित्र हैरान है। उनका सारा समीकरण और एसी में बैंठकर बड़े पत्रकार होने का दंभ कल टूट गया हैरान है।
Seven eight months ago I became the name of his grandfather girls high school's new building to participate in opening ceremony of rosda. Assembly session was therefore quite difficult going on vacation was our role and function also guest as soon as.First it was going home in the program were participating as guests, but having read the closing ceremony after school to talk to maunka lucado. I was surprised to see that there are five hundred school I read more than two hundred chatrao chatrae Muslim chatrae regular and 10 to 15 kilometres by fixed readers. parents know that these interlinked lucado Together they buy are the same for larger teppu girls read. program concludes that evening had been and these sets contain lucado was quick to go home even though go especially to realize changes in Muslim lucado occurred to me.But that's not much thinking came and gone. what like in today's journalism machine pressure to generate news and the news right away she said free elections in recent days is the kabhrej from Patna got maunka out and so were in darbhanga also there is also our friend and guardian told him hours and Bihar halat There is debate over halaki qualifications and study is not then a visat hours in front of them is dewitt whenever I notice them I am get darbhanga has been talking of narayan mithila vishvavidhalay pro0dan0 of political fine Monica narayan of their identity as a nation of political vishleshak is as nagrauna palace in our gandi wore that number thirty of forty burqa enter girls out. Nagrauna palace is the vishvavidhalay in the PG department as soon as Monica narayan g am that I came immediately reported they were coming to meet me I met the first question did Sir these Muslim girls so not what a program he said tadad not our political sains department this year is 8-20 girls Muslim girls and that all State department. I was surprised by sun I puncha Sir Getting to see these conditions less inhone said over the past five years originated and is now becoming an equal position then I talk to that ikcha some lucado obviously that I was surprised to see all in all asked two or three lour midil class class family that was making or little girls whose father meats shop. I am interested in the topic of political puncha By dint of a girl from the same quote jhat years political party leaders are the thagte our kanm then I could not muster the courage to second question then I talk to these people that narayan g Monica wondering what is it about India perspective read that need them why don't you can imagine feeling. BH-a silent revolution is started which do not give her ECHO is not called a two jindavad sunayi slogan looks not only at the intersection a square may not encompass performance. Media Office is not a call we're going to remove the, railroad stop, kendall, effigy burning to be kabhrej. it revolution is the revolution of bearing half abadi will look at tomorrow. I realize the impact of the revolution of happiness Am within Muslim societies today jhum, which is not running dvand you realize for the first time Muslim cleric Mullah from the impact of the fatwa and the voter is visible on the door that position men vote and cannot muster the courage to speak at partiyo are starting from inside the House of conventional talk rebellion that voice seems to come even though his wife and mother at the door passes but not Father and grandfather and brother byte jhat quit and to answering any questions. development roads power law system attached to such such questions that men stop their tongue. today some of our media friends were in these rugged kako jahanabad etc. of all the Muslim bahulya rugged and mahilao that voice is our friend sun surprised. they all be large bainthakar in the equation and AC journalist conceit yesterday Broken is surprised. (Translated by Bing)

मोदी के प्रचार की जिम्मेदारी एन आई ए के हाथों में ?

आतंकी जाँच की राजनीतिकरण और भगवाकरण हो रही है :- माले
पटना 1/4/14 (PNS) सी पी आई माले पोलित ब्यूरो रुक्न कामरेड कविता कुनाल ,धिरेंदर झा ,रियासती परमानेंट कमिटी मेम्बर राजा राम और एन आई ए के हाथों टार्चर के शिकार अरवल के आबेल गाँव के मकसूद आलम और दीगर मज्लुमिन ( पीड़ित )ने आज पटना में आयोजित कांफ्रेंस से खाताब करते हुए कहा की दह्शात्गार्दाना सरगर्मियों की जांच की सेयासिकरण और भगवाकरण की जा रही है । जो देश और समाज के लिए बेहद खतरनाक है । माले रहनुमाओं ने कहा की जांच एजेंसियां अपना काम मुल्क के कानून के तेहत करे न की भगवा प्रोजेक्ट के तेहत । लोकतांत्रिक और स्वैन्धानिक संगठन का सांप्रदायिक प्रयोग हिंदुस्तान की सेक्युलर बुनियाद को कमजोर करेगा । एन आई ए कानून मानवाधिकार पर सेयाह धब्बा है ।इस ऐब को मुस्लिम बस्तियों को दह्शात्जुदा ( आतंकित ) करने के लिए और बेक़सूर मुस्लिम नवजवानों को फंसाने के खेलाफ लोकतंत्र और इन्साफ को माले अपना इशू बनाएगा । एन आई ए मोदी के हक में वोट देने का दबाव बना रहा  है और मुस्लिम बस्तियों में दहशत फैला रही है  । जांच टीम की रिपोर्ट में पीड़ितों का  बयान चौंकाने वाला  है । दिल्ली में मकसूद आलम से एन आई ए के अहलकारों ने पूछा की माले  में क्यों हो ? और कहा की तुम लोग माले को वोट क्यों दोगे? मोदी को क्यों नहीं ? माले नेताओं की एक टीम कल अरवल जिला के आबेला गाँव में मिले और इस तरह के मामलों की जांच करने गयी थी जिसमे दहशतगर्दी के नाम पर बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों को फंसाने के  खेलाफ इन्साफ की मुहीम चलाने वाली संगठन रिहाई मंच के अधिवक्ता सोऐब ,सी पी आई पोलित ब्यूरो के सदस्य कविता कृष्णन ,धरमेंदर झा ,राजा राम ,माले नेता मोहम्मद हलिम ,अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज वगैरह शामिल  थे

जांच टीम ने पीड़ितों के साथ साथ गाँव वालों के बयान की बुनियाद पर कहा है की एन आई ए की गाँव में दहशतगर्दी चल रही है । गाँव के 15 लोगों को थाना बुलाकर ,मांसिक ,और शारीरिक रूप से टार्चर किया  . जहानाबाद से एक युवक को दिल्ली बुलाकर ले गयी और अमानवीय हरकत की गयी है । घुटने की हड्डी तोड़ दी गयी है . पैर काला पड़ गया है । पानी में डुबो कर झूठ कबूल करने को कहा जा रहा है । असलम परवेज पिता का नाम मकसूद आलम को 5/3/14  को पिता के सामने बुलाया गया और उनके सामने पिटा गया । फिर दिल्ली ले जाया गया । और लगातार टार्चर किया जा रहा ।असलम के वालिद को दिल्ली बुलाया गया और उनपर दबाव डाला गया की बेटे को कहो की जुर्म कबूल कर ले । इरफ़ान के भाई रुस्तम अंसारी को दिल्ली बुलाकर एन आई ए ने दबाव डाला की अपने भाई से कहो की उसे सब बात की जानकारी हो गई है । तुम अपना जुर्म क़बूल कर लो नहीं तो खानदान बर्बाद हो जाएगा । वाजेह रहे की उन लोगों  पर एन आई ने इलज़ाम लगा रहा है की आतंकी हैदर से उन लोगों ने मोबाइल पर बात की  है । एन  आई ए ने गाँव के हिन्दू नौजवानों से भी पूछ ताछ की है । स्कूल  के  प्रिंसिपल जय चंद से भी बात की  है ।कयोंकि छात्रों से स्थानिये  टीचर से फ़ोन पर सर्टिफिकेट के सिलसिले में बातचीत की थी । एन आई ए का  इलज़ाम  है की उपरोक्त टीचर का नंबर  दहशतगर्द के नंबर से मिलता है
उर्दू दैनिक पिन्दार :- 2/4/14 पेज 9 से)

इस देश के मुसलमानों और पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए और कौन -कौन सा खेल खेलोगे ? कोई ऐसा खेल इनसे बचा है ? जो इन लोगों ने नहीं खेला , मगर सवाल पैदा होता है के आखिर ये खेल कब तक ? ऐसे खेल से कौन फायेदा उठा रहा ? देश का कानून और सभ्य हिन्दू कहाँ है जिसे अपने मजहब की बदनामी की फिकर नहीं ? कहीं देश के सभ्य हिन्दुओं की अंदरूनी सहमती तो नहीं । दुनिया में अब ये पैगाम जाने लगा है की हिन्दू धर्म में साजिश - छल कपट बहुत है , वह दुसरे मजहब पे लॉजिक से हावी तो हो नहीं सकता , इसके लिए साजिश जैसी गन्दी चीजों का हथियार के तौर पे इस्तेमाल करने लगा है . कभी पाकिस्तानी झंडा खुद लहरा कर मुसलमानों के सर बांध दो । तो कभी देश के किसी कोने में ब्लास्ट करवा दो उसमे मुसलमानों को भ्रष्ट और बिकाऊ अधिकारीयों की मिली भगत से नाम जोड़वा दो ,तो कभी गाये मांस को मंदिर में रखवा दो मगर जो सबसे बड़ा खतरा मुझे नजर आता है इस खेल का धर्म विशेष और देश विशेष को बदनाम करने के चक्कर में मामला तो उलटा हो ही रहा देश भी कमजोर और खोखला हो सकता है मुझे सबसे जेयादा दर इसी बात का लगता है , चूँकि हमारा मुल्क कई पड़ोसी दुश्मनों से घिरा है , इसलिए ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की जरुरत है ,जांच में धर्म के चश्मे को उतरना फेंकना होगा वर्ना बाद में शायद ये गीत गाना पड़ेगा ।सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या हुआ ?

हर हर मोदी ? ????

‘हर हर मोदी’ ???...नारा तो 'हर हर महादेव' का होता है...क्‍या अब भगवान शिव की जगह मोदी की फोटो लगेगी? भगवान की जगह मोदी को बैठा देंगे?' - द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद !!!

'नमो-नमो' का तमाशा बीजेपी को बर्बाद कर देगा...मोदी पर हमला बोलते हुए वरिष्ठ बीजेपी नेता जसवंत सिंह ने कहा कि 'नमो-नमो' का ड्रामा और पार्टी में जिस तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, वो पार्टी को बर्बाद कर देगा...बीजेपी में अहंकार ज्यादा है...बीजेपी ने जसवंत को बाड़मेर से टिकट नहीं दिया है...उनकी जगह कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कर्नल सोनाराम चौधरी को टिकट दे दिया गया...जसवंत सिंह ने कहा कि बीजेपी ने जो कदम उठाए हैं, उससे सवाल खड़ा हो गया है कि ये असली भारतीय जनता पार्टी है या नकली...जिनका बीजेपी से दूर दूर तक कोई मतलब नहीं रहा, उन्हें सदस्य बनाया जाए तो क्या होगा...मैं चाहता था कि बीजेपी हाल की परेशानियों का हल निकाले, लेकिन अब विश्वास उठ गया है !!!

जागो जनता जागो...इस बार देश के नाम वोट दो...इस बार आम आदमी के सांसद चुनकर संसद में भेजो...इस बार अपने सांसद चुनकर संसद में भेजो...इस बार ईमानदार को वोट दो..

10 लाख का इनामी कथित आतंकी तहसीन अख्तर के बारे में इतना बड़ा विरोधाभाष क्यों ?10 laakh inami kathit aatanki tahsin akhtar urf monu ke baray me itna bada virodha bhaash keyon ?

Tahsin akhtar ke baray me janch agensiyon ke muttajad (virodha bhasi ) daway keyon ?
jaach agensiyon ne bahut bada kaam kiya hai , 10 laakh ka inami patna ke hunkar rally , bodh geya blast ke mastermind sahit kul chaar aatanki wardaton ke kathit jimmedar ( yani sirf aarop lag rahe sabit nahi hua ) maane jane walay tahsin akhtar urf monu ko delhi ki special cell ne giraftar kar liya  , jissay uske laake ke logon samet desh ne rahat ki saans  li hogi !

Magar har giraftaari aur daawon ki tarah tahsin akhtar ke baaray me kiye ja rahe  ke sambandh mein bhi do virodha bhaasi  baten  prakashit hain jisse janta samajh nahi paa rahi ki kaun si khabar pe vishwaash  kiya jaaye ?

26/03/14  hindustan daink patna edition  ke page number 1 pe chapi kahbar chapi hai ki  " tahsin akhtar ko patna bomb aur geya dhamo ka mastermind mana jata hai , jisme usne ek dhamka ' IM ' ke sargana ke taur par karaya tha halake dono jaghon par wardaat  ke din maujud nahi tha , sajish rachne ke baad usne dhamaakon ki jimmedari haidar ali ko sonp di aur khud nikal geya .

dusri taraf  same akhbar ke page number -7 pe khabar  " Gandhi maidan me khud bomb plant kiya tha monu ne " surkhi detay huye  khabar prakashit hai , jisme dawa kiya geya hai ki tahsin akhtar ne darjan bhar se jeyada bomb khud apne he haathon plant kiye they , bomb plant karne mein monu ke saath haidar bhi tha .

uprokt virodha bhasi khabar padhne ke baad desh ki janta samajh nahi paa rahi ki janta kis khabar aur daawe ko sach maane ? janch agenciyan desh ko bataye ki kaun see khabar ko sahi maane , keya janta us khabar ko sahi maane jisme wawa kiya geya hai ki Patna hunkar rally ka mastermind Tahsin akhtar urf monu hai , lekin wah waardaat ke din mauqaye waardaat pe nahi tha ? yaa dusri report jisme kaha geya hai ki monu ne khud apne hi haathon bomb plant kiya tha , sirf itna hee virodha bhaasi nahi hai , balki wrodha bhaasi ye bhi hai ki ek report kahti hai tahsin dhamakon ki jimmedaari  haidar ali ko sonp khud nikal geya , dusri report kahti hai ki bomb plant karne mein  Haidar Ali ke saath Monu bhi tha , jaanch agenciyan waajeh karay ki monu ke baaray mein kiye jaa rahe dawon ke baare mein itna bada wirodha bhaas aur farq keyon hai ? kis baat ko sahi maana jaaye ?


 Geya dhmaka ke baare me aaj bhi logon ko nahi pach raha ki 80 foot unch budh murti par monu ya uski team ne bomb kaise plant kiye they ? saari dunia ne dekha tha ki 80 foot unchi boodh murti  par lage bomb ko defused karne ke liye bomb nirodhak daste ko sidhi ki jaroorat padi thi  aise mein sawaal uthna laazmi hai ki tahsin atkhtar aur uski kathit aatanki team 80 foot unchi murti par bomb plant karne ke liye sidhi keya full paint aur sirt ke pocket mein lekar gayi thi ?  .......... ye to chand sawal hain aise saikdon sawal hai jo jaanch agency ke daway ki na sirf qalayi khol raha balki insaniyat aur desh ke asal dushmanon ko bachata hua maalum ho raha  , par unse sawal karega kaun jisko jara bhi parwaah na ho ek ishwar ka,  usey mar kar mitti me milney ka ?

अडवाणी अपने गुनाहों की फसल काट रहे ।




भारतीय जनता पार्टी के बुजुर्ग नेता लाल कृष्ण आडवाणी को जिन्होंने नब्बे की दहायीं में पार्टी को नई बुलंदियों तक पहुंचाने का काम किया था पार्टी के सारे मामलात में इस तरह किनारे लगा दिया जाएगा ये शायद उन्होंने अपने ख्वाब में भी नहीं सोंचा होगा लेकिन अब उनके इतने बुरे दिन आ गए हैं कि लोक सभा के टिकटों की तकसीम का मामला हो या वजीरे आज़म की ओहदे की उमीदवारी का सवाल ,पार्टी कयादत उनसे सलाह व मशविरे की भी जरुरत नहीं समझती ।हालांकि पार्टी का ये लौह पुरुष अपने साथ हिने वाली नाइंसाफी के खेलाफ विरोध तो जताते हैं , नाराजगी भी दिखाते हैं लेकिन पार्टी उनकी कुछ नहीं सुनती और उन्हें फिर थक हार कर पार्टी की ख्वाहिशों के सामने सर झुकाना पड़ ही जाता है । गुजिस्ता डेढ़ दो साल से पार्टी के अन्दर उन्हें इस बेईज्ज़ती का सामना करना पड़ रहा है और क़दम क़दम पर जिल्लत झेलना पड़ रही है इसको बर्दास्त करते हुए अगर वह पार्टी में बरकरार रहें तो यही कहा जाएगा की वह बड़े ही दिल गुर्दे वाले या फिर इन्तेहाई बेहाया सख्श हैं ।पी एम् की उमीदवारी के सवाल पर पार्टी कयादत ने आर एस एस के इशारे पर न सिर्फ अडवानी बल्कि शुष्मा सव्राज ,मुरली मनोहर जोशी और अरुण जेटली जैसे बासलाहियत ,और तजरबाकार और मशहूर नेताओं को दूध की मख्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया । इससे ही ये सिग्नल मिल गया था की पार्टी के अन्दर कम अज कम अडवाणी के दिन तो लद ही गए हैं ।आडवानी पार्टी की इस नाइंसाफी पर थोड़े रूठे और नाराज हुए ।विरोध किया लेकिन कोई पूछ न होने पर अपना सर झुका दिया हालात से समझौता करते हुए पार्टी का दामन थामे रहे । जब लोकसभा के टिकटों की तकसीम का वक़्त आया तब उन्हें पार्टी की पहली फेहरिस्त में जगह तक नहीं दी गयी बल्कि पार्टी के हामी ग्रुप ( यानी नरेंदर मोदी ग्रुप )की तरफ से ये शोंशा छोड़ा गया की पार्टी उन्हें और डाक्टर मुरली मनोहर जोशी को लोक सभा की बजाये राज्य सभा का सदस्य बनाना चाहती है । चूँकि पार्टी ने पहले से ही ये मन बना लिया था की मोदी को वाराणसी और गाँधी नगर दोनों ही जगहों से उमीदवार बनाना है ,चुनांचे इसके लिए जोशी और आडवाणी को उनकी सीटों से बेदखल करना जरुरी है ।जोशी भी अपनी बेदखली पर उछले कूदे लेकिन ठंडे पड़ गए ।आडवानी ने कुछ दिलेरी दिखाई और ये एलान कर दिया की वह अपने पूर्व के क्षेत्र गाँधी नगर से ही लोकसभा चुनाव लड़ेंगे ! लेकिन पार्टी कयादत इस बारे में उनको किसी तरह की यकीन देहानी कराने की बजाये ये सिग्नल ही देती रही के गाँधी नगर नरेंदर मोदी की जागीर में शामिल रहेगा ।इस दौरान अडवानी के वफादारों ने उन तक अन्दर की खबर पहुंचा दी कि अगर वह गाँधी नगर से चुनाव लड़ने पर अड़े रहे तो नरेंदर मोदी उनको हराने के लिए एंडी चोटी का जोड़ लगा देंगे जिसके बाद उनकी और भी सुबकी हो जायेगी ।मोदी की शातिराना चाल से चूँकि अडवानी पूरी तरह आगाह हो चुके हैं ,चुनांचे वफादारों का ये मशविरा उनके दिल में बैठ गया और हालात को देखते हुए उन्होंने अपने सबसे ज्यादह काबिले एतमाद दोस्त शिवराज सिंह चौहान की रियासत मध्य प्रदेश के भोपाल से चुनाव लड़ने का इरादा बना लिया ।आर एस एस के इशारे पर मोदी और राजनाथ सिंह ने जो गेम प्लान तैयार किया था वह अब मांजरे आम यानी पर्दा फाश हो गया और प्रेस में इस पर खुल कर बहस होने लगी तब पार्टी केयादत ने घबरा कर आखिर ये एलान कर दिया की आडवाणी को गाँधी नगर से ही टिकट दिया जाएगा ,बुध को जारी फेहरिस्त में बाकायेदा तौर पर उनके नाम का भी एलान कर दिया गया , इस U - turn पर अडवानी के दिलों दिमाग में शक पैदा होना लाजमी था चुनांचे वह आखिर तक ये कहते रहे कि अब वह भोपाल से ही चुनाव लड़ेंगे ।उनके जिद की बुनियादी वजह यही थी की गाँधी नगर में उन्हें यही खौफ सताता रहेगा कि नरेंदर मोदी उनके साथ विश्वाशघात कर सकते हैं ।नरेंदर मोदी को अगरचे बडौदा से उमीदवार बना दिया गया है ।जहाँ से वह वाराणसी के मुकाबले आसानी से जीत जायेंगे लेकिन उनके समर्थक फिरभी नहीं चाहते के अडवानी चुनाव जीत कर लोक सभा पहुंचे कयोंकि ऐसी सूरत में जब दुसरे दलों से समर्थन लेकर हुकूमत बनाने की बात आएगी तब हो सकता है की दूसरी पार्टियां जिनमें जनता दल यू सर फेहरिस्त है । मोदी की बजाये अडवानी को वजीरे आज़मबनाने पर साथ देने को तैयार हों जाएँ और अगर अडवानी हार कर मैदान से बाहर हो जायेंगे तब मोदी के सर पर लटकती हुई तलवार का वजूद ही ख़त्म हो जाएगा । बहर हाल मोदी की ये चोरी जब पकड़ी गयी तब वह संघ के चीफ मोहन भागवत के सामने सफाई पेश करने के लिए नयी दिल्ली पहुंचे और दूसरी तरफ एक बार फिर सुष्मा स्वराज और साबिक सदर नितिन गडकड़ी मान मनौवल के लिए अडवानी के घर गए । अखबारी ख़बरों के मुताबिक रात गए तक आडवानी गाँधी नगर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो गए हैं ,लेकिन अफ़सोस और इबरत का मुकाम ये है की उन्हें पार्टी के अन्दर अपना वजूद बरक़रार रखने के लिए इतनी जिल्लत और रुसवाई उठानी पड़ रही । शायद वह भी अपने गुनाहों की फसल काट रहे हैं । इस पुरे ड्रामा का बस एक ही सबक है और वह यह है की भारतीय जनता पार्टी अब पूरी तरह से एक फरदे वाहिद की पार्टी यानी नरेंदर मोदी की पार्टी बन कर रह गयी है ।दूसरी तरफ अडवानी अपने अरूज की खातिर राम मंदिर तहरीक के नाम पर पुरे देश में जो क़त्लेआम और लूट पाट का बाज़ार गर्म कराया था उसकी सजा उन्हें अब इसी तरह की जिल्लत और रुसवाई की शक्ल में मिल रही है
( उर्दू दैनिक पिन्दार , नोक्ता ए नजर , मसुदूल रब , दिनांक 23/3/14 )