Nitish Kumar on Facebook
Yesterday at 10:45
लोकनायक जयप्रकाश नारायण और प्रभावती जी द्वारा स्थापित कमला नेहरू शिशु विहार, हाई स्कूल को राज्य सरकार एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देगी। कल हमने इस स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया था और इसके उचित विकास के लिए शिक्षा विभाग को ज़रूरी निर्देश दिए हैं। हमें यह जानकर भी खुशी और थोड़ी सी हैरानी हुई कि पहली बार इस विद्यालय में कोई मुख्यमंत्री आया है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण और प्रभावती जी द्वारा स्थापित कमला नेहरू शिशु विहार, हाई स्कूल को राज्य सरकार एक करोड़ रुपए की सहायता राशि देगी। कल हमने इस स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन किया था और इसके उचित विकास के लिए शिक्षा विभाग को ज़रूरी निर्देश दिए हैं। हमें यह जानकर भी खुशी और थोड़ी सी हैरानी हुई कि पहली बार इस विद्यालय में कोई मुख्यमंत्री आया है। मैं यहां के शिक्षकों को भी बधाई देना चाहता हूं, जो कम पैसे मिलने के बावजूद यहां पढ़ा रहे हैं और बालिका-शिक्षा की दिशा में काम कर रहे हैं।
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Shashank Shekhar Singh
You have taken a very nice step regarding development of Kamla Nehru High School .Many many thanks to you sir ji from my side and on the behalf of my Dad (Sapan Kumar Singh ,SPL PP ,madhubani ).
Like · 2 · Yesterday at 11:44
Sumit GoNgba
Wa ye huina bat
Like · Yesterday at 11:59
Anand Pushkar
aaj bihar ke education mai bahut sudhar hua hai .. ek matra bihar he aisa rajya tha aur hai jaha comman education system commits bana ke charcha hui tha but cemtral government ne iska aprovail nahi diya aur hum manga karta hai special status ko wo bhi humko nahi mil raha hai
Like · 1 · Yesterday at 12:11
Bhabesh Thakur
Achha kar rahe
Like · Yesterday at 12:15
Anand Tiwari
Gunwatta par v thoda dhyan de...
Like · Yesterday at 12:26
Zibran Khan
Great great great
Like · Yesterday at 12:42
Sujit Verma
So insprng
Like · Yesterday at 13:08
Kanaiya Singh
jay bihar
Like · 1 · Yesterday at 13:09
Sandeep Kumar
good work sir !! hats off 2 u
Like · Yesterday at 13:31
Nitish Kumar Singh
Banta Bihar Badhta Bihar.....
Like · 2 · Yesterday at 14:30
Ashok Kumar Singh
Eak dahar jai bihar.
Like · 1 · Yesterday at 16:30
Rajeev Kumar
Rising bihar but keeping past in mind. Good going sir.
Like · 1 · Yesterday at 17:52
Jitendra Pappu
'''''!!!! मोहबत करने वाले आँखो कि बात आँखो में समझ लेते है ! सपनो में मिले तो मुलाकात समझ लेते है !!! रोता तो आसमान भी अपनी धरती के लिए !!! परन्तु लौग उसे बरसात समझ लेते है !!!!'
Like · Yesterday at 18:47
Soni Patel
Bihar need only nitish
Like · Yesterday at 19:43
Pandav Kumar
जहाँ तक मैं बिहार की राजनीति को समझ पा रहा हूँ .. .. बिहार में लोकसभा एवं विधानसभा का चुनाव एक साथ ही होने की उम्मीद है
Like · Yesterday at 20:20
Mukesh Kumar Sinha
Nice support - appreciable.
Like · Yesterday at 20:51
Ravindra Kumar Singh
Hamare village me 2 mahine se transformer ke under spark kar ke kabhi 50 volts to kabhi 300 volts aa rha hai . transformer change karna hai lekin,bijali bibhag ke sab ke sab mare pade hain.Vill - Chaumukha , P.S - Pachrukhi , Dis - Siwan\
Like · 10 hours ago
Sonu Sirji
Good... Kv hmare rohtas me aiye aur aisa ek do kam kijiye c.m.sahab.
Like · 10 hours ago
Shahid Hussain
vry good
Like · 9 hours ago
Nisar Khan
well done sir
Like · 6 hours ago
Ali Aslam
good support for L J N SCHOOL
Like · 6 hours ago

Priya Yadav . के फेसबुक वाल से


एक लङकी थी दीवानी सी, पूजा पाठ
करती थी,
संसार का भटकाव छोङ ईश्वर की शरण मे
जाना चाहती थी.
गली के मोङ पे अक्सर एक
आवारा लङका उसका इँतजार किया करता.
उसे देखता. रोकता. गीत गाता.
लङकी दुखी होकर एक संत के आश्रम
चली गयी.
बरसो से उसका परिवार संत का अनुयायी था.
लङकी को आश्रम मे शान्ति मिली. लेकिन एक
दिन संत ने कहा तुम पर प्रेत
का साया है.
मैने बहुतो का छुङाया है,
एक रात संत ने प्रेत
बाधा दूर की और लङकी का विश्वास उठ
गया.
लङकी ने समाज को जगाने की ठानी.
वह पत्रकार बन गयी. लेकिन एक दिन एक
आदर्श पत्रकार मुखौटे ने
उसे लिफ्ट मे रोक लिया. लङकी ने अपनी ठान
छोङी वह सीधे नेता के
पास गयी शिकायत करने.
लेकिन नेताजी अपने बेडरुम मे किसी और
की शिकायत सुन रहे थे.
लङकी जज के पास गयी तो जज ने फैसले के
बदले आबरु माँग ली.
लङकी लौट आयी अपने घर,
नुक्कङ पर
वही आवारा लङका मिला
लङकी ने उसे रोते हुए कहा....
तुम कितने अच्छे हो, सच्चे हो.
जो अंदर हो वही बाहर हो

करनल पुरोहीत और मेजर उपाध्याय ने ATS को हथीयार सप्लाई किये थे?


कर्नल पुरोहित और मेजर उपाध्याय ने ATS को हथियार सप्लाई किया किया था : (देफा)

मुंबई 29 , नवंबर 2013 (press Relesa)

26/11 मुंबई दहशत गर्दाना हमला में शहीद होने वाले ,दहशत गर्दी के चेहरे पर चढ़े भगवा नकाब को पहली बार उतारने में कामयाबी हासील करने वाले ATS दस्ता के आला अफसर हेमंत करकरे की जानीब से मालेगांव 2008 बम धमाका मामले में फौज से संबंध रखने वाले दो आरोपी से sambandhit "ATS"के आला अफसर ने किसी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया और कहा के उसे इस बात की जानकारी नहीं के इस मामले में हेमंत करकरे ने करनल पुरोहीत और मेजर उपाध्याय को भी गिरफ्तार किया था . उसे इस बात की भी जानकारी नहीं के हेमंत करकरे ने किन किन बम धमाकों की तहकीकात की थी और कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया था ? वाजेह हो के फ़ौज से संबंध रखने वाले इन दो आरोपियों के इल्जाम के तेहत गिरफ्तारी की इंटरनेशनल लेवल पर चर्चा का विषय बना था और इन आरोपियों के बाद साध्वी प्रग्या सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद देश की जनता को दहशत गर्दी अर्थात आतंकी खेल के पीछे खेले जा रहे असल खेल का पता चला था ..........लेकिन ............हैरत अंगेज बात ये है के खुद ATS के अफसर को ही इस बात की जानकारी नहीं है के उस वक़्त के उसके सीनियर अफसर sawargiye हेमंत करकरे ने उन दो अफसरों को गिरफ्तार किया था । maharashtra में हुए एक आतंकी वारदात औरंगाबाद हथियार जब्ती मामला में बतौर गवाह पेश हुए ATS के आला अफसर किशन shinghal ने आज यहाँ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी करने वाले जमीअतुल ओलेम maharashtra (अर्शद मदनी) के देफाई वकील (बचाव paksh) अब्दुल वहाब खान की जानीब से नवे दिन पुछे गए एक सवाल के जवाब singhaal ने कहा के उसे इस बात की जानकारी नहीं है के शहीद हेमंत करकरे ने ही मालेगांव बम धमाके मामले की जांच की थी और भगवा संगठनों से संबंध रखने वालों को इस मामले में गिरफ्तार किया था । विशेष मकोका अदालत के जज GT Qadri के रु ब रु बचाव paksh के वकील खान ने जब शिन्घल से ये दरयाफ्त किया के ATS दस्ते ने जिन हथियारों विशेष कर AK 47 रायेफलों को आरोपियों के कब्जे से जब्ती का दावा किया है और जो हथियार अदालत में पेश किये गए उन हथियारों पर लिखे गए नंबरों में बहुत जेयादा फर्क है इस पर shinghal ने इंकार किया और कहा के उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं ,कयोंके पंचनामा करते वक़्त उसे हथियारों पर लिखे जो नंबर दिखाई दिए थे उसने उन्ही नंबरों को दर्ज किया था । वकील बचाव pakch अब्दुल वहाब खान ने shinghal पर इल्जाम लगाया के कर्नल पुरोहीत और मेजर उपाध्याय ने उसे हथियारों की खेप मुहैया की थी ,जिसे आरोपीयों के कब्जे से जब्त करने का दावा किया है ,कयोंके जब्त किये गए हथियार फ़ौज के हथियारों जैसे ही मालुम पड़ते हैं ,जिस पर shinghal ने इंकार किया और कहा के बचाव pakch का ये इल्जाम झूठ का पुलिंदा है ,कयोंके वह मेजर उपाध्याय और कर्नल पुरोहीत को जानता ही नहीं और औरंगाबाद हथियार जब्ती मामले में जो हथियार जब्त किये गए हैं वह आरोपियों के पास से ही जब्त किये गए जिसका उनके पास पूरा पुख्ता सबुत भी मौजूद है ।singhal से बहस आज अधूरी रही ,जमीअत के वकील सोमवार को दोबारह सरकारी गवाह से बहस की शुरुआत करेंगे pindar urdu daily ,patna,30/11/13.


media बीमार हो गया ?



Media बीमार हो गया ,डॉटर बीमारी का इलाज करता है और आदमी उसे भगवनऔर मसीहा समझताहै । वह आम इंसान की उमीद का किरण  होता है ।
लेकिन डॉक्टर ही बीमार हो जाए तो ?
इलाज के नाम पर मरीज का #Kidney बेचना शुरू करे तो ..........?
यही हाल है media का ख़ास कर hindi और अंग्रेज़ी सहाफियों (journalists)और और अखबार का जो बीमार हो गए हैं और जो मोकद्दस  (pawitra) पेशा की आड़ में जुर्म  (crime) कर रहे हैं।
मेरे अलफाज सतही  लेकिन  उनका जुर्म इस से भी ज्यादा संगीन है क्योंकि  ये किसी  फरदे वाहीद अथवा किसी #Individual_Person के खेलाफ नहीं बल्कि पुरे समाज के खेलाफ है ।
इन अखबार और सहाफियों  के दिमाग  में  #Firqaparasti अथवा #sampradaikta और भेदभाव के कसर अपने तीसरे stage की #Cancer की तरह जड़ पकड़ चुका है । # 27 अटूबर 2013 को गाँधी मैदान में भारतीय जनता पार्टी  की रैली में जो बम धमाके हुए वह  Intehai खौफनाक घटना की  हैसीयत रखते हैं जीनक जतनी मजम्मत  अथवा condemn की  जाए कम है ।
लेकिन  उन धमाकों  के लीए इस्तेमाल होने वाले बम बहुत जेयादःताक़तवर नहीं थे ।
इससे ये लगता है कि उनका मक़सद बड़े पैमाने पर हत्याओं  की  बजाये Logon में  गम ,खौफ व हरास अथवा आतंक  पैदा करना था ।
मगर इससे ये पहलु निकलता है कि  वहाँ इतनी बड़ी तादाद में  लोग मौजूद थे ।
खोदा न खस्ता अगर भगदड़  मच जाती तब यकीनन काफ़ी लोग के मरने काअंदेसा था ।ये सभी लोग बेक़सूर थे । ये तअच्छा हुआ कि हैरतअंगेज तौर पर बल्कि  गैर फ़ितरी  (unnatural )तौर पर वहां कोई भगदर नहीं मची !
इसलिए जिन लोगों ने भी ऐसा किया है उन लोगों के खिलाफ कड़ी करवाई वाकेई  मीलनी चाहीये .....लेिकन .....हैरत इस बात पर हो रही कि आम लोग की कारे अमल (reaction)जीतनी होनी चाहिए सर्द और मवाजन अथवा ठंडाऔर बैलेंस था ।
 मगर #Mediaका रवैया उतना ही आक्रामक था।
जहाँ एक तरफ जाँच एजसीयां अपने पहले वाले रवैया के एन मुताबीक काम करना शुरू कर दीया वहीँ अखबार ने हर गिरफ्तारी पर नाचना शुरू कर दिया । हैरत तो ये है कि कानून और सहाफत का  ABCD पढ़ते वक़्त ये बताया जाता है के जब तक कसी पर जुर्म  साबीत न हो जाता है उसे मुजरीम नहीं कहा जा सकता । बल्कि  वह "मुल्जिम होता है यानी उस पर इलज़ाम होता है और ये इल्जाम सही भी हो सकता है और गलत भी लेकिन कोई भी Muslim लड़का शक की वजह से गिरफ्तार क्या हो जाता है , जांच एजसीयां  "शक के आधार पर हुई गिरफ्तारियों "का कितना गलत और बेजा इस्तेमाल करती हैं  और किसी तरह बेक़सूर नौजवान का और उनके घर का  #Future अंधेरे म बदल दीया जाता है , इसपर पहले ही बहुत कुछ लीखा जा चुका है ) तो hindi औरअंेजी अख़बार के पहले पेज परअसर पहली खबर के तौर पर शह सुरखी (Headlines )होती है ।
कि "खतरनाक आतंकी गिरफ्तार  "कथीत या संदिग्ध जैसे शब्द का वह इस्तेमाल नहीं करते बलके सीधे फैसला सुना देते हैं । फिर उसके इर्द  गिर्द  ऐसी रौंगटे  खड़े कर देने वाली दास्तान  गढ़ी जाती है जैसे के वह कोई इंसान नहीं हो बलके चलता फिररता टाइम बम हो ।
ये पत्रकार  उन नौजवानों को , जिन में  से ज्यादा तर बेक़सूर होते हैं  ,ऐसा बनाकर पेश करते हैं  गोया ऐसे लोग को बगैर किसी गवाही और मुक़दमा के सरे बाजार गोली मार दी जाए ।लेकिन जब यही नौजवान कई महीने या कई साल जेल के सलाखों और उनके पीछे की दर्दनाक जंदगी झेल कर जब
बेकसूर साबीत हो कर बाइज़त बड़ी हो करआते है तो इन बेशर्म और बे हया पत्रकारों की नजर तक नहीं झुकता । उसे ये  तौफिक नहीं होती के वह उन के बेक़सूर होने की खबर भी वैसे ही प्रकाशित की जाए  जिस तरह उनके "आतंकी  "होने की खबर प्रकाशित की गई थी ।
और छापते भी हैं  तो अखबार के आखरी पेज पर किसी कोने में  इसका गैर वाजेह अंदाज में  कि लोग उसे पढ़े भी नहीं ।
इतना ही नहीं , ऐसे मामलों में गैर मुस्लिम की संलिप्ता के सबुत मीलती है बल्कि पुख्ता सबुत मील जाते हैं तो उन पत्रकारों का रवैया सिटपिटाया  हआ होता है । वह उस के ख़बर छापते भी हैं तो जैसे के "न छापना परता तो अच्छा  था"
 पटना धमाके के सिलसिले में हर मुसलमान लड़के की गिरफ्तारी  पर मीडिया धमाका खेज बना कर पेश करती रही ,लेकिन  जब तार के सिलसिले  को जोड़ते हुए police ने लखीसराय से 4 गैर मुस्लिम नौजवान #Vikash kumar , पवन कुमार ,सतीश prasad ,और सुरेश साह को गिरफ्तार  किया तब ये खबर अखबार में जेली सुर्खियों के साथ प्रकाशित हई?
और इस ख़बर को भी गुमनाम कर देने की कोशीशक की गई ,
जिस तरह Sadhvi pragya singh thakur , Karnal Purohit और उनके हवारीय को इस पर भेदभाव और साम्प्रदायिक मीडिया  ने साफ़ बचा ले जाने की  कोशीश की ।  Media का ये रवैया नया नहीं है । देश के आजादी के पहले से ही इस paturn पर ढालने का काम शुरू हो गया था ।
नफरत की हिज लहर ने इस मुल्क  को दो भाग में बाँट दिया और जिस ने हमेशा के लए दो कौमी नजरया (two nation policy) को कायम कर  दिया  ,वह नफरत बहुत  सोंच  समझ कर फैलाई गई थी ।
अंग्रेजों के लए भले ही ज्ज्बाये  Intekaam था जो चाहते थे के हमजायगे जर मगरतुहे चैनसे रहने नहदगे ,लेिकनअंेज के इसहथीयारको उनलोगने बहत तेज़ीसे अपनाया और हेफाजत कजो hindustan को "hindu rashtr "बनाना चाहते थे ।वह जानते थे के इसके लए hinduon औरमुसलमान के बीचनफरत क दीवार रहनाजरी हसी ।,चाहे उस दीवारकतामीर म झूठऔरफरेब कजतनीभी इंटऔरसीमट लगानीपड़े मगर नफरतकये दीवारमजबूतसे मजबूत तरहोनीचाहीये ।वहयहभी जानते थे के इस मोहीम क कामयाबी " media" के मुमकन नह है ।लेहाजा उहने media को फोकस कर दीया और उसक जड़ म भेदभाव और sampardaikta क का जहरीला खाद दीया जाने लगा ।आज वह जहरीला पौधामजबूत दरत बन चूकाहै । आज वहमुसलमान के खेलाफ जहरअशानी (जहर फ़ैलाने )काकोई मौका नह छोड़ताकयके उसका दोहराफायेदाहै । नफरतकखेतीभीफलफूल रहीहै औरख़बर भीखूब फरोतहोरहीह।ये नफरत से भरीतेजारतिकतनकाखून बहारहीहै ।इससे उह कोईमतलबनहहै ।कयके ये उनके गैरमवको नहहै ।ये उनक मंसूबाबंदी (planing)का हीससाहै ।लेकनअफसोस के हम जोलगातार इससाजीश औरइस मोहीमका nishanaबन रहे ह ,लगातारनुसान उठारहे ह ,जानमाल इज़तआबगंवा रहे ह लेकन इसके सदबाबके लएकुछनह कररहे ह।जमहरीनेजाम (democratic system)म इसकामुकाबला करने क जरतथी एक bilmuqaabil mediaके केयामका ।म ने पहले भीलखा था ।लोग ने बहत पजीराई(सराहना)क लेकनअमली तौरपर दोएक अफरादने ही raju कया ।बाकसब के सब सोये रहे ।हम कोशीशकरनी चाहीये एक mutbaadil मीिडयाक ।चैनलशायद अब दुशवारहो लेकनएक अखबारया कम अजकम एकअछे hindi रेसाला से हीसही इसका आगाज होना चाहीये।हम य नह इसनहज पर सचते ? जबइतने कल और इतनी सवाईके बावजूद हमारी नदनह टूट रही है तोफर हम कब जागगे ? जगेगे भी या इसी नद कहालत म सहे हसतीसे मीट जायगे ? औरया हमारी तरह हमारी नल भी ऐसी ही सवाई ,और खासारे का शीकार होतीरहगी ?हम उह इसके लीये भीछोड़दगे?सचने कजरतहै। (Mr.Rashid ahmad , sub-edititor urdu daily Qaumi Tanzeem,patna. Dated.17/11/13)

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गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और भारी संख्या में "बी जे पी " के volunteers और 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने और धमाका करने में कामयाब हो गए ?गाँधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया था ? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद आखीर ये कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गांधी मैदान में दहशतगर्दों को आज़ादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के सीर्फ एक रोज़ पहले खाली सूटकेस बरामद हुआ था , उसकी forensic जाँच क्यों नहीं कराई गई ?..........


भाजपा की तरफ से पी एम के उमीदवार जनाब नरेंदर मोदी की पटना रैली में धमाके और उन धमाकों में आधा दरजन लोगों के मरने और बहुत सारे अफराद के जख्मी होने के मामले की जीतनी भी आलोचना की जाए कम है ,लेकीन तश्वीशनाक बात ये है के हमेशा की तरह शक की सुई indian mujahedin की तरफ ही गई है ,क्योंके इस सील सीले में बम धमाके में कथित तौर पे शामील एक शख्स (इम्तीयाज) को पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 10 के toilate में हुए धमाके के फ़ौरन बाद giraftar कीया गया था और ख़बरों के मुताबीक उसने police के सामने दिए गए अपने बयान में उस बम धमाके में indian mujahedin के मोलौवीश होने की बात कबूल कर ली है । एक अख़बार में छपी खबरों का बारीकी से जाएजा लीया जाये तो इमतीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बमों की बरामदगी ही शक के दाएरे में आ जाती है ।दीनांक 28/10/13 के Hindustan Times में खबर छपी खबर के मुताबीक सुबह 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर -10 के toilate में धमाका हुआ और उसके 10 मीनट के अन्दर ही G R P पटना के इंस्पेक्टर ने एक शख्स (इम्तीयाज)को पकड़ लीया ।लेकीन इस खबर को आर पी एफ ने गलत और झूठा बताया और दावा कीया के इस शख्स (इमतीयाज) को आर पी एफ के जवानों ने गीरफतार कीया था। दीनांक 31/10/13 के Hindustan Times पेज 2 पर जनाब अतुल पाठक IGCSCRPF के हवाले से खबर छपी है जीसमे shri pathak ने कहा है के जी आर पी पटना का दावा बीलकुल झूठा है और हकीकत ये है के इमतीयाज को आर पी एफ के असीसटेंट security कमीशनर shri बी के मरकटीयार ने गिरफ्तार कीया था । उन्होंने ये भी दावा कीया है के अगर cctv footage का मुआयेना कीया जाये तो उनकी बात सच साबीत होगी ।उन्होंने अपने बयान में इम्तीयाज के पास से बम बरामद होने की बात नहीं कही इस तरह इम्तीयाज की giraftaari और उसके पास से बम बरामद होने की पुरी कहानी ही शक के दाएरे में आ गई है लेहाजा एन आई ए के टीम को सच्चाई का पता लगाने के लीए CCTV फुटेज का बगौर मुआएना करना चाहीये और साइंटीफीक investigation पर जेयादा भरोसा करना चाहीये । hindustan times में ही 1/11/13 को छपी खबर के मुताबीक जी आर पी के inspector रामपुकार singh के बयान की बुनीयाद पर जीआरपी थाना पटना में एक FIR दर्ज कीया गया है लेकीन इस एफ आइ आर से इमतीयाज के पास से बम या फ़ोन नंबर वाले स्लीप की बरामदगी का कोई जीकर नहीं है ,ये बात भी इमयीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बम बरामद होने की कहानी को संदेहास्पद (mystrious ) बना देती है , इसी अखबार में छपी खबर के मुताबीक नरेंदर मोदी की हीफाजत के लीए बड़ी तादाद में bihar police के जवान के अलावा- बी जे पी के volunteers और करीब 200 की तादाद में private guards तैनात कीए गए थे ,तो फीर इतने शख्त हीफाजती इन्तेजाम (टाइट security) के बावजूद कीस तरह दह्शतगर्द बड़ी तादाद में गाँधी मैदान में बम plant करने और मेन CCTV के तार काटने में कामयाब हो गए।ये बात भी गौर के काबील है के ठहर ठहर लगातार बम धमाका होता रहा और लोग इसमें मरते और जख्मी होते रहे लेकीन इसके बावजूद गाँधी मैदान में कोई भगदर नहीं मची। क्या ये इस बात का इशारा नहीं के प्रबंधक ये जानते थे के रैली की मेन जगह पर कोई धमाका नहीं होगा ? उपरोक्त बातों को मद्दे नजर रखते हुए पटना serial blast के सील सीले में अखबारों में छपी ख़बरों की बुनीयाद पर central home ministar और home secretary bihar सरकार से गुजारीश करता हूँ के सच्चाई का पता लगाने के लीए "एन आई ए" की टीम को नीचे लीखे सवालों की तफ्तीश के दौरान गौर करने का हुक्म दें ।

क्या इम्तीयाज को "जी आर पी "के स्टाफ ने giraftar कीया था या "आर पी एफ" क़ी टीम ने jiski अगुवाई असीसटेंट security कमीशनर shri BK markatiya कर रहे थे ? या गीरफतारी के फ़ौरन बाद इम्तीयाज के पास से बम या फोन नंबर लीखा स्लीप बरामद हुआ था ?
अगर हां तो इस बात की चरचा एफ आई आर या "आर पी एफ़ "के जरीये भेजे गए report में क्यों नहीं है? गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और बड़ी तादाद में BJp के volunteersऔर करीब 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने में कामयाब हो गए ? गांधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद ये इतनी आसानी से कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गाँधी मैदान में दहशतगर्दों को आजादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के केवल एक रोज पहले एक खाली सूट केस बरामद हुआ था उसकी फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराइ गई ? क्या धमाके के बाद गाँधी मैदान से जो जीन्दा बम बरामद कीए गए थे उसके plastic रैपर पर गुजरात की कंपनी का नाम दर्ज था जो इस बात का इशारा नहीं है के दहशतगर्द गुजरात से आये थे ? जीस टाइमर घड़ी को blast के लीए इस्तेमाल कीया गया था ये सभी घड़ीयां लोटस brand की थीं - ये घड़ीयां कहाँ बनती हैं ? और इतनी बड़ी तादाद में इसकी खरीदारी कहाँ से की गई? इसका भी पता लगाना जरुरी है ।
लेहाजा सच्चाई का पता लगाने के लीए तफ्तीश के दौरान उपरोक्त सवालों पर गौर करना बहुत जरुरी है इसके लीए CCTV फुटेज और sciencetific तफ्तीश का सहारा लेना होगा । (urdu daily qaumi tanzeem patna dated,6/10/2013 ,पेज 6 से

सैयद मोहम्मद महफूज आलम retired जज, पटना high court )

गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और भारी संख्या में "बी जे पी " के volunteers और 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने और धमाका करने में कामयाब हो गए ?गाँधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया था ? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद आखीर ये कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गांधी मैदान में दहशतगर्दों को आज़ादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के सीर्फ एक रोज़ पहले खाली सूटकेस बरामद हुआ था , उसकी forensic जाँच क्यों नहीं कराई गई ?..........


भाजपा की तरफ से पी एम के उमीदवार जनाब नरेंदर मोदी की पटना रैली में धमाके और उन धमाकों में आधा दरजन लोगों के मरने और बहुत सारे अफराद के जख्मी होने के मामले की जीतनी भी आलोचना की जाए कम है ,लेकीन तश्वीशनाक बात ये है के हमेशा की तरह शक की सुई indian mujahedin की तरफ ही गई है ,क्योंके इस सील सीले में बम धमाके में कथित तौर पे शामील एक शख्स (इम्तीयाज) को पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर 10 के toilate में हुए धमाके के फ़ौरन बाद giraftar कीया गया था और ख़बरों के मुताबीक उसने police के सामने दिए गए अपने बयान में उस बम धमाके में indian mujahedin के मोलौवीश होने की बात कबूल कर ली है । एक अख़बार में छपी खबरों का बारीकी से जाएजा लीया जाये तो इमतीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बमों की बरामदगी ही शक के दाएरे में आ जाती है ।दीनांक 28/10/13 के Hindustan Times में खबर छपी खबर के मुताबीक सुबह 9:30 बजे पटना जंक्शन के प्लेटफ़ॉर्म नंबर -10 के toilate में धमाका हुआ और उसके 10 मीनट के अन्दर ही G R P पटना के इंस्पेक्टर ने एक शख्स (इम्तीयाज)को पकड़ लीया ।लेकीन इस खबर को आर पी एफ ने गलत और झूठा बताया और दावा कीया के इस शख्स (इमतीयाज) को आर पी एफ के जवानों ने गीरफतार कीया था। दीनांक 31/10/13 के Hindustan Times पेज 2 पर जनाब अतुल पाठक IGCSCRPF के हवाले से खबर छपी है जीसमे shri pathak ने कहा है के जी आर पी पटना का दावा बीलकुल झूठा है और हकीकत ये है के इमतीयाज को आर पी एफ के असीसटेंट security कमीशनर shri बी के मरकटीयार ने गिरफ्तार कीया था । उन्होंने ये भी दावा कीया है के अगर cctv footage का मुआयेना कीया जाये तो उनकी बात सच साबीत होगी ।उन्होंने अपने बयान में इम्तीयाज के पास से बम बरामद होने की बात नहीं कही इस तरह इम्तीयाज की giraftaari और उसके पास से बम बरामद होने की पुरी कहानी ही शक के दाएरे में आ गई है लेहाजा एन आई ए के टीम को सच्चाई का पता लगाने के लीए CCTV फुटेज का बगौर मुआएना करना चाहीये और साइंटीफीक investigation पर जेयादा भरोसा करना चाहीये । hindustan times में ही 1/11/13 को छपी खबर के मुताबीक जी आर पी के inspector रामपुकार singh के बयान की बुनीयाद पर जीआरपी थाना पटना में एक FIR दर्ज कीया गया है लेकीन इस एफ आइ आर से इमतीयाज के पास से बम या फ़ोन नंबर वाले स्लीप की बरामदगी का कोई जीकर नहीं है ,ये बात भी इमयीयाज की गीरफतारी और उसके पास से बम बरामद होने की कहानी को संदेहास्पद (mystrious ) बना देती है , इसी अखबार में छपी खबर के मुताबीक नरेंदर मोदी की हीफाजत के लीए बड़ी तादाद में bihar police के जवान के अलावा- बी जे पी के volunteers और करीब 200 की तादाद में private guards तैनात कीए गए थे ,तो फीर इतने शख्त हीफाजती इन्तेजाम (टाइट security) के बावजूद कीस तरह दह्शतगर्द बड़ी तादाद में गाँधी मैदान में बम plant करने और मेन CCTV के तार काटने में कामयाब हो गए।ये बात भी गौर के काबील है के ठहर ठहर लगातार बम धमाका होता रहा और लोग इसमें मरते और जख्मी होते रहे लेकीन इसके बावजूद गाँधी मैदान में कोई भगदर नहीं मची। क्या ये इस बात का इशारा नहीं के प्रबंधक ये जानते थे के रैली की मेन जगह पर कोई धमाका नहीं होगा ? उपरोक्त बातों को मद्दे नजर रखते हुए पटना serial blast के सील सीले में अखबारों में छपी ख़बरों की बुनीयाद पर central home ministar और home secretary bihar सरकार से गुजारीश करता हूँ के सच्चाई का पता लगाने के लीए "एन आई ए" की टीम को नीचे लीखे सवालों की तफ्तीश के दौरान गौर करने का हुक्म दें ।

क्या इम्तीयाज को "जी आर पी "के स्टाफ ने giraftar कीया था या "आर पी एफ" क़ी टीम ने jiski अगुवाई असीसटेंट security कमीशनर shri BK markatiya कर रहे थे ? या गीरफतारी के फ़ौरन बाद इम्तीयाज के पास से बम या फोन नंबर लीखा स्लीप बरामद हुआ था ?
अगर हां तो इस बात की चरचा एफ आई आर या "आर पी एफ़ "के जरीये भेजे गए report में क्यों नहीं है? गांधी मैदान में security के जबरदस्त इन्तेजाम और बड़ी तादाद में BJp के volunteersऔर करीब 200 private security guard की मौजूदगी में कीस तरह दहशतगर्द बम प्लांट करने में कामयाब हो गए ? गांधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया? और जबरदस्त security के इन्तेजाम के बावजूद ये इतनी आसानी से कैसे मुमकीन हो सका ? क्या गाँधी मैदान में दहशतगर्दों को आजादी से घुमने की छुट थी ? मोदी की रैली के केवल एक रोज पहले एक खाली सूट केस बरामद हुआ था उसकी फॉरेंसिक जांच क्यों नहीं कराइ गई ? क्या धमाके के बाद गाँधी मैदान से जो जीन्दा बम बरामद कीए गए थे उसके plastic रैपर पर गुजरात की कंपनी का नाम दर्ज था जो इस बात का इशारा नहीं है के दहशतगर्द गुजरात से आये थे ? जीस टाइमर घड़ी को blast के लीए इस्तेमाल कीया गया था ये सभी घड़ीयां लोटस brand की थीं - ये घड़ीयां कहाँ बनती हैं ? और इतनी बड़ी तादाद में इसकी खरीदारी कहाँ से की गई? इसका भी पता लगाना जरुरी है ।
लेहाजा सच्चाई का पता लगाने के लीए तफ्तीश के दौरान उपरोक्त सवालों पर गौर करना बहुत जरुरी है इसके लीए CCTV फुटेज और sciencetific तफ्तीश का सहारा लेना होगा । (urdu daily qaumi tanzeem patna dated,6/10/2013 ,पेज 6 से
सैयद मोहम्मद महफूज आलम retired जज, पटना high court )

patna serial blast - गाँधी मैदान में लगे मेन CCTV के तार को कीसने अलग कीया ?और जबरदस्त security के िइन्तेाम के बावजूद ये कैसे मुमकीन हुआ?


गांधी मैदान म security के जबरदत इतेजाम और भारी संया म "बी जे पी " के volunteers और 200 private security guard क मौजूदगी म कस तरह दहशतगद बम लांट करने और धमाका करने म कामयाब हो गए ?गाँधी मैदान म लगे मेन CCTV के तार को कसने अलग कया था ? और जबरदत security के इतेजाम के बावजूद आखीर ये कैसे मुमकन हो सका ? या गांधी मैदान म दहशतगदं को आज़ादी से घुमने क छुट थी ? मोदी क रैली के सीफ एक रोज़ पहले खाली सूटकेस बरामद हआ था , उसक forensic जाँच य नह कराई गई ?.......... Posted on: 09-November-2013

भाजपाकतरफ से पीएमके उमीदवारजनाबनरदरमोदीक पटनारैलीम धमाके औरउनधमाकम आधा दरजनलोगके मरने औरबहतसारे अफरादके जमीहोने के मामले कजीतनीभी आलोचनाक जाएकम है ,लेकनतवीशनाक बातये है के हमेशा कतरह शकक सुईindian mujahedin क तरफ ही गई है ,यके इस सील सीले म बम धमाके म कथत तौर पे शामील एक शस (इतीयाज) को पटना जंशन के लेटफ़ॉम नंबर 10 के toilate म हए धमाके के फ़ौरन बाद giraftar कया गया था और ख़बर के मुताबीक उसने police के सामने िदए गए अपने बयानम उस बमधमाके म indian mujahedin के मोलौवीश होने क बात कबूलकर ली है । एक अख़बार म छपी खबर काबारीक से जाएजा लीया जाये तो इमतीयाज क गीरफतारी और उसके पास से बम क बरामदगी ही शक के दाएरे म आ जाती है ।दीनांक 28/10/13 के Hindustan Times म खबर छपी खबरके मुताबीक सुबह 9:30 बजे पटना जंशन के लेटफ़ॉम नंबर -10 के toilate म धमाका हआ और उसके 10 मीनटके अदरही GRP पटनाके इंपेटर ने एकशस(इतीयाज)को पकड़लीया।लेकन इसखबरको आरपीएफने गलतऔर झूठाबताया औरदावा कयाके इसशस (इमतीयाज) कोआर पीएफ के जवान ने गीरफतार कयाथा। दीनांक31/10/13 के Hindustan Times पेज 2 परजनाब अतुल पाठक IGCSCRPF के हवाले से खबरछपी है जीसमे shri pathak ने कहा है के जी आर पी पटना का दावा बीलकुल झूठा है और हककत ये है के इमतीयाज को आर पी एफ के असीसटट security कमीशनर shri बी के मरकटीयार ने िगरतार कया था । उहने ये भी दावा कया है के अगर cctv footage का मुआयेना कया जाये तो उनक बात सच साबीत होगी ।उहने अपने बयान म इतीयाजके पास से बमबरामदहोने कबातनहकही इसतरहइतीयाजकgiraftaari औरउसके पाससे बमबरामदहोने क पुरीकहानीही शक के दाएरे म आ गई है लेहाजा एन आई ए के टीम को सचाई का पता लगाने के लीए CCTV फुटेज का बगौर मुआएना करना चाहीये और साइंटीफक investigation पर जेयादा भरोसा करना चाहीये । hindustan times म ही 1/11/13 को छपी खबर के मुताबीक जी आर पी के inspector रामपुकार singh के बयान क बुनीयाद पर जीआरपी थाना पटना म एक FIR दज कया गया है लेकन इस एफ आइ आर से इमतीयाज के पास से बम या फ़ोननंबर वाले लीप क बरामदगीका कोई जीकरनह है ,ये बात भीइमयीयाज क गीरफतारीऔर उसके पास से बमबरामद होने क कहानीकोसंदेहापद(mystrious) बनादेती है , इसी अखबारम छपीखबरके मुताबीकनरदरमोदी कहीफाजत के लीए बड़ी तादाद म bihar police के जवान के अलावा- बी जे पी के volunteers और करीब 200 क तादाद म private guards तैनात कए गए थेc ,तो फर इतने शत हीफाजती इतेजाम (टाइट security) के बावजूद कस तरह दशतगद बड़ी तादाद म गाँधी मैदान म बम plant करने औरमेन CCTV के तार काटने म कामयाब होगए।ये बात भीगौर के काबील है के ठहर ठहर लगातारबम धमाकाहोता रहा औरलोग इसम मरते और जमी होते रहे लेकन इसके बावजूद गाँधी मैदान म कोई भगदर नहमची। या ये इस बात का इशारा नह के बंधक ये जानते थे के रैली क मेन जगह पर कोई धमाका नह होगा ? उपरो बात को मे नजर रखते हए पटना serial blast के सील सीले म अखबार म छपी ख़बर क बुनीयाद पर central home ministar और home secretary bihar सरकार से गुजारीश करता हँ के सचाई का पता लगाने के लीए"एनआईए" कटीमकोनीचे लीखे सवालकततीशके दौरानगौरकरने काहमद ।

Congress नेता digvijay singh ,और सुबोधकांत सहाए जैसे दीगज नेता गया और पटना सीरयल धमाक म बी जे पी क कारतानी तो जनाब नीतीश कुमार cm of bihar big conspiracy करार पहले दे चुके ह तो दूसरी तरफ कुछ महपूण िबदुओं को नजरअंदाज कर जाँच एजसय के जरये नीकले नतीजे और एक समुदाय िवशेष क गरतारी ज़माने को पच नह रही,पचे भी य इनके कारनाम के काली इितहास जो सामने है। (dinank 8/11/2013 राीय सहरा उदू म कािशत एक लेख पेश है जो जाँच agensiyon को बेनकाब करती मालूम


गुजीता 27 अटूबर को हंकार रैली के दौरान हए serial लाट का माटरमाइंड तहसीन अतर को करार िदया जा रहा है ,इस मामले म इतीयाज और बाक दोत क िगरतारी भी हई है ,इसे इंिडयन मुजाहेदीनका कारनामा करार दीया जा रहा है ,लेकन कुछ बीदुओं पर जवाब तलबह ।पहलाये के गाँधीमैदान म बम फकते हएजीस पंकजकुमारको policeने पकड़ाथा ,उसके बारे म कोईसूचनानह है ।पंकज कुमारको police के जरीये पकड़ कर ले जाते हए चैनल ने दीखलाया था ,मगर बाद म उसककोई जानकारी नह मीली , bihar police कोइस मामले को clear करनी चािहए । उसके अलावा बम धमाके क जगह पर गुजरात के रैपर भी मीले थे ,इतना ही नह टाइमर के तौर पर जीन घिड़य का इतेमालकया गयाथा वह ghadiyan (घिड़याँ )गुजरात से खरीदी गईं थ ,जसकतादाद तीनसौ है और जीसम से सफ साईस घिड़यका हीइतेमालहआहै ।इनबातसे तोये सािबतहोताहै के धमाके के पीछे गुजरातकनेशनहै ,औरसेयासीफ़ायदाउठाने कगरजसे ये बमधमाके कराये गए ।बीजेपी ने हमेशा नफरत कसेयासत क है । इससे पूव भी देशम दजन थानो पर बमधमाके हए ह जीस म सै बेगुनाह मुलीम नौजवानकोिगरतारकरके जेलम बंदकरदीयागया ,लेिकनबादम जांचम पताचला के उनधमाकम ठाकुरपरगया संह ,असीमानंद ,करनल पुरोहीतऔर बाकदुसरे आर एसएससे जुड़े हएलोग shamilथे जीसका परदाफासमुंबईए टीएसचीफ हेमंतकरकरे ने कयाथा , लेकनमुंबई हमले के दौरान उह भी क़लकर दीयागया ,जीसके कारण आगे क जांचभािवत होगई ,अगरवह jindaरहते तोआर एसएस औरबीजेपी के कईबड़े औरकावरनेताजेल कसलाखके पीछे होते ।मेरातो माननाहै के पटना म जोसीरयललाट हएह इस म भीआला सतहीसाजीश गुजरातम तैयारकया गयाऔर पैसे के जोर परबेरोजगार मुलमनौजवान को मोहराबनया गया । एनआई ए कोचािहये के इन बीदुओं परभी ततीश करे और धमाक के पीछे जीन तय का हाथ है उसे बेनकाब करे । bihar के वजीर ए आला नीतीश कुमार को भी इन मामल क जांच अपनीसतहसे करानीचािहएताके हककतकापतालोगकोचलसके। (M J imam ,patna) biharbroadcasting.comtext-align: left;" trbidi="on">


पटना धमाके क ततीश पर लगा सवलया नीशान ,जांच ajensiyon के पल पल बदलते दावे ।Patna bomb dhamake ki taftish par sawaliya nishan ,janch agebsiyon ke pal pal badalte dawe. Janch agensiyon ne patna aur bodh geya dhamaaka mamle ko hal karne ka dawa karte huye kaha ke dono dhamaake indian mujahedin ne hee karaye the . dono maamle mein ranchi ke imtiyaaj ansari aur unke saathiyo ka aham kirdaar tha magar janch agensiyan khastaur se NIA duniya ko bataye ke 21October 2013 ko khabar aai ke NIA ne bodh geya dhamaka mamle ko hal kar liya hai .khabar mein ye bhi bataya geya tha ke wardaat mein geya ke asthaniye logo ke shaamil hone ke pukhta sabut mile the,sajish ke taar patna se jude hone ki baat bhi saamne aai thi , media ne NIA ke hawale se ye bhi dawa kiya tha ke giraftaar logon ke beyano ki buniyad par janch agensiyan ek do dino mein mastermind tak pahuch jayegi. ye uprokt dawa tha NIA ka jo patna serial blast ke pahle kiya geya tha , sawal ye uthne laga hai ke aakhir aisa keya aur keyon hua ke patna blast ke baad pahle ke dawe kharij ho gaye,aur imtiyaj ansari aur uske doston ke taar bodh geya dhamake se bhi jud gaye , is sawal ka jawab na sirf NIA ko dena hoga balke bihar police ko bhi, jisne pichle dino dono dhamakon ke liye jimmedar IM ko karar dete media ke saamne najar aaye.keyonke uprokt dono khulaason me aasmaan aur jamin ka fark hai. ( rashtriye sahara urdu dinanak .8/11/2013)


पटना धमाके क ततीश पर लगा सवलया नीशान ,जांच ajensiyon के पल पल बदलते दावे ।Patna bomb dhamake ki taftish par sawaliya nishan ,janch agebsiyon ke pal pal badalte dawe. Janch agensiyon ne patna aur bodh geya dhamaaka mamle ko hal karne ka dawa karte huye kaha ke dono dhamaake indian mujahedin ne hee karaye the . dono maamle mein ranchi ke imtiyaaj ansari aur unke saathiyo ka aham kirdaar tha magar janch agensiyan khastaur se NIA duniya ko bataye ke 21October 2013 ko khabar aai ke NIA ne bodh geya dhamaka mamle ko hal kar liya hai .khabar mein ye bhi bataya geya tha ke wardaat mein geya ke asthaniye logo ke shaamil hone ke pukhta sabut mile the,sajish ke taar patna se jude hone ki baat bhi saamne aai thi , media ne NIA ke hawale se ye bhi dawa kiya tha ke giraftaar logon ke beyano ki buniyad par janch agensiyan ek do dino mein mastermind tak pahuch jayegi. ye uprokt dawa tha NIA ka jo patna serial blast ke pahle kiya geya tha , sawal ye uthne laga hai ke aakhir aisa keya aur keyon hua ke patna blast ke baad pahle ke dawe kharij ho gaye,aur imtiyaj ansari aur uske doston ke taar bodh geya dhamake se bhi jud gaye , is sawal ka jawab na sirf NIA ko dena hoga balke bihar police ko bhi, jisne pichle dino dono dhamakon ke liye jimmedar IM ko karar dete media ke saamne najar aaye.keyonke uprokt dono khulaason me aasmaan aur jamin ka fark hai. ( rashtriye sahara urdu dinanak .8/11/2013)

Patna serial blast mamle mein All india imams council ne ki Bjp neta magal panday ke dawe ki high level inquiry ki mang.(पटना सीरयल लाट म आल इंिडया इमास कसल ने क बीजेपी नेता मंगल पांडे के दावे क उच ये





All india imams councilu ke vice president janaab mahbub alaam ne press release jari kar kaha hai ke 27 October ko patna ke gandhi maidaan aur patna junction par huye bomb dhamakon mein 6 qimatiq jaane chali gayin iska afsos hai aur behad dukh bhi . unhon ne apne beyaan me ye bhi kaha hai ke ye bomb dhamaake seyasi maalum padte hain ,aur aisa malum hota hai ke ye sab bahut badi sonch samjhi sajish ke tehat karai gai ho .lekin bahut he afsos ke saath kahna parta a hai ke janch agensiyan aur khufiya agensiyan apne seyaasi aqaaon ko khus karne ke liye jaanch ki disha ko galat rukh de di hai. afsos to tab hota hai ke desh ki sabse imandaar agensi bhi reyaasti agensiyon ki raah par he chal padi hai , iska jita jaagta jagta mishaal mehar alam ke saath desh ki sabse imaandar atankwad nirodhak daste ke jariye barti gai rawaiya hai , jisne aam desh wasiyon ko bahut kuch sonchne ke saath he tarah ke sawal uthaane ka mauka de diya hai.mehar alam se NIA 23 October 2013 se he puch tachh kar rahi thi , puch taach ke dauran ghar walon ne torture kiye jaane ka iljaam bhi lagaya hai,sawal paida hota hai ke jab mehar alam janch agency ke sampark mein pahle se tha ,janch agenciyon ki madad kar raha tha jaisa media report ke hawaale se is sambandh mein khabre aati rahi hai ,aisi surat mein torture ka keya matlab nikalta hai? janch agensiyon pe sawal uthane ke liye ye kaafi nahi ke mehar alam ki pahle puch taach ke liye giraftaari hoti hai,fir farari hoti hai aakhir aisa keyon hua? NIA is baat ka bhi jawaab de ke mehar alam kahan hai,kis haal mein hai? janch agensiyan is baat ka bhi jawab de ke jab mehar alam ke phone pe pahle se hee najar rakhi jaa rahi thi,aur 23,October 2013 ko puchh tach bhi geya blast mein chal rahi thi,aur mehar alam patna blast ke aropiyon ke shayogi bataye jaate hain aisi surat mein patna ke gandhi maidan aur patna junction pe atankwadion(दहशतगदं ) ne blast karne mein kamyaabi kaise hasil karli ? keyon nahi jach agensiyan blast hone se pahle hee maamle ka khulasa kiya taake masumon ki jaane bach jatin,magar is maamle mein aisa nahi hua,aur aisa nahi hona hee abtak ki jaanch aur tarah tarah ke daawe aur khulase par sawaliya nishan lagaane ke liye keya kafi nahi hai?

मेहर आलम को इन्साफ नहीं मीला तो उसके पीता करेंगे आत्मदाह । देश की सबसे बड़ी आतंकरोधी जांच एजेंसी पे ही उठ खड़े हुए सवाल?


मेहर आलम को इन्साफ नहीं मीला तो उसके पीता करेंगे आत्मदाह । देश की सबसे बड़ी आतंकरोधी जांच एजेंसी पे ही उठ खड़े हुए सवाल? कहीं ये ghinauni खेल राजनितिक दबाव में तो नहीं हो रहा ,एक साथ दो मशहूर आतंकवादी घटनाओं के असल दहशतगर्दों को बचाने का खेल? मीशालें एक नहीं दर्जनों हैं। चाहे इशरत जहाँ फर्जी एनकाउंटर का हो या ajmersharif धमाका का । या समझौता express blast कांड ऐसे उदाहरणों की कमी नहीं। इन घटनाओं ने साबित कर दिया था के एक पढ़ा लीखा सरीफ इंसान और officers भी ऐसा कर सकता ,वह भी जिसने insaaniyat और manauta की raksha करने की कसम खाई हो?और उसी के नाम पर घर के चीराग जल रहे हों। लेकीन सवाल पैदा होता है के क्या गया और पटना ब्लास्ट मामले में भी पूर्व की तरह वही गंदी खेल चल रहा ? media के जरीये आ रही report अछ्छे संकेत नहीं दे रहे ।बहर हाल पेश है दुनिया के सामने urdu dainik qaumi tanzeem डेटेड 3/11/2013 की report.........

हया घाट, दरभंगा (wishwanaath chaudhri)
मेहर आलम की बुनीयादी तालीम गाँव के ही urdu primary school हुई ।lahariya सराए मदरसा से हाफीज की पढ़ाई 15 साल की उम्र में पूरी की। हाफीज की पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद दरभंगा से ही आई टी आई fitter trade में हासिल की । उसके बाद मेहर आलम आम लोगों की तरह नोकरी की तलाश में देहली गया । उसकी khaahish थी के बड़े भाई के पास सऊदी जाकर कमाई कर सके और घर की गरीबी दूर करने में हाथ बटाए..... इसी बीच 23 अक्टूबर 2013 को एन आई ए ने मेहर आलम को दरभंगा बुलाया और कुछ घंटे पूछ ताछ के बाद उसे छोड़ दीया।एन आई ए के अफसर ने कहा के जरुरत पड़ने होने पर उसे दुबारह बोध गया स्थित एन आई ए कैंप में आना होगा ।बाद में गया के बदले पटना बुलाया गया , चुनानचे वह बेला खौफ और गाँव के कुछ pratishthit लोगों के साथ पटना के लीये नीकला । पीता महबूब आलम के मुताबीक पटना जाने से कबल एन आई ए के एक अफसर के साथ बात हुई ,जीसमें कहा गेया के उनका एक आदमी incom tax चौराहे पर पहुँच रहा है ।कुछ देर के बाद -BR1AB3201 नम्बर की मोटर साईकल से समीर नाम का एक नौजवान आया , जिससे बात करने पर मेहर आलम ने अपने पीता को बताया के दरभंगा में पूछ ताछ के वक़्त ये नौजवान्भी मौजूद था ।मेहर के वालीद से उस नौजवान ने कहा के आप लोग घर चले जाएँ ,मेहर आलम को एक दीन बाद घर पहुंचा दीया जाएगा ।लेकीन 72 घंटे के बाद भी मेहर आलम का कुछ पता नहीं चल रहा था ,दो दीन स ेमेहर मेहर आलम का मोबाइल भी बंद था।उसके वालीद ने बताया के एन आई ने बताया के एन आई ए के एक अफसर पीटर ने मोबाइल नंबर -09650245743 से फोन कर मेहर आलम से बात कराया ।मेहर आलम ने बताया के खाना पीना मील रहा कोई परीशानी नहीं है ,और 30 अक्टूबर 2013 को सुबह् में घर चला आऊंगा । जब 30/10/13 को सुबह में बात करने की कोशीश की गई तो उसका नंबर ऑफ था । इधर शाम सात बजे पिता ने पीटर से बात की तो उसने बताया के मेहर आलम भाग गया है ,अगर घर आये तो फोन करना ।और पीता महबूब आलम की मानें तो उसका बेटा बेक़सूर है , और कीसी बड़ी सजीश के तेहत उसे फंसाया जा रहा है ।उनहोंने मेहर आलम के क़त्ल का भी संदेह जताया है । साथ ही ये भी कहा है के अगर इंसाफ नहीं मिला तो आत्मदाह कर लूँगा ,दूसरी तरफ मेहर की माँ का रोते रोते बुरा हाल है , वह न कुछ कह पातीं हैं और न ही कुछ बोल पातीं हैं ,बस एक ही बात मेहर को कोई फंसा रहा है । सीधौली समेत अगल बगल के गाँव में दहशत का माहौल है।

(urdu dainik qaumi tanzeem , patna .dated- 3/11/13)

अरशद के बूढ़े माँ बाप समेत गाँव वालों ने एक सुर में कहा अर्शद बेकसूर

अशद के बूढ़े माँ बाप समेत गाँव वाल ने एक सुर म कहा अरशद बेगुनाह

पटना लाट के मुख आरोपी इतेयाज अंसारी के साथ संबंध के कारण जांच के दाएरे म अरसद के बुढ़े माता िपता सहीत गाँव वाल ने कहा अशदबेगुनाह।मोतीहारी(अकल मुताक) -बूढ़े बाप मुतकमने कहा...armyके जवान कसेवाम उनकउमर गुजरीहै ।अपनी इमानदारीक कमाईसे अपने बचको तालीमदेने के अलावाकुछनहिकया ।उनकाबेटा संदेहापदकरदारकानहहोसकता।ऊपरवाले से पूरीउमीदहै के जाँच म उनका बेटा बेक़सूर साबीत होगा,army क बेहतर सेवा के लीए कई बार army के अफसर ने संशा प से नवाजा है। माँ ने कहा ? माँ अलीमा ने कहामेरा बेटा मासूम । गाँव वाल ने कहा के बचपन से उसक सेराफत देखते आये ह ,जो आरोप लगरहे उसपे हम लोगको यकन नह हो रहा , ऐसे म उसको लेकर जीस तरह क खबर अखबार म prakashit हो रही उससे हम लोग को तकलीफ होती है, हाँ शादी क बात रांचीम चल रहीथी ,शादीको लेकरहीरांचीके कुछ लोगसे उसकबात होतीथी।खैरहकक़तजो भीहोलेिकन police रांचीबािशंदाइतयाज से अशदके संबंधकपुीकरतीहै। urdu dainik , qaumi tanzeem , dated- 2/11/2013

patna blast ka gujrat connection taftish ki darkaar


पटना ब्लास्ट का गुजरात कनेक्शन
पटना के इतिहासिक गाँधी मैदान में भारतीय जनता पार्टी की हुँकार रैली के दौरान होने वाले आठ सिलसिलेवार बम धमाके के बाद इसकी तफ्तीश राष्ट्रीय जांच एजेंसी अथवा एन आई ए के सुपुर्द किये जाने के फैसले को बेला सुबह सही दिशा में उठाया गया एक सही क़दम करार दिया जायेगा । कयोंके एन आई ए इस तरह के मामलात और वक़ेआत की जाँच परताल में काफी महारत और तजरबा रखती है; लेकिन इन बम धमाकों को लेकर जिस तरह की बयानबाजी और सियासी गुटबंदी शुरू हो गई है उसको देखते हुए ये शक पैदा होता है के जाँच एजेंसी शायद ही कीसी सही नतीजे पर पहुच सके । ऐसे तो स्थानिये पुलिस ने ही धमाके के दिन ही यानी इतवार को पटना जंक्शन पर जख्मी हालत में इम्तेयाज अंसारी और tarique को गिरफ्तार करने के बाद इस मामले में संलीप्त कथीत इंडियन मुजाहेदीन के 6 कथित लोगों की निशानदेही करने में कामयाबी हासिल करने का दावा किया है ' लेकिन इन गिरफ्तारियों और बम धमाकों की नौइयत और उद्द्येशों को लेकर विभिन स्थानिये अख्बारात के पन्नो और टेलीविज़न चैनलों पर जो details पेश की जाती रही हैं उनको पढ़ने और सुनने के बाद बिहार पुलिस के दावे में कई तरह के वीरोधाभासी बातों का पता चल रहा है । हालाके मंगल को रांची में एन आई ए के अलावा पटना पुलिस ; बिहार पुलिस और रांची पुलिस की टीम ने तहसीन ; हैदर ; नोमान ; और तौफीक की तलाश में कई जगह छापे मारी लेकिन उसको कोई कामयाबी नहीं मिली। एन आई ए के मुताबिक़ पटना के गाँधी मैदान में हुए बम धमाकों में indian mujahedin के जिस दहशतगर्द का हाथ होने का साबुत मिल रहा है वह बिहार में समस्तीपुर जिला के कल्यानपुर थाना के मन्यारपुर गाँव का रहने वाला तहसीन उर्फ़ मोनू है ' जो आई एम् मास्टरमाइंड यासीन भटकल की गिरफ्तारी के बाद से इस तंजीम को सरगना की हैसियत से चला रहा है । तहसीन की गिरफ्तारी पर एन आई ए ने दस लाख रूपये का नक़द इनाम का एलान कर रख्खा है लेकिन वह अपनी चालाकी से अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा है । जांच एजेंसियों का कहना है के tarique और इम्तियाज अंसारी ने अब तक पुलिस को जो सूचना उपलब्ध कराई है उसकी बुनियाद पर ये वाजेह हो गया है के तहसीन ने ही इस बम धमाके का योजना तैयार किया था।ऐसे तो एन आई ए ,एन एस जी और बिहार पुलिस के अनेकों branch जैसे civil पुलिस के अलावा रेलवे पुलिस वगैरह भी इस सनसनीखेज वाकेया की तफ्तीश में शुरू दिन से ही लगी हुई है और कई कथित दहशतगर्दों की गिरफ्तारी का दावा भी किया जा रहा है और इन जेरे हिरासत दहशतगर्दों की तरफ से किये गए खुलासे के बुनियाद पर पुरे मामले की जांच में काबिले लिहाज पेश्रफ्त का एलान भी सामने आ रहा है लेकिन हैरत की बात ये है के बिहार का कोई भी आला पुलिस अफ़सर या एन आई ए का कोई जिम्मेदार इस बारे में खुल कर बात करने के लिए तैयार नहीं देखाई दे रहा है । आखीर इसकी वजह क्या है ?क्या इन तमाम जाँच एजेंसियों में कोई ताल मेल नहीं है? या फिर साड़ी एजेंसियां महज पुराने रेकॉर्डों के बुनियाद पर कुछ लीगों को पकड़ने में कामयाब हो गई हैं ?लेकिन उनको इस संगीन जुर्म से जोड़ने के लिए कोई ठोस बुनियाद या कोई ठोस साबुत तलाश करने में नाकाम रहीं हैं ? जैसा के मैंने पहले ही कहा के जांच agensiyon की अबतक की हसुल्याबिओन की बाबत मीडिया में जो खबर आई हैं उसमें बहुत ही वीरोधाभास पाया जा रहा है । पटना के एस एस पी ने दावा किया था के इन बम धमाकों का मकसद खुद नरेंदर मोदी को निशाना बनाना नहीं था कयोंके सारे के सारे बम स्टेज से काफी दूर फीट किये गए थे , लेकिन कुछ अख्बारात में इंटेलीजेंस या जांच एजेंसियों के हवाले से खबर पेश की गई है के हमलावरों का असल मकसद नरेंदर मोदी को ही निशाना बना था और इन्तेहपशंदों ने इसके लिए काफी दिनों से प्लानींग कर रख्खी थी । report के मुताबीक इम्तियाज अंसारी ने जो जो इन्कसफात किये हैं उसके मुताबीक इन्तेहपशंदों ने मोदी के लिए मछली नंबर 5 का कोड फीक्स कर रख्खा था जबके शिवसेना के पूर्व chief बाल ठाकड़े के लिए मछली नंबर 1 कोड तैय कर रख्खा था । सवाल ये है के क्या इंडियन मुजाहेदीन के ये कथीत दहशतगर्द hindustaan में रहते हुए इस हकीक़त से अनजान हैं के बाल ठाकड़े दुनिया से कब के वीदा हो चुके हैं? इसी तरह की खामियां हर report में नजर आये गी जिससे पता चलता है के ये सारी की सारी report फर्जी और मनगढ़ंत हैं जिसको प्रकाशित करने का मकसद एक विशेष समुदाय के खेलाफ गलतफहमियां फैलाना और समाज में सम्पर्दैकता की हवा देना है । वैसे मेरा खेयाल है के रा सरकार को कोंग्रेस के उन दो बड़े leaders दीग वीजय सींह और सुबोध कांत सहाए के उस बयान पर धेयान केंद्रीत करनी चाहीए ,जिसमे ये दावा किया गया है के भारतीय जनता पार्टी ने नरेंदर मोदी को हीरो बनाने के लिए ये धमाके कराये हैं । इस बयान का आधार क्या है ? इसकी गहराई से छानबीन होनी चाहिए ,हालाके अफ़सोस का मोकाम ये है के खुद जनता दल (यू )

के लीडर इस मामले में मुद्दई सुस्त और गवाह चुस्त वाली policy पर अमल कर रहे हैं । नरेंदर मोदी की हिफाजत के मामले में कोताही और लापरवाही बरतने का इल्जाम वजीरे आला नीतीश कुमार पर लगाया जा रहा है लेकिन सवाल ये है के मोदी की आमद से पहले गुजरात के कई आला पुलिस अफसर सारे हिफजती बंदोबस्त का खुद जाएजा लेने के लिए दो दिन पहले से ही पटना आये हुए थे और उसे ए टू जेड इन्तेजामात की निगरानी से मोकम्मल तौर पर वाबस्ता रहे थे , आखीर उनहोंने कहाँ कोताही बरती या उनसे कहाँ चुक हुई ? कहीं गुजरात के उन पुलिस अफ्सरोंने ही अपने सियासी आका के इशारे पर कुछ इस तरह की गड़बड़ तो नहीं करवादी थी ताके बी जे पी को नितीश कुमार और उनकी हुकूमत के खेलाफ प्रोपेगंडा करने के साथ साथ रियासत के अल्पसंख्यकों को बदनाम करने का एक अछ्छा हथीयार हाथ आ जाए ? गुजरात पुलिस वैसे भी फर्जी एनकाउंटर ,सम्पर्दाइक दंगों में अपनी संलिप्तता के लिए कुख्यात रही है । इसे महज इत्तेफाक नहीं करार दिया जा सकता के इस वक़्त गुजरात पुलिस के 30 छोटे बड़े अफसर विभिन तरह के दंगों के मामले में खुद अपने ही राज के विभिन जेलों में बंद हैं । फर्जी एनकाउंटर में मोदी के सियासी विरोधियों का सफाया करने और मासूम लोगों को कसूरवार और दहशतगर्द साबित करने के लिए नाजायेज हथियार और गोला बारूद उनके करीब प्लांट कर देने के अनेकों मामले में गुजरात पुलिस की संलिप्तता की बात प्रकाश में आ चुकी है ।वैसे भी मोदी ने नितीश कुमार को अपना सबसे बड़ा सियासी दुश्मन समझते हुए उनके खेलाफ जिस तरह की मोकम्मल सियासी जंग छेड़ रख्खी है इसमें वह किसी भी हद तक जा सकते है । काबिले गौर बात ये है के मोदी पार्टी सतह पर तो नीतीश कुमार के खेलाफ कट्टर विरोधी हैं ही ,उनसे उनकी दुश्मनी जाती नौइयत की भी हो गई है कयोंके मोदी की उमिद्वारी को लेकर नितीश कुमार ने ही बी जी पी से अपना नाता तोडा है ।नरेंदर मोदी पर इक्तेसादी और पुर तसद्दुद सेयासत करने का इल्जाम भी लगता रहा है , चुनान्चे मेरा खेयाल है के पटना बम धमाकों के गुजरात कनेक्शन की भी पूरी पारदर्शिता और गहराई के साथ छान बीन की जानी चाहीये । यहाँ पर ये बात भी गौर करने के काबिल है के पटना पुलिस के मुताबीक गाँधी मैदान में जो कई बम मीले हैं उस पोलीथीन पर गुजरात का पता लीखा हुआ है ।जांच एजेंसियां अभी तक वही पुरानी घिसी पीटी डगर पर अपनी तफ्तीश को आगे बढाने की कोशिश में लगीं हुई हैं जबके उन्हें गुजरात के उन तमाम पुलिस अफसरों से जो पटना आये थे सख्ती के साथ पूछ ताछ करनी चाहिए और ये पता लगानी चाहिए के गुजरात से कुछ दुसरे लोग भी किसी ख़ास मकसद के लिए पटना तो नहीं बोलाए गए थे ।मेरे खेयाल में जब तक इस मामले की हर पहलु से जांच नहीं की जायेगी उस वक़्त तक किसी सही नतीजे पर पहुंचना बहुत ही मुश्कुल होगा ।आम तौर पर देखा गया है के जब भी और जहां भी बम धमाके होते हैं जांच एजेंसियां एक ख़ास फ्रेम और सीमीत फ्रेम वर्क करके छोड़ देती है जिसके नतीजे में जेयादा तर मामले में बेक़सूर नौजवान ही कानून के शिकंजे में फंसते हैं और आरोपी साफ़ तौर से बच जाते हैं। (मसुदुल रब -urdu dainik pindaar पटना दीनांक 1/11/2013)